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    झांसी के जिला अस्पताल में नई इमरजेंसी शुरू:ट्रॉमा सेंटर की तर्ज पर बनाए गए ज़ोन, गंभीरता के हिसाब से भर्ती किए जा रहे मरीज

    23 hours ago

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    झांसी जिला अस्पताल की इमरजेंसी सेवाओं में बड़ा बदलाव किया गया है। अब यहां ट्रॉमा सेंटर की तर्ज पर आकस्मिक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया गया है, ताकि आपात स्थिति में आने वाले मरीजों और घायलों को तुरंत और बेहतर इलाज मिल सके। इसके लिए इमरजेंसी में अलग-अलग ज़ोन बनाए गए हैं, जिससे मरीजों की गंभीरता के आधार पर इलाज किया जा सकेगा। डायरेक्टर स्वास्थ्य डॉ. प्रमोद कुमार कटियार ने बताया कि पुरानी इमरजेंसी बिल्डिंग में अब केवल ओपीडी संचालित की जाएगी। पहले इसी ओपीडी बिल्डिंग में इमरजेंसी भी चल रही थी, लेकिन जगह सीमित होने के कारण मरीजों और स्टाफ को काम करने में काफी परेशानी होती थी। मरीजों की भीड़ अधिक होने से कई बार डॉक्टरों को भी इलाज करने में दिक्कत आती थी और परिजनों को भी इंतजार करना पड़ता था। उन्होंने बताया कि अब जहां पहले आइसोलेशन वार्ड बनाया गया था, उसी बिल्डिंग में इमरजेंसी को शिफ्ट कर दिया गया है। नई व्यवस्था में ट्रॉमा सेंटर की तरह रेड और यलो ज़ोन बनाए गए हैं। यदि कोई मरीज गंभीर अवस्था में अस्पताल पहुंचता है तो उसे सीधे रेड ज़ोन में रखा जाएगा। यहां वेंटिलेटर समेत सभी जरूरी लाइफ सेविंग उपकरण और सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि गंभीर मरीजों का तुरंत उपचार शुरू किया जा सके। रेड ज़ोन में ऐसे मरीजों को रखा जाएगा जिनकी हालत नाजुक होती है, जैसे सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल लोग, हार्ट अटैक, स्ट्रोक या अन्य गंभीर स्थिति में आने वाले मरीज। यहां डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की अलग टीम तैनात की गई है, जो चौबीसों घंटे मरीजों की निगरानी करेगी। वहीं यलो ज़ोन में उन मरीजों को भर्ती किया जाएगा, जिन्हें प्राथमिक उपचार की जरूरत होती है और जिनकी हालत स्थिर होती है। यहां इलाज के बाद मरीजों को सामान्य वार्ड या अन्य विभागों में शिफ्ट किया जा सकता है। इससे इमरजेंसी में आने वाले मरीजों की छंटनी आसान होगी और गंभीर मरीजों को तुरंत प्राथमिकता मिल सकेगी। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि इस नई व्यवस्था से इमरजेंसी सेवाएं पहले की तुलना में ज्यादा व्यवस्थित और प्रभावी हो जाएंगी। इससे मरीजों को जल्द इलाज मिलेगा, भीड़ कम होगी और डॉक्टरों को भी मरीजों का उपचार करने में आसानी होगी। आने वाले समय में इमरजेंसी सेवाओं को और मजबूत करने के लिए अतिरिक्त उपकरण और स्टाफ की व्यवस्था करने की भी योजना बनाई जा रही है।
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