Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    कानपुर में 250 सरकारी बसें बंद:बेरोजगार ड्राइवर-कंडक्टर बोले- विभाग कह रहा कागज खो गए, 20 लाख का प्रतिदिन घाटा

    12 hours ago

    1

    0

    कानपुर शहर में चलने वाली CNG बसें उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने बंद कर दी हैं। जिससे यात्रियों को यात्रा करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं इन बसों के बंद होने से बसों के ड्राइवर और कंडक्टर अपनी नौकरी को लेकर अधिकारियों के चक्कर काट रहे है। अब इन बसों के बंद होने से विभाग को करीब 20 लाख रुपए प्रतिदिन का नुकसान हो रहा है। फतेहपुर, कानपुर देहात से शहर को जोड़ती थी बसें शहर में 250 से अधिक CNG बसें चलती थी। अक्टूबर 2025 से ये सभी बसें कंडम हो गई। जिसके बाद विभाग से नई गाड़ियां न मिल पाने से अब इन बसों में चलने वाले ड्राइवर कंडक्टरों की नौकरी में संकट आ गया है। ये बसें कानपुर शहर से बिंदकी, पुखरायां, भोगनीपुर, बिलहौर, घाटमपुर और जहानाबाद जैसे कस्बों से सैकड़ों यात्रियों को कानपुर शहर से लाती और ले जाती थी। इन बसों का एक रुपए प्रति किमी से भी कम किराया था। ये बसें बंद होने के बाद से डग्गेमार वाहनों में बढ़त हुई है, और यात्रियों के किराये के पैसे में वृद्धि हुई है। विभाग को प्रतिदिन 20 लाख का नुकसान शहर में चलने वाली इन बसों के न चलने से विभाग को लगभग प्रतिदिन 20 लाख रुपए का घाटा लग रहा है। विभाग के कंडक्टरों की माने तो एक बस से एक दिन में 5 हजार से लेकर 8 रुपए की इनकम प्रतिदिन होती थी। इस तरीके से शहर में 250 से अधिक बसें दौड़ती थी। ऐसे प्रतिदिन विभाग की इनकम करीब 20 लाख रुपए प्रतिदिन होती थी। लेकिन अब इन बसों के बंद होने से 20 लाख रुपए प्रतिदिन का राजस्व का नुकसान हो रहा है। अक्टूबर 2025 से बसों को बंद होने के बाद अभी तक विभाग का करीब 18 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हो चुका है। कंडक्टरों ने दिया कार्यालय में दिया धरना आज इन बसों के कर्मचारियों ने क्षेत्रीय परिवहन निगम के कार्यालय विकासनगर में धरना दिया। कंडक्टर और ड्राइवर का कहना है, हम लोग परिवहन निगम की तरफ से संविदा कर्मचारी है। अक्टूबर में शहर की सभी सिटी बसें बंद कर दी गई। जिसके बाद उत्तर प्रदेश परिवहन के MD ने UPSRTC में समायोजन करने का आदेश क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी कानपुर को दिये थे। लेकिन उनके द्वारा अभी तक कुछ नहीं किया गया है। बसें बंद होने के बाद कर्मचारी बेरोजगार हो गए उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के कानपुर के क्षेत्रीय प्रबंधक महेश ने बताया ये बसें उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की नहीं थी। इनको कंट्रोल KCBS (कानपुर सिटी बस सर्विस) चलवाता था। 2009 से 2011 तक जो कर्मचारी रखे गए थे, वो परिवहन विभाग की तरफ से रखे गए, लेकिन 2017 के बाद कर्मचारियों को KCBS से रखा गया था। लेकिन ये बसें नगरीय निदेशालय की थी, जो सिटी में ट्रांसपोर्ट का काम देखता है। इन बसों की 15 वर्ष की अवधि पूरा होने के बाद इनकी नीलामी कर दी गई। जिसके बाद ये सब लोग बेरोजगार हो गए। हम लोगों विभाग से पत्राचार कर रहे है, आगे के निर्देश प्राप्त होने पर कार्रवाई की जाएगी।
    Click here to Read more
    Prev Article
    दिल्ली में BJP प्रदेश अध्यक्ष से पार्षद मिले:मेयर की शिकायत की, कहा- अम्मा एक बच्चे को दूध मलाई दे रहीं, दूसरे को पानी में जहर
    Next Article
    पूर्व सीएम मायावती पर आपत्तिजनक पोस्ट:लखनऊ में फेसबुक यूजर पर FIR दर्ज, BSP कार्यकर्ता ने दर्ज करवाया मुकदमा

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment