Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    क्रांति की संघर्ष और सफलता की कहानी:हार्दिक पंड्या को मानती हैं रोल मॉडल, अब लगातार दूसरे वर्ल्ड कप में खेलती नजर आएंगी

    8 hours ago

    1

    0

    मध्यप्रदेश के छोटे से गांव से निकलकर भारतीय विमेंस क्रिकेट टीम तक पहुंचने वाली तेज गेंदबाज क्रांति की कहानी संघर्ष, मेहनत और जुनून की मिसाल है। टेनिस बॉल क्रिकेट से शुरुआत करने वाली क्रांति आज लगातार दूसरे वर्ल्ड कप में भारत का प्रतिनिधित्व करने जा रही हैं। इंग्लैंड में होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप से पहले दैनिक भास्कर से खास बातचीत में उन्होंने अपने संघर्ष, परिवार के सपोर्ट, टीम इंडिया के माहौल, रोल मॉडल हार्दिक पंड्या और गांव की लड़कियों में आए बदलाव पर बात की। पढ़िए पूरा इंटरव्यू…… सवाल: लगातार दूसरे वर्ल्ड कप में जगह बनाने पर आपका पहला रिएक्शन क्या था? क्रांति: बहुत अच्छा लगा। जब टी-20 वर्ल्ड कप की टीम आने वाली थी, तब थोड़ा एक्साइटमेंट था। मुझे भरोसा था कि मैं टीम में रहूंगी, क्योंकि डेब्यू के बाद मैंने अपनी बॉलिंग पर काफी काम किया है और 100% दिया है। जब टीम में अपना नाम देखा तो परिवार भी बहुत खुश हुआ। अब हमारा पूरा फोकस इंग्लैंड में जाकर टीम के लिए अपना बेस्ट देने पर है। सवाल: आपकी क्रिकेट जर्नी काफी प्रेरणादायक रही है। शुरुआत कैसे हुई और परिवार का कितना सपोर्ट मिला? क्रांति: मैंने बहुत छोटी उम्र में क्रिकेट शुरू किया। शुरुआत टेनिस बॉल क्रिकेट से हुई और लड़कों के साथ खेलती थी। वहीं से फास्ट बॉलिंग सीखी। बाद में पता चला कि लड़कियों का क्रिकेट भी होता है और अकादमी भी होती हैं। फिर एक टूर्नामेंट में मेरे कोच राजीव सर मिले। उन्होंने मुझे अकादमी जॉइन करवाई। परिवार का हमेशा बहुत सपोर्ट रहा। पापा सुबह बाइक से मुझे मैच खिलाने 200-250 किलोमीटर तक ले जाते थे। मां सुबह जल्दी उठकर खाना बनाती थीं। भाई-बहन सभी ने मुझे हमेशा मोटिवेट किया। सवाल: अब टी-20 वर्ल्ड कप इंग्लैंड में है और वहां की परिस्थितियां तेज गेंदबाजों के लिए मददगार होती हैं। आपकी तैयारी कैसी है? क्रांति: मैंने पहले भी इंग्लैंड में खेला है और वहां के विकेट तेज गेंदबाजों को काफी मदद करते हैं। मेरा फोकस अपनी स्ट्रेंथ पर काम करने का है और टीम को 100% देने का है। सवाल: भारतीय टीम इस बार खिताब की प्रबल दावेदार मानी जा रही है। टीम का माहौल कैसा है? क्रांति: टीम का माहौल बहुत अच्छा है। हम मैदान पर और ड्रेसिंग रूम में हमेशा एक-दूसरे को सपोर्ट करते हैं। मैच से पहले विपक्षी टीम के बारे में चर्चा होती है कि किस बल्लेबाज को कैसे आउट करना है। हम सब परिवार की तरह रहते हैं और यही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। सवाल: क्या इस वर्ल्ड कप में कोई खास बल्लेबाज है, जिसका विकेट लेने का इंतजार है? क्रांति: मैं ऑस्ट्रेलिया की एलिस पेरी और साउथ अफ्रीका की कप्तान लॉरा वोल्वार्ड्ट का विकेट लेना चाहती हूं। सीनियर खिलाड़ियों के खिलाफ खेलना हमेशा खास होता है। सवाल: वनडे वर्ल्ड कप जीतने के बाद आपने हार्दिक पंड्या वाला सेलिब्रेशन किया था। क्या वे आपके रोल मॉडल हैं? क्रांति: हां, हार्दिक पंड्या मेरे रोल मॉडल हैं। मैं उन्हें काफी फॉलो करती हूं। मुझे उनका व्यवहार बहुत पसंद है। वह बहुत डाउन टू अर्थ हैं, फैंस से मिलते हैं, बात करते हैं। मैं भी उनके जैसा बड़ा क्रिकेटर बनना चाहती हूं। सवाल: छोटे गांव और शहरों की लड़कियों के लिए आप क्या कहना चाहेंगी? क्रांति: मैं खुद एक छोटे गांव से हूं। पहले गांव में लोग लड़कियों के क्रिकेट खेलने पर ताने मारते थे। लेकिन वर्ल्ड कप जीतने के बाद काफी बदलाव आया है। अब गांव में लड़कियां क्रिकेट खेल रही हैं और उनके माता-पिता भी सपोर्ट कर रहे हैं। पहले लड़कियों को बाहर भेजने से डरते थे, लेकिन अब पढ़ाई और खेल दोनों के लिए भेज रहे हैं। मुझे गर्व है कि मेरे गांव की करीब 80 लड़कियां अब क्रिकेट खेल रही हैं। सवाल: आपने एक इंटरव्यू में बताया था कि शुरुआत में आप भाई के जूते पहनकर क्रिकेट खेलती थीं। उस संघर्ष के बारे में बताइए। क्रांति: मुझे आज भी अपना पहला मैच याद है। मैंने पहली बार लड़कों के साथ मैच खेला था और प्लेयर ऑफ द मैच बनी थी। वहां से मेरी क्रिकेट जर्नी शुरू हुई। उस समय घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। पापा की नौकरी चली गई थी। अकादमी की फीस और रहने का खर्च उठाना मुश्किल था। मां ने तो अपनी सोने की चुड़ियां तक बेच दी थीं। कई बार कोच सर और दोस्तों के घर रहकर प्रैक्टिस की। परिवार ने बहुत संघर्ष किया, लेकिन कभी मुझे खेलने से नहीं रोका। वही सपोर्ट आज मुझे यहां तक लेकर आया है। ICC विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप 2026 12 जून से शुरू होगा और फाइनल 5 जुलाई को खेला जाएगा। टूर्नामेंट के मुकाबलों का लाइव जियोहॉटस्टार और स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर होगा।
    Click here to Read more
    Prev Article
    बांग्लादेश WTC पॉइंट टेबल में भारत से आगे निकला:पाकिस्तान को हराकर पांचवें स्थान पर आया, टीम इंडिया छठे स्थान पर खिसकी
    Next Article
    सूर्यवंशी ने रसेल का रिकॉर्ड तोड़ा:IPL सीजन में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले नंबर-2 बैटर, A बनाकर फिफ्टी सेलिब्रेट की; रिकॉर्ड्स

    Related स्पोर्ट्स Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment