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    झांसी में महिला समेत 3 किडनेपरों की जमानत याचिका खारिज:3 महीने पहले होटल रिसेप्शनिस्ट को कार में डालकर ले गए थे, मुठभेड़ में पकड़े थे

    14 hours ago

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    झांसी में होटल रिसेप्शनिस्ट का अपहरण कर फिरौती वसूलने वाली महिला समेत 3 आरोपियों को जेल में ही रहना पड़ेगा। SC-ST एक्ट कोर्ट के विशेष न्यायाधीश नेत्रपाल सिंह ने तीनों की जमानत याचिका को खारिज कर दिया। 19 मई को महिला ने ग्राहक बनकर रिसेप्शनिस्ट को कॉल किया और एक लोकेशन पर पिक करने के लिए बुलाया था। जैसे ही रिसेप्शनिस्ट पहुंचा तो महिला ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसे किडनैप कर लिया था। बहन को कॉल करके 50 हजार की फिरौती मांगी। रुपए नहीं देने पर हत्या की धमकी दी थी। तब पिता ने 30 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए थे। इसके बाद आरोपी उसे सुनसान इलाके में छोड़कर भाग गए थे। पुलिस ने केस दर्ज करके मुठभेड़ में आरोपियों को गिरफ्तार किया था। मध्य प्रदेश के जंगलों में ले गए शहर कोतवाली के बड़ागांव गेट बाहर मोहल्ला के रहने वाले किशन श्रीवास ने बताया था- मेरा बेटा भरत श्रीवास (27) कचहरी चौराहा स्थित विकास होटल में रिसेप्शनिस्ट है। 19 मई को बेटा होटल में बैठा था। दोपहर में एक महिला का कॉल आया और बताया कि वो होटल की ग्राहक हैं। गाड़ी खराब हो गई, इसलिए लेने के लिए नंदनपुरा नहर पर आ जाओ। बेटा बाइक उठाकर नहर पर पहुंच गया। वहां महिला कार लेकर खड़ी थी। पास में पहुंचते ही कार से 3 युवक उतरे और बेटे को जबरन कार में डाल लिया। यहां से बदमाश उसे मध्य प्रदेश के निवाड़ी के जंगलों में ले गए। कॉल लगाकर मांगी फिरौती पिता किशन श्रीवास ने बताया था- हम लोग सोच रहे थे कि बेटा होटल में हैं, लेकिन शाम करीब 6:30 बजे अज्ञात नंबर से कॉल आई। रिसीव करते ही युवक बोला- हमने भरत को किडनैप कर लिया। आरोपियों ने भरत से बात कराई तो कहने लगा कि मुझे छुड़ा लो। बदमाश 50 हजार रुपए की फिरौती मांगने लगे। एक घंटे बाद दोबारा कॉल लगाया तो 32 हजार रुपए मांगे। रात लगभग 9 बजे फिर कॉल आया। बदमाश कहने लगे कि 30 हजार रुपए दे दो। अगर पैसा नहीं मिला, तो भरत की लाश मिलेगी। हाथ-पैर तोड़कर उसे मेडिकल बाइपास पर फेंक देंगे। जिंदा मिले तो इलाज करा लेना नहीं तो लाश उठा ले जाना। इस धमकी के बाद हम लोग डर गए और नवाबाद थाने पहुंच गए थे। कैश लेने से मना कर दिया परिजनों के थाने पहुंचने के बाद पुलिस एक्टिव हो गई थी। परिजनों ने बदमाशों को कैश के लिए ऑफर किया तो बोले कि पैसा ऑनलाइन ही चाहिए। इतने पैसे खाते में न होने की बात कहकर परिजन टालते रहे। 20 मई को सुबह बदमाशों ने फिर धमकी दी, तब परिजनों ने पैसा ऑनलाइन भेज दिया। इसके बाद वे भरत को नंदनपुरा से आगे नहर के पास छोड़कर भाग गए। युवक के सकुशल बरामद होने के बाद पुलिस ने बदमाशों की तलाश तेज कर दी। मुठभेड़ में पकड़े गए आरोपी सीओ सिटी लक्ष्मीकांत गौतम ने बताया था कि मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी भगवंतपुरा से करगुवांजी वाले कच्चे रास्ते पर जाने वाले हैं। इस पर नवाबाद थाना प्रभारी रवि श्रीवास्तव ने अपनी टीम के साथ घेराबंदी की। पुलिस को देखकर आरोपी फायरिंग करने लगे। जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने महिला समेत 4 आरोपियों को पकड़ लिया। उनकी पहचान निवाड़ी के कंचनपुरा मोहल्ला के रहने वाली रोहिणी सूतकार (21), उसके पति रोहित पुरोहित (30), बृजेंद्र दुबे (44) और निवाड़ी के नई बस्ती के रहने वाले रितिक अहिरवार के रूप में हुई है। उनसे दो तमंचा, एक जिंदा कारतूस, एक खोखा, 4 मोबाइल और वारदात में इस्तेमाल कार बरामद हुई है। 3 आरोपियों ने दाखिल की थी जमानत याचिका विशेष लोक अभियोजक केशवेंद्र प्रताप सिंह एवं कपिल कारोलिया ने बताया- रोहिणी सूत्रकार, उसके पति रोहित पुरोहित और बृजेंद्र दुबे ने कोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी। जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। अभी तीनों को जेल में ही रहना पड़ेगा।
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