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    झांसी में लाश को 3 दिनों तक रौंदते रहे वाहन:मांस के टुकड़ों को गठरी में बांधना पड़ा, बेटे ने कपड़े-चप्पल से पहचाना

    9 hours ago

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    झांसी में कानपुर हाइवे पर एक लाश को 3 दिनों तक वाहन रौंदते रहे। इससे शव सड़क में चिपक गया। सड़क से खरौंचकर शव को निकाला गया। एक छोटी गठरी मेंं शव के टुकड़े बांधकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। रविवार रात को मृतक के बेटे ने चप्पलों और कपड़ों से शव की पहचान जगमोहन तिवारी (56) के रूप में की। 9 अक्टूबर को जगमोहन तिवारी घर से खेत जाने के लिए निकले थे। फिर लौटकर नहीं आए। खेत के पास ही हाइवे पर उनका शव मिला। परिजन ने सवाल उठाए कि घटनास्थल से लगभग 100 दूर पुलिस खड़ी होती है। लगभग 250 दूर चौकी और ढाबा है। इसके बावजूद 3 दिनों तक वाहन लाश रौंदते रहे और पुलिस को खबर तक नहीं मिली। पूरा मामला पूंछ थाना क्षेत्र का है। 3 तस्वीरें देखिए… पूरा मामला विस्तार से पढ़िए… पत्नी ने सोचा- खेत पर रुक गए मृतक जगमोहन तिवारी पूंछ थाना क्षेत्र के महाराजगंज ढेरी गांव के रहने वाले थे। वह खेती किसानी करते थी। उनके दो बेटे और एक बेटी है। सागर और बेटी प्राची की शादी हो चुकी है, जबकि छोटा बेटा आयुष अविवाहित है। बेटे आयुष ने बताया- बड़े भाई सागर एक कंपनी में काम करते हैं। वह घूमने के लिए मथुरा गए हुए थे, जबकि मैं दादी शोमा तिवारी को लेने गुजरात गया था। घर पर पिता जगमोहन और मां रागनी थे। 9 अक्टूबर की सुबह लगभग 11 बजे पिता घर से झांसी-कानपुर हाइवे के किनारे खेत पर गए थे। रात को वो लौटकर नहीं आए तो मां ने सोचा कि खेत पर रुक गए होंगे। क्योंकि पहले भी वो खेत पर रात में रुक जाते थे। उनके पास मोबाइल नहीं था, इसलिए मां संपर्क भी नहीं कर पाईं। खेत पर गए बेटे को मिली चप्पल बेटे आयुष ने आगे बतया- मैं रविवार को दादी को लेकर घर पहुंचा तो पिता नहीं थे। मां ने बताया कि खेत पर गए थे और फिर लौटकर नहीं आए। तब मैं पिता को देखने खेत की तरफ गया। इस दौरान लोगों ने बताया कि एक एक्सीडेंट हुआ था। जब घटनास्थल पर पहुंचा तो पिता की चप्पल दिखाई दी। फिर तौलिए और कपड़े दिखे। वाहनों के रौंदे जाने से पिता का शव सड़क पर चिपक चुका था। कपड़ों और चप्पल से पिता के शव की पहचान की। उनके शरीर का कोई भी हिस्सा सुरक्षित नहीं बचा था। बाल के साथ मांस के लोथड़े भी मिले। सूचना पर रविवार रात को पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने आकर शव को खरौंचकर निकाला। पूरा शव महज 3 किलो का बचा चचेरे भाई शीलू तिवारी ने बताया- मेरे ताऊ के बेटे जगमोहन का शव जिस जगह मिला, उससे लगभग 100 मीटर दूर पुलिस खड़ी होती है। जबकि लगभग 250 मीटर दूर पुलिस चौकी है। फिर भी पुलिस को लाश के बारे में पता नहींं चला। हजारों वाहनों के रौंदे जाने से पूरा शव सड़क में चिपक गया। कई टुकड़े हो गए। सिर्फ 3 किलो वजन के टुकड़े बचे हैं, जो एक तसला में रखे गए हैं। आज सोमवार को पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है। ……………………………………. यह खबर भी पढ़ें काली सरकार 22 साल से बाबा बनकर छिपा था: झांसी में दिव्य दरबार लगाता, बीमारियां ठीक करने का दावा करता; एक शिकायत से खुली पोल झांसी में ‘काली सरकार बाबा’ के नाम से फेमस प्रदीप शुक्ला उर्फ नटरोज 22 साल से छिपकर रह रहा था। एक छोटी सी शिकायत से उसके हिस्ट्रीशीटर होने की पोल खुल गई। पूरी खबर पढ़ें
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