Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    झांसी मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर ने इस्तीफा दिया:डॉ. रचना चौरसिया ने एक महीने की सैलरी जमा कर पद छोड़ा, कारण व्यक्तिगत बताया

    6 hours ago

    1

    0

    झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में रेडियोडायग्नोसिस विभाग की प्रोफेसर डॉ. रचना चौरसिया ने इस्तीफा दे दिया है। एक माह का वेतन जमा करते हुए तत्काल प्रभाव से पद भी छोड़ दिया। त्यागपत्र देने का कारण व्यक्तिगत समस्या बताया गया है। डॉ. चौरसिया के इस्तीफा देने के बाद विभाग में फैकल्टी की कमी का संकट गहरा गया है। वह लगभग 17 साल से संस्थान में सेवाएं दे रही थी। कई चिकित्सा पुस्तकों की लेखिका भी रही हैं। डॉ. शैली का कार्यकाल पूरा हुआ रेडियोडायग्नोसिस विभाग में संकट की स्थिति पहले से ही बनी हुई थी। कुछ समय पहले सह-आचार्य डॉ. शैली का कार्यकाल पूरा हो गया था। उनकी सेवाएं बढ़ाए जाने का प्रस्ताव था, लेकिन प्राचार्य डॉ. शिवकुमार ने ऐसा करने से मना कर दिया। इससे सह-आचार्य का पद रिक्त हो गया। अभी उनकी कमी पूरी भी नहीं हुई थी कि डॉ रचना चौरसिया के त्यागपत्र से प्रोफेसर का पद भी रिक्त हो गया है। जिससे विभाग में अनुभवी फैकल्टी की उपलब्धता और कम हो गई है। विभाग में सहायक आचार्य का एक पद पहले से ही खाली चल रहा है। इसका सीधा असर रोगियों की होने वाली जांच (अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन, एमआरआई ) पर पड़ना तय माना जा रहा है। पहले से ही जांच के लिए रोगियों को 7 से 10 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा था।प् अब फैकल्टी की कमी बढ़तने से यह इंतजार और लंबा हो सकता है। स्टूडेंट्स भी परेशान छात्रों ने बताया कि उनकी थीसिस डॉ. रचना चौरसिया और डॉ. शैली के अधीन चल रही थी, लेकिन अब उन्हें समझ नहीं आ रहा कि उनकी थीसिस पर हस्ताक्षर कौन करेगा और उनकी परीक्षा प्रक्रिया कैसे आगे बढ़ेगी? छात्रों का कहना है कि विभाग में फैकल्टी की कमी से पीजी प्रशिक्षण और शैक्षणिक गतिविधियों भी प्रभावित होने लगी है। इसी वर्ष रेडियोडायग्नोसिस विभाग में पीजी सीट बढ़ाई गई थी। अब 3 फैकल्टी पोस्ट खाली होने से मान्यता पर खतरा मंडराने लगा है। विशेषज्ञों का कहना है कि पूरे प्रदेश मैं रेडियोडायग्नोसिस विषय में करीब 80 प्रतिशत पद रिक्त है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    UP-Police भर्ती परीक्षा : कान का टॉप्स और कलावा उतरवाया:पहली पाली की परीक्षा शुरू, जूता हाथ में लेकर मिला सेंटर में प्रवेश
    Next Article
    अवैध खनन के दौरान मजदूर टीले में दबा, मौत:हमीरपुर में मौरंग का टीला अचानक ढहा, इलाज के दौरान तोड़ा दम

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment