Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    केजरीवाल ने सरकार से की बड़ी मांग, पेट्रोल की कीमत 82 रुपये होनी चाहिए, 102 रुपये नहीं

    15 hours ago

    1

    0

    आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी कटौती की मांग की। उन्होंने तर्क दिया कि पिछले एक दशक में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट का फायदा ग्राहकों को नहीं मिला है। पत्रकारों से बात करते हुए केजरीवाल ने मांग की कि पेट्रोल की कीमत मौजूदा 102 प्रति लीटर के बजाय 82 प्रति लीटर होनी चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह तेल मार्केटिंग कंपनियों को नाजायज मुनाफा कमाने दे रही है। इसे भी पढ़ें: Rohini हादसे पर AAP का BJP पर बड़ा हमला, Safety Audit सिर्फ़ दिखावा, नहीं कोई जवाबदेहीकेजरीवाल ने कहा कि पेट्रोल 102 प्रति लीटर के बजाय 82 प्रति लीटर मिलना चाहिए और डीजल की कीमतें भी कम होनी चाहिए। उन्होंने सरकार से अपील की कि कच्चे तेल की कम कीमतों का फायदा ग्राहकों तक पहुंचाया जाए। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि 2014 के बाद से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें कई बार गिरी हैं, लेकिन इसका असर पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतों पर नहीं दिखा।उन्होंने पूछा कि 2014 से अब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें कम से कम छह बार घटी हैं, लेकिन देश में पेट्रोल की कीमतें उस हिसाब से कम नहीं की गईं। इन सालों में जो भारी मुनाफा कमाया गया, उसका क्या हुआ? केजरीवाल ने तर्क दिया कि ईंधन की कीमतें कम करने से महंगाई का दबाव कम होगा और परिवारों व व्यवसायों, दोनों पर वित्तीय बोझ भी घटेगा। उन्होंने केंद्र पर यह आरोप भी लगाया कि वह तेल कंपनियों को ईंधन की कीमतें कृत्रिम रूप से ऊंची बनाए रखने की अनुमति दे रहा है, जबकि उन्हें सस्ते कच्चे तेल से होने वाले लाभ का फायदा जनता तक पहुंचाना चाहिए। इसे भी पढ़ें: Ram Mandir चंदा विवाद पर सियासी घमासान, Arvind Kejriwal ने PM Modi से पूछा- दोषियों को सज़ा कब?उनके ये बयान केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी के उस संकेत के कुछ दिनों बाद आए हैं, जिसमें उन्होंने कहा था कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें चार महीने के निचले स्तर पर आने के बावजूद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तुरंत कटौती की संभावना नहीं है। मंत्री के अनुसार, सरकारी रिफाइनर अभी भी उस कच्चे तेल को प्रोसेस कर रहे हैं जिसे वेस्ट एशिया में संघर्ष के चरम पर ऊंची कीमतों पर खरीदा गया था। संघर्ष शुरू होने के दो महीने से भी अधिक समय बाद, मई के दूसरे भाग में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगभग ₹7.50 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी, लेकिन यह बढ़ोतरी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईंधन की लागत में हुई वृद्धि से कम थी, जिससे सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को बोझ का कुछ हिस्सा उठाना पड़ा। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें  National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
    Click here to Read more
    Prev Article
    9 साल की अमायरा की मौत से पहले क्लास में क्या हुआ था? परिवार ने कहा- वो रोती रही, कोई नहीं सुन रहा था...और फिर
    Next Article
    पश्चिम बंगाल में TMC को बड़ा झटका, Sushmita Dev समेत 3 पूर्व सांसद BJP में शामिल

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment