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    कानपुर के पिता-बेटी की रेलवे ट्रैक पर लाश मिली:पत्नी विदेशी युवक से करती थी बात, मायके वालों पर पीटने का आरोप, पत्नी समेत 5 पर FIR

    4 hours ago

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    उन्नाव में गंगाघाट और मगरवारा रेलवे स्टेशन के बीच सहजनी क्रॉसिंग के पास सोमवार देर रात एक मालगाड़ी की चपेट में आने से पिता-पुत्री की मौत हो गई। शुरुआती जानकारी में इसे युवक-युवती का मामला बताया गया था, लेकिन बाद में उनकी पहचान कानपुर के कल्याणपुर निवासी विकास गुप्ता और उनकी 13 वर्षीय बेटी वेदिका के रूप में हुई। परिजनों ने अब इस घटना को साइबर ठगी और डिजिटल ब्लैकमेलिंग का परिणाम बताया है। यह घटना डाउन लाइन पर सहजनी क्रॉसिंग के पास हुई। मालगाड़ी की चपेट में आने से दोनों की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस दर्दनाक हादसे से इलाके में सनसनी फैल गई। विकास गुप्ता और उनकी बेटी वेदिका मूल रूप से कानपुर के कल्याणपुर के रहने वाले थे। वे इन दिनों उन्नाव के सहजनी क्षेत्र में किराए के मकान में रह रहे थे। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे ट्रैक पर भीड़ जमा हो गई। पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मंगलवार को पिता-पुत्री का अंतिम संस्कार कर दिया गया। हालांकि, इस घटनाक्रम ने अब नया मोड़ ले लिया है। परिजनों का आरोप है कि यह आत्मघाती कदम केवल पारिवारिक विवाद का नतीजा नहीं है, बल्कि यह साइबर ठगी और डिजिटल ब्लैकमेलिंग का खौफनाक परिणाम है। ब्लैकमेलिंग का जाल और बढ़ती रकम की मांग परिजनों और सूत्रों के मुताबिक, विकास की पत्नी शैफाली एक ऑनलाइन वीडियो फ्रॉड का शिकार हो गई थी। बताया जा रहा है कि किसी शख्स ने पहले दोस्ती और फिर वीडियो कॉल के जरिए आपत्तिजनक बातचीत रिकॉर्ड कर ली। इसके बाद 10 हजार रुपये की मांग की गई। रकम देने के बावजूद ब्लैकमेलिंग नहीं रुकी। 17 हजार रुपये और फिर 50 हजार रुपये की मांग की गई। आरोप है कि वीडियो वायरल करने की धमकी देकर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। विकास अपनी मेहनत की कमाई इस तरह ठगों के हाथों जाते देख अंदर ही अंदर टूट रहे थे। आर्थिक तंगी के साथ-साथ सामाजिक प्रतिष्ठा और बदनामी का डर उन्हें लगातार परेशान कर रहा था। परिजनों का कहना है कि विकास इस अदृश्य दुश्मन से जूझ रहे थे, जिसने उनके परिवार की शांति छीन ली। पुलिस पर लापरवाही के आरोप स्थानीय लोगों और परिजनों का आरोप है कि विकास ने आत्महत्या से पहले मरहला चौकी में शिकायत की थी। उन्होंने कथित ब्लैकमेलिंग से जुड़े वीडियो और मोबाइल नंबर पुलिस को सौंपे थे। आरोप है कि समय रहते साइबर सेल सक्रिय नहीं हुआ। हालांकि मरहला चौकी इंचार्ज मूलचंद पाठक ने इन आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि 19 फरवरी को दोनों पक्षों को थाने बुलाया गया था। पत्नी की तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल भेजा गया और विकास को अगले दिन तहरीर देने के लिए कहा गया, लेकिन वह नहीं आए। अब सवाल उठ रहा है कि यदि शिकायत पर तत्काल कार्रवाई होती तो क्या यह हादसा टल सकता था? मोबाइल और कॉल डिटेल्स बनेंगी अहम कड़ी घटनास्थल से मिली कार में रखे दो मोबाइल फोन पुलिस के लिए अहम सबूत माने जा रहे हैं। पुलिस अब कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), व्हाट्सऐप चैट, वीडियो कॉल हिस्ट्री और बैंक ट्रांजेक्शन की जांच कर रही है। जांच अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश में हैं कि किन नंबरों से कॉल और मैसेज आए, कितनी रकम ट्रांसफर हुई और क्या वाकई वीडियो के जरिए ब्लैकमेलिंग की जा रही थी। साइबर सेल की टीम को भी तकनीकी विश्लेषण के लिए लगाया गया है। भाई ने लगाए गंभीर आरोप, सिर पर 20 टांके मृतक के भाई शिवम ओमर ने मामले में नया मोड़ ला दिया है। उनका आरोप है कि विवाद की जड़ पत्नी का शकील सईद नामक युवक से वीडियो और वॉयस कॉल पर संपर्क था। 24 जनवरी को विकास को इस संबंध की जानकारी हुई। इसके बाद हूलागंज स्थित पत्नी के मायके जाकर परिवार से शिकायत की गई। शिवम के मुताबिक 19 फरवरी को विकास ने पत्नी को दोबारा आपत्तिजनक स्थिति में कॉल करते पकड़ा। विरोध करने पर पत्नी ने मायके वालों को बुला लिया। आरोप है कि ससुराल पक्ष ने विकास पर जानलेवा हमला किया, जिससे उनके सिर पर 20 टांके आए। शिवम का दावा है कि गंभीर चोट के बावजूद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। अंतिम संस्कार को लेकर भी विवाद शिवम ने आरोप लगाया कि उसे घटना की सूचना देर से दी गई। जब वह पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा तो शव सौंपे जा चुके थे। मिश्रा कॉलोनी स्थित पक्का घाट पर पहुंचने से पहले ही दोनों चिताओं में आग लगा दी गई थी। मुखाग्नि मृतक के साले ने दी। शिवम का कहना है कि पंडित को बताया गया कि मृतक का कोई परिजन मौजूद नहीं है। जब वह घाट पर पहुंचा तो शैफाली और उसके परिवार के सदस्य वहां से चले गए। बीएनएस की धारा 108 में मुकदमा दर्ज शिवम की तहरीर पर पत्नी शैफाली गुप्ता, ससुर राकेश गुप्ता, सास सुमन गुप्ता और साले यश व शशांक गुप्ता के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उत्प्रेरित करना) के तहत गंगाघाट कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जाएगी। साइबर ठगी, पारिवारिक विवाद और कथित मारपीट तीनों बिंदुओं को जोड़कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
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