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    जमीन विवाद में विधवा को पुलिस ने बताया मानसिक रोगी:सहारनपुर में जांच रिपोर्ट पर सवाल, न्याय न मिलने पर आत्महत्या की चेतावनी

    1 hour ago

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    सहारनपुर में एक विधवा महिला ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि जमीन विवाद से संबंधित उसकी शिकायत की जांच के दौरान पुलिस ने उसे अपनी रिपोर्ट में मानसिक रोगी बता दिया। यह मामला नकुड़ कोतवाली क्षेत्र के गांव जुड्डी का है। गांव जुड्डी निवासी विधवा संतोष का आरोप है कि उसकी कृषि भूमि पर गांव के कुछ लोग कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। महिला के अनुसार,ये लोग उसे अपनी जमीन पर खेती करने से रोकते हैं और विरोध करने पर उसके साथ मारपीट व मानसिक उत्पीड़न करते हैं। संतोष ने बताया कि उसने इस संबंध में कई बार एसडीएम और डीएम से शिकायत की,लेकिन उसे कोई राहत नहीं मिली। इसके बाद महिला ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई,जिसमें उसने आरोप लगाया कि गांव के पांच से छह लोग उसकी जमीन पर अवैध कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। महिला का आरोप है कि जब यह शिकायत जांच के लिए पुलिस के पास पहुंची,तो नकुड़ कोतवाली में तैनात एक दरोगा ने कथित तौर पर आरोपियों से साठगांठ कर ली। दरोगा ने अपनी जांच रिपोर्ट में शिकायतकर्ता संतोष और उसके बेटे को ही मानसिक रूप से बीमार घोषित कर दिया।संतोष ने बताया कि उसे मानसिक रोगी घोषित करने के लिए किसी डॉक्टर या मेडिकल रिपोर्ट का सहारा नहीं लिया गया। पीड़िता का आरोप है कि दरोगा ने उन्हीं लोगों के बयानों के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की, जिनके खिलाफ उसने शिकायत दर्ज कराई थी।इस रिपोर्ट से आहत संतोष अब पुलिस से जवाब मांग रही है। उसने कहा कि यदि वह और उसका बेटा मानसिक रोगी हैं,तो पुलिस उन्हें इसका प्रमाण पत्र दे और यह भी बताए कि किस डॉक्टर ने उन्हें ऐसा घोषित किया है। पीड़िता ने एक वीडियो जारी कर अपनी आपबीती साझा की है। उसका कहना है कि पिछले तीन वर्षों से वह अपनी जमीन पर खेती नहीं कर पा रही है और लगातार परेशान की जा रही है। उसने न्याय न मिलने पर आत्महत्या की चेतावनी भी दी है। सीओ रुचि गुप्ता का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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