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    कानपुर में AIMIM ने मस्जिद ध्वस्तीकरण का विरोध किया:कलेक्ट्रेट पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन, सिटिंग जज की निगरानी में जांच की मांग

    2 hours ago

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    आल इंडिया मजलिस-ए-इतेहादुल मुस्लिमीन पार्टी ने कानपुर कलेक्ट्रेट पहुंचकर पार्टी के जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सहारनपुर में मस्जिद के धवस्तीकरण किए जाने का विरोध किया। इसके लिए राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी कार्यालय में ज्ञापन सौंपा गया। जिलाध्यक्ष ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली और जोनल प्रदेश अध्यक्ष शेख ताहिर सिद्दीकी के निर्देश पर नगर अध्यक्ष दिलदार गाजी और युवामोर्चा नगर अध्यक्ष उमर मारूफ के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचा। उमर मारूफ ने कहा कि मस्जिद उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड में दर्ज धार्मिक संपत्ति है। प्रशासन की ओर से कथित तौर पर सरकारी भूमि का हवाला देते हुए की गई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को लेकर ज्ञापन में गंभीर सवाल उठाए गए हैं। मामले की सिटिंग जज की निगरानी में जांच की मांग ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि पूरे मामले की हाईकोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में न्यायिक जांच कराने की मांग की गई। इसके साथ ही ध्वस्तीकरण के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई करने और मस्जिद के पुनर्निर्माण के संबंध में विधि सम्मत निर्णय लेने की मांग की गई। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों में संविधान में प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता, समानता और विधिक प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए। किसी भी धार्मिक स्थल पर कार्रवाई से पहले संबंधित पक्ष को नोटिस, सुनवाई और न्यायिक उपचार का अवसर मिलना चाहिए। वक्फ संपत्तियों को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश की मांग ज्ञापन में भविष्य में किसी भी वक्फ संपत्ति के संबंध में कार्रवाई से पहले वक्फ बोर्ड और संबंधित पक्ष को कानून के अनुसार सुनवाई का अवसर देने तथा प्रशासनिक स्तर पर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की गई। राष्ट्रपति के नाम सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से संविधान और कानून के शासन की रक्षा करते हुए पूरे मामले में निष्पक्ष हस्तक्षेप और न्याय सुनिश्चित करने की मांग की गई। ये रखीं प्रमुख मांगें 1. हाईकोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में न्यायिक जांच कराई जाए। 2. ध्वस्तीकरण के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई की जाए। 3. मस्जिद के पुनर्निर्माण के संबंध में विधि सम्मत कार्रवाई की जाए। 4. वक्फ संपत्तियों पर कार्रवाई से पहले संबंधित पक्ष को नोटिस और सुनवाई का अवसर दिया जाए। 5. भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्पष्ट शासनादेश जारी किया जाए। ये लोग रहे मौजूद ज्ञापन देने वालों में मुख्य रूप से एडवोकेट नासिर खान, सैयद सलमान अहमद, जाहिद, रुखसाना वारसी, हाफिज मंसूरी, सद्दाम हुसैन, अनस अहमद, समीर खान, मोहम्मद शोएब, मोहम्मद शादाब, दानिश अंसारी, जुबेर अली, लाइक अंसारी, मुर्तजा खान, एडवोकेट मिराज, नावेद अंसारी, अयान सिद्दीकी, अमन, जाहिद अली, मोहम्मद आसिफ और सैयद हसन सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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