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    झांसी में राजधानी एक्सप्रेस में ब्राह्मण महिला को चिकन परोसा:तबीयत बिगड़ी तो रेलकर्मी बोले- कुछ नहीं होगा, नींबू पानी पी लो

    11 hours ago

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    झांसी में मुंबई राजधानी एक्सप्रेस में ब्राह्मण महिला को चिकन परोसने का मामला सामने आया है। महिला के मुताबिक, सोमवार को वह दिल्ली से मुंबई जा रही थीं। डिनर में उन्होंने शाकाहारी (वेजिटेरियन) खाना ऑर्डर किया था, लेकिन कैटरिंग स्टाफ ने चिकन परोस दिया। जब उन्होंने खाना खाया, तब पता चला कि यह शाकाहारी नहीं है। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्होंने अपने बेटे को फोन करके इसकी जानकारी दी। बेटे ने रेलवे हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कराई। ट्रेन जब झांसी जंक्शन पहुंची तो रेलवे के कुछ कर्मचारी आए, लेकिन उन्होंने मदद नहीं की। महिला का आरोप है कि कर्मचारियों ने कहा कि इसमें कोई बड़ी बात नहीं है। नींबू पानी पी लीजिए। महिला का कहना है कि उन्हें रातभर उल्टियां होती रहीं। महिला ने इस मामले की शिकायत IRCTC से X पर की है। अब पूरा मामला समझिए… राजेश्वरी देवी (56) मुंबई की रहने वाली हैं। बेटा शिवम दिल्ली में रहता है। वह बेटे के पास आई थीं। राजधानी एक्सप्रेस (22222) में बेटे ने टिकट कराया। राजेश्वरी देवी को थर्ड एसी के B-1 कोच में 17 नंबर बर्थ मिली। टिकट बुकिंग के दौरान ही शाकाहारी (वेजिटेरियन) का भी ऑर्डर कर दिया। सोमवार को वह दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन स्टेशन से ट्रेन पर सवार हुई। राजेश्वरी देवी ने बताया- झांसी स्टेशन से पहले रात 9 बजे कैटरिंग स्टाफ ने डिनर परोसा। खाना खाना शुरू कर दिया। कुछ निवाले खा लिए। इसी दौरान शक हुआ कि परोसा गया भोजन शाकाहारी नहीं है। मैंने आसपास बैठे यात्रियों को खाना दिखाकर पुष्टि कराई तो पता चला कि उन्हें सब्जी की जगह चिकन परोस दिया गया। यह पता चलते ही मैं घबरा गईं। मेरी तबीयत बिगड़ने लगी। मुझे उल्टियां होने लगीं। मैंने तुरंत दिल्ली में बेटे शिवम को फोन कर जानकारी दी। बेटे ने रेलवे हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराते हुए मां को मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की। शिवम त्रिपाठी ने बताया कि ट्रेन जब झांसी पहुंची तो रेलवे के कुछ कर्मचारी आए। आरोप है कि उन्होंने मामले को गंभीरता से लेने के बजाए कहा कि इसमें कोई बड़ी बात नहीं है। नींबू पानी पीने की सलाह दी और चले गए। शिवम का आरोप है कि मां को लगातार घबराहट और उल्टियां होती रहीं, लेकिन रेलवे स्टाफ ने मेडिकल सुविधा उपलब्ध नहीं कराई। जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। उन्होंने खाना परोसने वाले कैटरिंग स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की, लेकिन उस समय कोई कार्रवाई नहीं की गई। घर जाकर उपवास रखा, धार्मिक अनुष्ठान किया राजेश्वरी देवी ने दैनिक भास्कर को बताया कि झांसी जंक्शन से ट्रेन चलने के बाद भी रात भर कई बार उल्टियां होती रहीं, जिससे वह निढाल हो गईं। सुबह घर पहुंचने के बाद उन्होंने उपवास कर धार्मिक अनुष्ठान किया। वहीं, बेटे शिवम का कहना है कि जब वह अपनी मां को स्टेशन पर ट्रेन में बैठाने पहुंचे थे, तब भी ट्रेन में मौजूद कैटरिंग स्टाफ की नोटबुक में विशेष रूप से दर्ज कराया था कि उनकी मां को सुबह का नाश्ता और भोजन शाकाहारी ही दिया जाए। इसके बावजूद इतनी बड़ी लापरवाही की गई। IRCTC ने कहा-मामले को दिखवा रहे हैं इस पूरे मामले में आईआरसीटीसी ने शिकायत मिलने के बाद कहा कि घटना को तत्काल संज्ञान में लिया गया है। आईआरसीटीसी के अनुसार, पूरे मामले को संबंधित अधिकारी के पास जांच और आगे की कार्रवाई के लिए भेज दिया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। साथ ही ये भी सुनिश्चित किया जाएगा कि ऐसी लापरवाही भविष्य में न हो। ये है रेलवे की कैटरिंग व्यवस्था भारतीय रेल में ट्रेनों के अंदर खानपान की व्यवस्था सीधे तौर पर रेलवे नहीं करती। इसके लिए जिम्मेदारी IRCTC के माध्यम से निजी कांट्रैक्टरों को दी जाती है। लंबी दूरी तय करने वाली राजधानी, दूरंतो, सुपरफास्ट और एक्सप्रेस ट्रेनों में पेंट्रीकार (ट्रेन का रसोई कोच) का कांट्रैक्ट होता है। इसमें ट्रेन के अंदर ही खाना तैयार कर यात्रियों को परोसा जाता है। जिन ट्रेनों में पेंट्रीकार नहीं होता, वहां ठेकेदार रास्ते में आने वाले शहरों के थर्ड पार्टी होटल या रेस्टोरेंट से तैयार और पैक्ड खाना मंगवाकर यात्रियों तक पहुंचाते हैं। ------------------- यह खबर भी पढ़िए:- बरेली में मंदिर के सेवादार ने सुसाइड किया, पिता बेहोश:आखिरी VIDEO में बोला- प्रेमिका से तंग आ चुका हूं; मेरी मौत के 4 जिम्मेदार बरेली में प्राचीन धोपेश्वरनाथ मंदिर के सेवादार विजय राठौर ने मंगलवार को सुसाइड कर लिया। जान देने से पहले विजय ने 32 मिनट का एक वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। विजय राठौर ने वीडियो में अपने टूटे दिल, प्रेमिका, उसके परिवार और पुलिस से मिली तकलीफों की कहानी सुनाई है। विजय बार-बार कहते नजर आए कि अब उनके पास सहने की ताकत नहीं बची। वह कई महीनों से मानसिक रूप से बहुत परेशान हैं। रात-रात भर सो नहीं पाते। अब वह अपनी जिंदगी खत्म करने जा रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर…
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