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    क्लासरूम में जाने से पहले सीखीं पढ़ाने की बारीकियां:CSJMU में माइक्रो-टीचिंग वर्कशॉप का समापन; 150 शिक्षकों ने ली ट्रेनिंग

    1 hour ago

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    छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) के शिक्षा विभाग में चल रही दो दिवसीय विशेष कार्यशाला ‘माइक्रो-टीचिंग: योर फर्स्ट स्टेप टुवर्ड्स टीचिंग एक्सीलेंस’ का बुधवार को सफल समापन हो गया। इस वर्कशॉप का मुख्य मकसद भविष्य के शिक्षकों को क्लासरूम की चुनौतियों और पढ़ाने के आधुनिक तरीकों से रूबरू कराना था। दो दिनों तक चले अलग-अलग सत्रों में विशेषज्ञों ने बताया कि एक अच्छा शिक्षक बनने के लिए सूक्ष्म शिक्षण क्यों जरूरी है। विभागाध्यक्ष डॉ. तनुजा भट्ट ने कहा कि टीचिंग में परफेक्शन लाने के लिए सूक्ष्म शिक्षण की गहरी समझ होना बहुत आवश्यक है। उन्होंने इस प्रक्रिया के उद्देश्यों और छात्रों के करियर में इसकी उपयोगिता पर विस्तार से अपनी बात रखी। वहीं, सचिव डॉ. कल्पना अग्निहोत्री ने कार्यशाला की रूपरेखा और सत्रों के बारे में जानकारी साझा की। विषय विशेषज्ञों ने दिए सफलता के मंत्र कार्यशाला में अलग-अलग विषयों के जानकारों ने छात्रों को अभ्यास कराया। इसमें विज्ञान और गणित के लिए डॉ. निशात फातिमा, हिंदी के लिए डॉ. संदीप श्रीवास्तव और सामाजिक विज्ञान के लिए डॉ. आशा अवस्थी ने टिप्स दिए। वहीं वाणिज्य शिक्षण के गुर डॉ. शालिनी श्रीवास्तव ने सिखाए, तो अंग्रेजी विषय के लिए डॉ. कंचन और मिस अनीता वर्मा ने महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। इन सत्रों के जरिए छात्रों को यह समझने में मदद मिली कि कठिन विषयों को भी सरल तरीके से कैसे पढ़ाया जा सकता है। 150 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा, फीडबैक भी दिया कार्यक्रम के दूसरे सत्र में डॉ. गोपाल सिंह ने कार्यशाला की रिपोर्ट पेश की। इस दौरान प्रो. स्वीटी श्रीवास्तव ने सूक्ष्म शिक्षण की प्रक्रिया को बहुत ही सरल और व्यावहारिक ढंग से समझाया। डॉ. संजय श्रीवास्तव ने भी इस विषय पर सारगर्भित व्याख्यान दिया। वर्कशॉप के दौरान संवाद सत्र भी रखा गया, जिसमें लगभग 150 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और अपने सवाल पूछे। छात्रों ने फीडबैक देते हुए इस तरह के आयोजनों को अपने कौशल विकास के लिए मील का पत्थर बताया। भविष्य में भी होंगे ऐसे आयोजन कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. रत्नार्तु मिश्रा द्वारा किया गया। वही,डॉ. तनुजा भट्ट ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए भरोसा दिलाया कि विभाग भविष्य में भी छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए ऐसी कार्यशालाएं आयोजित करता रहेगा। इस मौके पर डॉ. रश्मि गोरे, डॉ. प्रियंका मौर्य, अनुपमा यादव, शिव चरन पटेल सहित विभाग के कई शिक्षक और शोधार्थी मौजूद रहे।
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