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    कन्नौज में 21% कम बारिश से बढ़ी गर्मी-उमस:सामान्य से कम बारिश ने बढ़ाई परेशानी, धान की खेती पर भी संकट

    2 hours ago

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    कन्नौज जिले में इस बार मानसून की रफ्तार सुस्त पड़ गई है। 1 से 17 जुलाई के बीच जिले में सामान्य से 21 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। इसका असर लोगों की दिनचर्या पर साफ दिखाई दे रहा है। भीषण गर्मी और उमस से लोग बेहाल हैं। आसमान में दिनभर बादल उमड़ते-घुमड़ते जरूर नजर आते हैं, लेकिन बिना बरसे ही आगे बढ़ जाते हैं। इससे तापमान में कोई खास राहत नहीं मिल रही है। जिले में अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दोपहर में चिलचिलाती धूप के बीच जब काले बादल दिखाई देते हैं तो लोगों को बारिश की उम्मीद बंधती है, लेकिन कभी हल्की बूंदाबांदी तो कभी बिना बरसे ही बादल छंट जाते हैं। नतीजतन गर्मी और उमस लगातार बनी हुई है। लोग बोले- हर बार बादल आते हैं, लेकिन बारिश नहीं होती जसौली निवासी मैनुद्दीन ने बताया कि इन दिनों हर रोज बारिश की उम्मीद रहती है, लेकिन बादल सिर्फ दिखाई देते हैं और बिना बरसे चले जाते हैं। उन्होंने कहा कि बारिश नहीं होने से गर्मी और उमस लगातार बढ़ रही है, जिससे आम लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। बिजली कटौती ने बढ़ाई मुश्किलें स्थानीय निवासी जीशान ने बताया कि बारिश न होने से पहले ही लोग भीषण गर्मी से परेशान हैं। ऐसे में जैसे ही बादल आते हैं और हल्की हवा चलती है, बिजली की आपूर्ति बंद कर दी जाती है। कई बार एक से दो घंटे तक बिजली नहीं आती, जिससे उमस भरी गर्मी में लोगों की परेशानी और बढ़ जाती है। धान की फसल पर मंडराने लगा संकट कृषि मौसम वैज्ञानिक अमरेंद्र सिंह यादव ने बताया कि इस बार जिले में करीब 40 फीसदी तक कम बारिश होने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि 1 से 17 जुलाई के दौरान सामान्य से 21 फीसदी कम वर्षा दर्ज की गई है। वहीं जुलाई 2025 की तुलना में जुलाई 2026 में अब तक 40.8 मिलीमीटर कम बारिश हुई है। उन्होंने कहा कि बारिश की यह कमी धान उत्पादक किसानों के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि समय पर पर्याप्त वर्षा नहीं होने से फसल की वृद्धि प्रभावित हो सकती है।
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