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    कानपुर इंडस्ट्रियल एरिया में 72 घंटे से बिजली नहीं आई:400 फैक्ट्रियों में उत्पादन ठप, करोड़ों का नुकसान; जनरेटर भी नहीं

    5 hours ago

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    कानपुर में शनिवार को आए भीषण तूफान और बारिश को बीते तीन दिन (72 घंटे) से ज्यादा का वक्त हो चुका है, लेकिन फजलगंज इंडस्ट्रियल एरिया में हालात अब भी जस के तस बने हुए हैं। नगर निगम और केस्को (KESCO) की लापरवाही का आलम यह है कि मुख्य सड़कों पर गिरे विशालकाय पेड़ों को अब तक नहीं हटाया गया है। नतीजा यह है कि गोविंद नगर को जोड़ने वाली फजलगंज की मुख्य सड़क आधी ब्लॉक पड़ी है, जिससे रह-रहकर जाम लग रहा है। 1500 प्रतिष्ठानों पर ताला लगने की नौबत तूफान की वजह से पेड़ बिजली के खंभों पर जा गिरे, जिससे फजलगंज और आसपास के इलाकों की बत्ती गुल है। फिटा (FITA) के प्रदेश महासचिव उमंग अग्रवाल के मुताबिक, इस बिजली संकट ने करीब 400 उद्योगों और 1500 वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों की कमर तोड़ दी है। फैक्ट्रियों में प्रोडक्शन पूरी तरह ठप है। जो इकाइयां बहुत जरूरी हैं, वे भारी-भरकम डीजल फूंककर जनरेटर के सहारे काम चला रही हैं, जिससे उन पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है। किराए पर भी नहीं मिल रहे जनरेटर क्षेत्र में बिजली न होने के कारण जनरेटरों की मांग अचानक इतनी बढ़ गई है कि अब ये किराए पर भी उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि जिनके पास अपना जनरेटर है, उनका काम तो जैसे-तैसे चल रहा है, लेकिन छोटे दुकानदार और आम जनता पानी तक के लिए तरस रही है। बिजली न होने से पंप नहीं चल पा रहे, जिससे पेयजल का संकट गहरा गया है। शोरूम के बाहर दबी हैं गाड़ियां स्थानीय निवासी और व्यवसायी रोहित ने बताया- शनिवार से अब तक कोई सुध लेने नहीं आया। रोहित के मुताबिक, हमने खुद मेहनत करके रास्ता खुलवाया, ताकि आवाजाही हो सके। शोरूम के बाहर अब भी पेड़ के नीचे हमारी बाइकें दबी पड़ी हैं। नगर निगम में शिकायत करो तो कहते हैं कि आज आएंगे, कल आएंगे, लेकिन 72 घंटे बाद भी कोई टीम नहीं पहुंची। प्रशासन की सुस्ती से बढ़ा व्यापारियों का नुकसान वहीं, एक अन्य व्यवसायी विनीत का कहना है कि पेड़ गिरने से उनके प्रतिष्ठान की दीवार क्षतिग्रस्त हो गई है। उन्होंने कहा- इतना बड़ा इंडस्ट्रियल एरिया होने के बावजूद प्रशासन संवेदनहीन बना हुआ है। कस्टमर शोरूम तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। नगर निगम को तुरंत अपनी टीमें भेजकर मलबे को साफ करवाना चाहिए था, लेकिन यहां तो अभी तक संज्ञान ही नहीं लिया गया है। फजलगंज जैसे व्यस्त औद्योगिक क्षेत्र में इस अव्यवस्था ने न केवल व्यापारियों को आर्थिक चोट पहुंचाई है, बल्कि आम जनता के लिए भी बिजली-पानी और जाम की समस्या एक बड़ी मुसीबत बन गई है। यदि अगले 24 घंटों में पेड़ और बिजली के पोल नहीं हटाए गए, तो व्यापारियों का नुकसान करोड़ों में पहुंच सकता है।
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