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    कानपुर कांड से खुला मेरठ का किडनी सिंडिकेट:प्राइवेट हॉस्पिटल से झोलाछाप तक फैला नेटवर्क

    2 hours ago

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    मेरठ में किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का खुलासा हुआ है, जिसका मुख्य चेहरा लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के शौकीन गार्डन निवासी झोलाछाप अफजाल है। उसने खुशहाल कॉलोनी में क्लीनिक खोलकर मरीजों को फंसाना शुरू किया और कमीशन के लालच में उन्हें अल्फा हॉस्पिटल भेजता था। धीरे-धीरे उसकी डायरेक्टर अमित से गहरी सांठगांठ हो गई। अफजाल ने ही इस नेटवर्क को जमीन पर खड़ा किया और कई झोलाछापों को इसमें जोड़कर पूरे पश्चिमी यूपी में जाल बिछा दिया। जांच में सामने आया है कि अल्फा हॉस्पिटल सिर्फ इलाज का केंद्र नहीं, बल्कि किडनी के सौदे का अड्डा बन चुका था। यहां गरीब, नशेड़ी और बिहार-बंगाल जैसे राज्यों के मजबूर लोगों को शिकार बनाया जाता था। उन्हें मोटी रकम का लालच देकर किडनी निकलवाई जाती थी, लेकिन बाद में नाममात्र के पैसे देकर छोड़ दिया जाता था। बताया जा रहा है कि किडनी ट्रांसप्लांट की पूरी सेटिंग पहले से तैयार रहती थी। हॉस्पिटल का पूरा स्टाफ इस अवैध गतिविधि में किसी न किसी रूप में शामिल हो सकता है। इस पूरे किडनी रैकेट की पटकथा कानपुर के एक डॉक्टर ने लिखी थी। अल्फा हॉस्पिटल के डायरेक्टर अमित ने ही अफजाल की मुलाकात इस कानपुर के डॉक्टर से कराई थी। यह डॉक्टर देश ही नहीं, विदेशों से भी डोनर और रिसीवर की तलाश करता था, फर्जी कागजात और पहचान तैयार करता था, और ऑपरेशन से लेकर ट्रांसप्लांट तक का पूरा नेटवर्क सेट करता था। कानपुर पुलिस अब इस मामले में सक्रिय हो गई है। गाजियाबाद के ओटी टेक्नीशियन कुलदीप राघव और हापुड़ निवासी राजेश को गिरफ्तार किया गया है। ये दोनों देशभर में किडनी ट्रांसप्लांट के लिए 'डील' तय करते थे। पुलिस अब मेरठ में बड़े स्तर पर छापेमारी की तैयारी कर रही है। इसके साथ ही, लोहिया नगर थाना क्षेत्र की जाकिर कॉलोनी के उस एंबुलेंस चालक की भी तलाश की जा रही है, जो मरीजों को हॉस्पिटल से अल्ट्रासाउंड कराने तक ले जाता था। किडनी कांड के खुलासे के बाद से अल्फा हॉस्पिटल का डायरेक्टर अमित फरार हो गया है। उसका मोबाइल फोन भी बंद आ रहा है। चुप्पी साधे बैठा है, और बार-बार इस किडनी कांड से किसी प्रकार का लेना देना ना होने की बात कह रहा है। मेरठ बना अवैध ट्रांसप्लांट का नया हब इस खुलासे के बाद बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि क्या मेरठ लंबे समय से अवैध किडनी ट्रांसप्लांट का गढ़ बना हुआ था। मेरठ से इतना बड़ा खेल चल रहा था उसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग को इसकी भनक तक नहीं लग पाई। कानपुर पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, वैसे-वैसे इस किडनी कांड में और बड़े नाम सामने आने की संभावना है। वही कानपुर पुलिस मेरठ पुलिस के साथ गुरुवार को शाम 7:30 बजे अल्फा हॉस्पिटल में पहुंची और रात के 3:00 बजे तक वहां के रिकार्ड खंगाल साथ ही पुलिस ने डीवीआर भी कब्जे में ले लिया है। फिलहाल अल्फा हॉस्पिटल से सभी मरीजों को दूसरे हॉस्पिटल में शिफ्ट कर दिया गया है, टीम ने डॉक्टर वैभव मुग्गल सहित हॉस्पिटल के डायरेक्टर अमित और अफजाल के बारे में भी पूछताछ की। अल्फा हॉस्पिटल मैं एक कंप्लेंट भी लगा हुआ मिला है जिस पर मोहम्मद इनाम, नासिर खान, हाजी नदीम बालोत को भी हॉस्पिटल का डायरेक्टर दर्शाया गया है, ये तीनो भी हॉस्पिटल में बराबर के पार्टनर है, ये लोग भी कानपुर पुलिस के रडार पर हैं, पुलिस इन तीनो के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। वही कानपुर पुलिस ने मेरठ सहित आसपास के जिलों में पारा डाल दिया है।
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