Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा देने के मुद्दे पर बोले उमर अब्दुल्ला, मेरे सब्र को कमजोरी न समझे केंद्र

    8 hours ago

    1

    0

    श्रीनगर में अपनी दादी अकबर जहां की 26वीं पुण्यतिथि के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य का दर्जा बहाल करने के मामले में उनके सब्र को उनकी कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए। हजरतबल में अपने दादा-दादी की मजार पर पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उमर अब्दुल्ला ने केंद्र से पूछा कि आखिर वह उपयुक्त समय कब आएगा और इसकी स्थिति कब स्पष्ट होगी।मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने केंद्र की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि केंद्र सरकार लद्दाख के लोगों से बातचीत करने के लिए तैयार है, तो फिर जम्मू-कश्मीर के लोगों से बातचीत करने में क्या परेशानी है। अपनी दादी को याद करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने उनसे हमेशा धैर्य रखने की सीख ली है, लेकिन धैर्य रखने का मतलब चुप रहना या अपने अधिकारों के लिए आवाज न उठाना नहीं होता। उन्होंने साफ किया कि सब्र ही उनकी ताकत है और यही कामयाबी का जरिया बनेगा।मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से आत्ममंथन करने को कहा कि सत्ता में आए डेढ़ साल से अधिक का समय बीतने के बाद भी जम्मू-कश्मीर की सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस को जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को विरोध प्रदर्शन करने की जरूरत क्यों पड़ी। उमर ने कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक भविष्य और प्रतिष्ठा को दांव पर लगाकर हमेशा हिंसा के बजाय बातचीत का रास्ता चुना, जबकि उन्हें पता था कि यह फैसला उनके राजनीतिक करियर के लिए काफी जोखिम भरा हो सकता है।इस दौरान नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने भी केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने 24 जून 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक को याद दिलाया, जिसमें प्रधानमंत्री ने दिल्ली और जम्मू-कश्मीर के बीच विश्वास की कमी को दूर करने की बात कही थी। फारूक अब्दुल्ला ने सवाल किया कि क्या वाकई वह दूरी कम हो सकी है? उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों का भी आत्मसम्मान है, वे भारत के ताज हैं, पैर के जूते नहीं।फारूक अब्दुल्ला ने भाजपा नीत केंद्र सरकार पर उपराज्यपाल के जरिए राज्य की शासन-व्यवस्था को नियंत्रित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अगर राजभवन के माध्यम से ही लोगों को परेशान करना था, नौकरियों से निकालना था और बुलडोजर चलवाना था, तो फिर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को आगे क्यों बढ़ाया गया। उमर अब्दुल्ला ने भी इस बात का समर्थन करते हुए कहा कि केंद्र को पहले ही बता देना चाहिए था कि वे सरकार के हाथ पीछे बांधकर काम कराएंगे और ऐसे अधिकारी देंगे जो फैसलों को लागू नहीं करेंगे।अंत में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने स्थानीय चुनाव कराने की केंद्र की मंशा पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वे भी स्थानीय निकाय और पंचायत चुनाव चाहते हैं, लेकिन इन चुनावों को कराने का उपयुक्त समय क्या होगा, इसका फैसला जम्मू-कश्मीर की चुनी हुई सरकार ही करेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने उनकी शालीनता और चुप्पी का मजाक बना दिया है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    विपक्ष पर बरसे सीएम योगी, पूछा- सवाल उठाने वाले बताएं उन्होंने अपने शासन में क्या किया
    Next Article
    पंजाब कांग्रेस में सब एकजुट, आलाकमान के फैसले पर किसी को आपत्ति नहीं: भूपेश बघेल

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment