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    जौनपुर में दुल्हा हत्याकांड:एनकाउंटर में मारे गए रवि यादव के मकान पर बुलडोजर कार्रवाई पर रोक, 1 अक्टूबर को अगली सुनवाई

    9 hours ago

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    इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जौनपुर के चर्चित दुल्हा हत्याकांड से जुड़े पुलिस मुठभेड़ में मारे गए रवि यादव के परिवार को अंतरिम राहत दी है। कोर्ट ने रवि यादव के मकान के प्रस्तावित ध्वस्तीकरण और बेदखली संबंधी आदेशों के क्रियान्वयन पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। मामले की अगली सुनवाई 1 अक्टूबर 2026 को होगी। रवि यादव के पिता ने अधिवक्ता डॉ. गजेन्द्र सिंह यादव के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। याचिका में कहा गया कि परिवार भूमिधरी गाटा संख्या-625 पर वैध रूप से काबिज है, जबकि प्रशासन ने जिस गाटा संख्या-624 को लेकर कार्रवाई की है, वह राजस्व अभिलेखों में खाद के गड्ढे के रूप में दर्ज है और उससे उनका कोई संबंध नहीं है। बिना सुनवाई कार्रवाई का आरोप याचिका में आरोप लगाया गया कि तहसीलदार ने पर्याप्त सुनवाई का अवसर दिए बिना 4 जून को बेदखली और हर्जाने का आदेश पारित कर दिया। इसके बाद जिलाधिकारी ने 29 जून को अपील भी खारिज कर दी। याचिकाकर्ता ने कार्रवाई से पहले विधिवत सर्वे और सीमांकन कराने की मांग भी उठाई। राज्य सरकार से मांगा जवाब न्यायमूर्ति चन्द्र कुमार राय ने प्रथम दृष्टया मामले को विचारणीय मानते हुए राज्य सरकार और नगर पंचायत को छह सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। इसके बाद याचिकाकर्ता को दो सप्ताह में प्रत्युत्तर दाखिल करने की अनुमति दी गई है। मानवाधिकार आयोग ने भी मांगी रिपोर्ट इससे पहले रवि यादव की पुलिस मुठभेड़ में मौत के मामले में उत्तर प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग ने भी संज्ञान लिया था। आयोग ने जिलाधिकारी जौनपुर से विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब करते हुए पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। अधिवक्ता बोले- कानून की प्रक्रिया का पालन जरूरी याचिकाकर्ता के अधिवक्ता डॉ. गजेन्द्र सिंह यादव ने कहा कि किसी व्यक्ति पर आपराधिक आरोप होने के बावजूद उसके परिवार के वैधानिक और संवैधानिक अधिकार सुरक्षित रहते हैं। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट का अंतरिम आदेश विधि के शासन और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप है तथा प्रशासनिक कार्रवाई में विधिक प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करने वाला है।
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