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    किसानों को आधुनिक खेती का प्रशिक्षण:मऊ के कृषि विज्ञान केंद्र में ड्रिप सिंचाई पर जोर, किसानों की योजना से जुड़ी जानकारी

    2 hours ago

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    मऊ जिले के कृषि विज्ञान केंद्र पिलखी रतनपुरा में उद्यान विभाग द्वारा एक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें जनपद के सभी विकास खंडों से चयनित 100 किसानों ने भाग लिया। कार्यशाला का शुभारंभ प्रगतिशील कृषकों वीरेंद्र नारायण सिंह, धनई सिंह, कोमल यादव, महेश मौर्या और चंद्रिका मौर्य ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य किसानों को "पर ड्रॉप मोर क्रॉप" माइक्रो इरिगेशन योजना के तहत ड्रिप इरिगेशन, मिनी और पोर्टेबल स्प्रिंकलर जैसी आधुनिक सिंचाई विधियों से अवगत कराना था। प्रशिक्षण में कम लागत में अधिक मुनाफा कमाने के साथ-साथ जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के महत्व पर भी जोर दिया गया। कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष डॉ. विनय कुमार सिंह ने आम और अमरूद के बागों सहित सभी कृषि एवं उद्यान फसलों में ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई के उपयोग पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह विधि मृदा स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में सहायक है और 2047 तक विकसित भारत के साथ विकसित कृषि के उद्देश्य को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने किसानों से इस योजना से जुड़ने का आग्रह किया। डॉ. अंगद प्रसाद और डॉ. हिमांशु राय ने स्ट्रॉबेरी, ड्रैगन फ्रूट और साग-भाजी जैसी फसलों में जल संरक्षण के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि ड्रिप या स्प्रिंकलर के माध्यम से उर्वरक और कृषि रक्षा रसायनों का संतुलित प्रयोग करने से उत्पादन में 20 से 30 प्रतिशत तक की वृद्धि हो सकती है। साथ ही प्रति हेक्टेयर 25 से 50 हजार रुपये तक की लागत कम की जा सकती है। जिला उद्यान अधिकारी संदीप कुमार गुप्त ने गन्ने की फसल में ड्रिप सिंचाई के उपयोग से होने वाली आर्थिक बचत पर प्रकाश डाला। उन्होंने किसानों से शाकभाजी की सह-फसली खेती करते हुए अपनी आय को दोगुना करने के लिए ड्रिप/स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली अपनाने का आह्वान किया। योजना प्रभारी अरुण कुमार यादव ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के "पर ड्रॉप मोर क्रॉप" माइक्रोइरिगेशन कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत 90 प्रतिशत तक का अनुदान उपलब्ध है और किसानों को पंजीकरण के साथ इसका लाभ लेने की प्रक्रिया भी समझाई गई। उन्होंने बताया कि आज के सत्र में 100 किसानों के लिए एक वैज्ञानिक प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया गया जिसमें किसानों को योजना से जुड़ी हुई जानकारी तथा योजना का लाभ वो कैसे लेंगे, इस बारे में बताया गया। इसके साथ ही ड्रिप सिंचाई और स्प्रिंकलर सिंचाई का कृषि विज्ञान केंद्र पर स्थापित सिस्टम चलवा कर लाइव प्रदर्शन भी दिखाया गया। इसके पार्ट्स और प्रयोग किसान कैसे करेंगे, इन सब के बारे में भी विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ ही पूरे देश और प्रदेश में जल संरक्षण का जो अभियान चल रहा है इसमें हम अपनी योजना के माध्यम से कैसे सहयोग कर सकते हैं, इसके बारे में भी किसानों को समझाया गया। इस अवसर पर निर्माता कंपनियों के प्रतिनिधि और इंजीनियर पंकज यादव,संजय कुमार सिंह,सूरज वर्मा द्वारा विभिन्न कंपनियों द्वारा जनपद में कृषक प्रक्षेत्र पर कार्यक्रम कराए जाने हेतु अपने नंबर साझा करते हुए योजना से जुड़कर लाभ लेने का अनुरोध किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में उद्यान निरीक्षक अरुण कुमार यादव, विकासखंड प्रभारी चंद्रभान, सुनील कुमार गुप्त , बालजीत, राजकुमार, अमरनाथ यादव, जोगेंद्र यादव सहित कृषक उपस्थित रहे।
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