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    कारोबारी का दावा झूठा-शिवम चला रहा था लेम्बोर्गिनी कार:पुलिस को जांच में मिले 5 बड़े साक्ष्य, आज कोर्ट में होगी सुनवाई

    4 hours ago

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    कानपुर के लेम्बोर्गिनी केस में आरोपी शिवम मिश्रा के पिता तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा का दावा पुलिस की जांच में पूरी तरह से झूठा निकला है। केके मिश्रा की मानें तो उनका बेटा कार ही नहीं चला रहा था। जबकि पुलिस की जांच में सीसीटीवी, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और कई ऐसे अहम साक्ष्य सामने आए हैं। इससे साफ हो गया है कि कार को शिवम ड्राइव कर रहा था और हादसा उसी से हुआ था। कार में कोई दूसरा व्यक्ति या ड्राइवर मौजूद नहीं था। पुलिस आज अपनी जांच रिपोर्ट कोर्ट में पेश करेगी। कार शिवम चला रहा था पुलिस की जांच रिपोर्ट में 5 बड़े साक्ष्य साक्ष्य-1 हादसे के वीडियो ने बयां कर दी सच्चाई पुलिस ने अपनी जांच में हादसे के बाद एक वीडियो शामिल किया है। इसमें हादसे के बाद कार चालक शिवम को उसकी गाड़ी के पीछे चल रहे दूसरी कार में मौजूद बाउंसर नीचे उतरकर आते हैं। सड़क पर पड़ी ईंट से कार का शीशा तोड़कर उसे बाहर निकालते हैं और दूसरी गाड़ी से लेकर उसे अस्पताल चले जाते हैं। शिवम को ड्राइविंग सीट से निकलते ही इकदम साफ देखा जा सकता है। वीडियो देखने से यह साफ पता चलता है कि गाड़ी में कोई और दूसरा व्यक्ति ही नहीं था, इस वजह से ईंट से शीशा तोड़ना पड़ा और तब कार का दरवाजा खोलकर शिवम को बाहर निकाला जा सका। साक्ष्य-2 पुलिस की जांच रिपोर्ट में दूसरा सबसे बड़ा साक्ष्य प्रत्यक्षदर्शियों के बयान हैं। जांच कर रहे दरोगा दिनेश सिंह ने 10 से ज्यादा प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए हैं। पूछताछ के दौरान इन सभी ने बताया कि कार शिवम मिश्रा ही चला रहा था। गाड़ी में कोई दूसरा व्यक्ति नहीं मौजूद था। हादसे के बाद बाउंसर उसे कार से निकालकर ले गए हैं। ड्राइवर के गाड़ी चलाने या कार में किसी दूसरे व्यक्ति के मौजूद होने की बात को सभी प्रत्यक्षदर्शियों ने खारिज किया है। पुलिस ने इन सभी प्रत्यक्षदर्शियों के बयान अपनी जांच रिपोर्ट में दर्ज किया है। साक्ष्य-3 शिवम की मोबाइल लोकेशन घटनास्थल पर मिली पुलिस ने अपने दावे और मौजूद करने के लिए अपनी जांच रिपोर्ट में बतौर इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य शिवम की मोबाइल लोकेशन को भी शामिल किया है। हादसे के दौरान शिवम की मोबाइल लोकेशन भी वीआईपी रोड पर हादसे वाली जगह पर ही थी। शिवम प्राइवेट वीआईपी मोबाइल नंबर इस्तेमाल करता है। शिवम की लोकेशन से साफ है कि वह वीआईपी रोड पर ही मौजूद था। साक्ष्य-4 CCTV में कैद हुई पूरी घटना पुलिस ने जांच रिपोर्ट में स्मार्ट सिटी के तहत नगर निगम की ओर से लगाए गए सीसीटीवी फुटेज भी हासिल किया है। नगर निगम के कंट्रोलरूम से पुलिस को मिले सीसीटीवी में पूरा हादसा कैद हुआ है। पुलिस ने इसे भी बेहद अहम साक्ष्य मानते हुए अपनी जांच रिपोर्ट में शामिल किया है। इस सीसीटीवी फुटेज से भी साफ है कि गाड़ी में कोई ड्राइवर नहीं था, सिर्फ एक व्यक्ति ही मौजूद था। इससे आरोपी शिवम मिश्रा के पिता केके मिश्रा का दावा झूठा होने का सबसे मजबूत साक्ष्य है। साक्ष्य-5 वादी ने अपने बयान में भी शिवम को पहचाना हादसे की एफआईआर दर्ज कराने वाले घायल चमनगंज घुसियाना निवासी मो. तौफीक के बयान दर्ज किया है। वादी ने अपने बयान में बताया कि लेम्बोर्गिनी कार में सिर्फ एक ही व्यक्ति ड्राइविंग सीट पर था। वीडियो देखकर तस्दीक किया है कि कार आरोपी शिवम मिश्रा ही चला रहा था। वादी का बयान भी किसी केस में सबसे अहम माना जाता है। पूरे केस में वादी का बयान भी अहम साक्ष्य के तौर पर जांच रिपोर्ट में शामिल किया गया है। आज कोर्ट में पुलिस पेश करेगी जांच रिपोर्ट डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि शिवम मिश्रा के नाम पर लेम्बोर्गिनी कार है। शिवम की ओर से गाड़ी को रिलीज करने के लिए कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। इसके साथ ही ड्राइवर मोहन की आरे से सरेंडर याचिका दाखिल की गई है। आज ग्वालटोली थाने की पुलिस की ओर से कोर्ट में जांच रिपोर्ट पेश की जाएगी। पुलिस की जांच रिपोर्ट में साफ है कि कार शिवम चला रहा था। पुलिस की जांच में इसके पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं। इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस भी हैं। इसके बाद कोर्ट अपना फैसला लेगा। इस केस में भले ही ड्राइवर की ओर से सरेंडर याचिका दाखिल की गई है, लेकिन एफआईआर जमानतीय धाराओं में दर्ज है। अब आपको बताते हैं क्या था पूरा मामला वीआईपी रोड पर 8 फरवरी की दोपहर को तेज रफ्तार लेम्बोर्गिनी ने कइयों को उड़ा दिया था। मामले में पुलिस ने घायल चमनगंज घुसियाना निवासी मो. तौफीक की तहरीर पर कार नंबर के आधार पर एफआईआर दर्ज की थी। जबकि हादसे का लाइव वीडियो समेत कई अहम साक्ष्य थे, लेकिन अरबपति कारोबारी के रसूख के चलते पुलिस ने गाड़ी नंबर के आधार पर केस दर्ज किया था। हाई प्रोफाइल मामले में आरोपी को राहत देने पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव और लोगों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़ा किया तो पुलिस ने आनन-फानन में 9 फरवरी को हादसे के 24 घंटे बाद कार चालक शिवम मिश्रा का नाम एफआईआर में बढ़ा दिया। 10 फरवरी को आरोपी शिवम मिश्रा के पिता केके मिश्रा ग्वालटोली थाने अपना बयान दर्ज कराने पहुंचे, उन्होंने दावा किया कि गाड़ी उनका ड्राइवर मोहन चला रहा था, बेटा कार में बैठा हुआ था। यह भी बताया कि उसकी तबियत बिगड़ने की वजह से बेटा शिवम बयान दर्ज कराने नहीं आ सका है, जल्द ही वह अपने बयान दर्ज कराएगा। लेकिन पुलिस की जांच में आरोपी शिवम के पिता केके मिश्रा और उनके वकील धर्मेन्द्र सिंह का दावा पूरी तरह से झूठा निकला है, लेकिन अब देखना है कि कोर्ट में किसका दावा कितना टिकेगा।
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