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    Monsoon Heavy Rainfall | देश के कई राज्यों में मानसून का कहर, बारिश से जुड़ी घटनाओं में 10 से अधिक लोगों की मौत

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    दक्षिण-पश्चिम मानसून ने पूरे देश में दस्तक दे दी है। भले ही इस साल मानसून अपने तय समय (8 जुलाई) से एक दिन की देरी से पूरे देश में पहुंचा हो, लेकिन इसके आते ही देश के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। बीते बृहस्पतिवार को हुई भारी बारिश के कारण देश के विभिन्न राज्यों में जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। सड़कें जलमग्न हो गईं, पेड़ उखड़ गए, संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा और बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में 10 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। आईएमडी के आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई के शुरुआती नौ दिनों में देशभर में 101.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो इस अवधि की सामान्य वर्षा (73.8 मिमी) से कहीं अधिक है।इसे भी पढ़ें: अमेरिकी बेस पर Iran का बड़ा Missile Attack, Jordan ने हवा में ही किया नाकाम, तनाव चरम पर अरुणाचल प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में बाढ़ व भूस्खलन की घटनाएं सामने आईं।किन्नौर में नदी का जलस्तर बढ़ने से 100 फुट लंबा लोहे का पुल पानी में डूब गया। मानसूनी बारिश के कारण बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय राजधानी में सामान्य जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। दिल्ली में लगातार बारिश से सड़कों पर जलभराव हो गया, पेड़ उखड़ गए और कई जगहों पर भारी यातायात जाम की स्थिति बन गई। तेज बारिश के कारण दिल्ली की हवा भी सितंबर 2023 के बाद सबसे साफ महसूस की गई। शहर के कुछ हिस्सों में 160 मिलीमीटर (मिमी) से अधिक बारिश हुई। लगातार बारिश के कारण राष्ट्रीय राजधानी के कई इलाकों में जलभराव, यातायात बाधित होने और नुकसान की स्थिति बनी रही।इसे भी पढ़ें: Argentina की जीत पर Egypt का हंगामा, रेफरी विवाद पर FIFA का कड़ा जवाब- हमारे फैसलों पर सवाल न उठाएं। इस बीच रोहिणी में इमारत गिरने की घटना में मृतकों की संख्या बढ़कर तीन हो गई। अधिकारियों को दिनभर में जलभराव की 68 शिकायतें मिलीं जबकि भारी बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में यातायात प्रभावित हुआ। जलभराव की शिकायतें विकास मार्ग, पूर्वी दिल्ली के कुछ हिस्सों, संगम विहार, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन क्षेत्र, मुनिरका, सदर बाजार, अलीपुर, बुराड़ी, बदरपुर और द्वारका सहित कई इलाकों से सामने आईं। जलभराव और जाम के कारण आईटीओ, रोहतक रोड, महरौली-बदरपुर (एमबी) रोड, एनएच-48, रिंग रोड, पंजाबी बाग और शादिपुर में भी गाड़ियों की आवाजाही प्रभावित हुई। बुधवार को भारी बारिश से बुरी तरह प्रभावित हुए सूरत में बाढ़ का पानी बृहस्पतिवार को धीरे-धीरे उतरने लगा। शहर से छह अन्य शव बरामद किए गए, जिससे पिछले कुछ दिनों में बारिश से जुड़ी घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़कर 17 हो गई। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शहर की स्थिति का जायजा लेने के लिए सूरत का दौरा किया। महाराष्ट्र में पुणे के पास पिंपरी-चिंचवड़ में उस जगह पर बचाव कार्य बृहस्पतिवार को भी जारी रहा, जहां एक दिन पहले भारी बारिश के कारण कचरे से बिजली पैदा करने वाले संयंत्र में कूड़े का बड़ा ढेर ढहने से एक इमारत गिर गई थी। बृहस्पतिवार को इमारत के मलबे से एक शव बरामद किया गया, जबकि करीब आठ लोगों के अब भी फंसे होने की आशंका है। अब तक नौ लोगों को बचाया जा चुका है। ठाणे शहर में पहले हुई मूसलाधार बारिश के दौरान पेड़ गिरने की घटना में घायल हुए 64 वर्षीय एक व्यक्ति की बृहस्पतिवार को मौत हो गई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बृहस्पतिवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया, जिसमें राज्य भर में मानसून की गतिविधि तेज होने के कारण अगले 24 घंटों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया। वहीं, बारिश से संबंधित घटनाओं में कम से कम सात लोगों की मौत की खबर है। अधिकारियों ने बताया कि संत कबीर नगर जिले के अलग-अलग गांवों में बिजली गिरने से दो महिलाओं की मौत हो गई जबकि कुशीनगर में बिजली गिरने से 14 वर्षीय एक लड़के की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि बुलंदशहर में भारी बारिश के बाद खुर्जा के मुंडाखेड़ा गांव में अस्थायी तंबू पर दीवार गिर जाने से दो लोगों की मौत हो गई और चार अन्य लोग घायल हो गए। शामली जिले के थानाभवन शहर में भारी बारिश के दौरान एक टिन शेड की दीवार गिरने से 49 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई, जिसकी पहचान शाहिद के रूप में हुई और उसके दो बेटे अमन (17) और नौमान (15) गंभीर रूप से घायल हो गए। गाजियाबाद के विजय नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत सर्वोदय कॉलोनी में तीन वर्षीय पल्लवी अपने घर के बाहर पानी से भरे नाले में डूब गई। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र-लखनऊ के अनुसार, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, संभल और बदायूं समेत जिलों में बहुत भारी से अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है, जबकि पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश के कई अन्य जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा का अनुमान लगाया गया है। अरुणाचल प्रदेश के छह जिलों में आई बाढ़ और भूस्खलन से घरों, सड़कों व फसलों को नुकसान पहुंचा है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने बृहस्पतिवार शाम को जारी बयान में कहा कि पिछले 24 घंटों के दौरान केयी पन्योर, अपर सियांग, तिरप, चांगलांग, पापुम पारे और अपर सुबनसिरी जिलों में बाढ़ आई व भूस्खलन की घटनाएं हुईं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बृहस्पतिवार के लिए शि योमी, सियांग, ईस्ट सियांग, लोअर दिबांग वैली, लोहित और लोंगडिंग जिलों के लिए ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किया।विभाग ने इन इलाकों में गरज, चमक के साथ भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। शुक्रवार से बारिश कम होने का अनुमान है। इस बीच गृह मंत्रालय की अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम ने अरुणाचल प्रदेश के बाढ़ प्रभावित पूर्वी सियांग और लोअर सियांग जिलों का दौरा किया। अधिकारियों ने बताया कि टीम ने हाल की बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन किया और यह भी देखा कि क्या केंद्र से अतिरिक्त वित्तीय सहायता की जरूरत है। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में बृहस्पतिवार को भारी बारिश के कारण अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से तीन मकान, एक गौशाला और कुछ बाग क्षतिग्रस्त हो गए। जबकि नदी का जलस्तर बढ़ने से 100 फुट लंबा लोहे का पुल पानी में डूब गया। अधिकारियों के अनुसार, कुप्पा क्षेत्र में पुराने हिंदुस्तान-तिब्बत मार्ग (राष्ट्रीय राजमार्ग-5) पर मालिंग नाला के पास भूस्खलन हुआ, जिससे तीन मकान, एक गौशाला और कुछ बाग क्षतिग्रस्त हो गए। बड़े-बड़े पत्थर सड़क पर गिरने से कुछ घंटों तक मार्ग भी बाधित रहा। सांगला के तहसीलदार हरदयाल सिंह ने बताया कि एहतियात के तौर पर प्रभावित 13 लोगों को जीरा फार्म में सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल कुप्पा क्षेत्र में स्थिति सामान्य है। अधिकारियों ने बताया कि 100 फुट लंबे लोहे के पुल के पानी में डूब जाने से लिप्पा गांव का किन्नौर जिले के अन्य क्षेत्रों से संपर्क कट गया है। शिमला मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य में 15 जुलाई तक अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की आशंका को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। उत्तराखंड के अधिकतर क्षेत्रों में पिछले 24 घंटों से लगातार हो रही बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ गया और पर्वतीय इलाकों में भूस्खलन के कारण सौ से अधिक मार्ग अवरूद्ध हो गए। वहीं, मौसम विभाग ने बृहस्पतिवार को देहरादून सहित सात जिलों में बहुत भारी वर्षा का ‘रेड अलर्ट’ तथा शेष जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। मौसम विभाग द्वारा भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन को सतर्क रहने और एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि बारिश के कारण देहरादून समेत चार जिलों में कक्षा एक से 12वीं तक के स्कूल बंद रहे। राजस्थान के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई। मौसम विभाग ने बृहस्पतिवार को कोटा और भरतपुर संभाग के कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने का अनुमान जताया था। हरियाणा और पंजाब के कई हिस्सों में भी बृहस्पतिवार को बारिश हुई। गुरुग्राम में एक लग्जरी अपार्टमेंट परिसर की बालकनी का एक हिस्सा बृहस्पतिवार सुबह ढह गया। हालांकि, इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के अन्य हिस्सों में नोएडा, गाजियाबाद, गाजीपुर और फरीदाबाद में व्यापक जलभराव और यातायात बाधित होने की खबरें सामने आईं। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में नोएडा, गाजियाबाद, गाजीपुर और फरीदाबाद से भी बड़े पैमाने पर जलभराव और यातायात जाम की खबरें मिलीं। नोएडा में सेक्टर 16, 33, 12, 62 और नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्सों सहित कई इलाकों में जलजमाव के कारण लोगों को भारी यातायात जाम का सामना करना पड़ा। राष्ट्रीय राजमार्ग-9 पर पर गाजीपुर सीमा के पास भारी जलभराव के कारण दिल्ली-गाजीबाद मार्ग पर लंबा यातायात जाम लग गया। गाजियाबाद जिला प्रशासन ने बारिश से उत्पन्न हालात के चलते सरकारी स्कूलों में छुट्टी की घोषणा कर दी। गाजियाबाद के वसुंधरा इलाके में निर्माणाधीन बेसमेंट के पास सड़क का एक हिस्सा भारी बारिश के कारण धंस गया, जिससे वहां खड़ी एक कार और एक स्कूटर गड्ढे में गिर गए। हालांकि, इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ। आईएमडी ने बृहस्पतिवार को कहा कि दक्षिण-पश्चिम मानसून राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के बाकी हिस्सों में भी पहुंच गया है, जिसके साथ ही पूरे देश में इसकी दस्तक हो गई है। विभाग ने कहा कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के पूरे देश में पहुंचने में एक दिन की देरी हुई है, क्योंकि आमतौर पर आठ जुलाई को देशभर में इसका आगमन हो जाता है। मानसून इस साल चार जून को केरल पहुंचा, जिससे देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन (जून-सितंबर) की शुरुआत हुई। आमतौर पर यह राज्य में एक जून को दस्तक देता है। भारत में इस साल जुलाई में अब तक सामान्य से कहीं ज्यादा बारिश हुई है। आईएमडी के मुताबिक, महीने के शुरुआती नौ दिनों में देशभर में 101.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है जो इस अवधि में होने वाली सामान्य वर्षा 73.8 मिलीमीटर से कहीं ज्यादा है। केरल के कुछ हिस्सों में भारी बारिश जारी रहने के कारण आईएमडी ने बृहस्पतिवार को राज्य के तीन जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया, जिनमें मलप्पुरम, कोझिकोड और वायनाड शामिल हैं। विभाग ने राज्य के छह अन्य जिलों-एर्नाकुलम, इडुक्की, त्रिशूर, पलक्कड़, कन्नूर और कासरगोड़-के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया।Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi  
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