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    किसान यूनियन का प्रदर्शन, राष्ट्रपति को ज्ञापन:केंद्र की नीतियों का विरोध, एक दिवसीय अखिल भारतीय हड़ताल का समर्थन

    14 hours ago

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    सोनभद्र में आज केंद्र और राज्य सरकारों की मजदूर-विरोधी,किसान-विरोधी और निजीकरण समर्थक नीतियों के खिलाफ एक दिवसीय अखिल भारतीय हड़ताल का समर्थन किया गया।भारतीय किसान यूनियन सहित दस प्रमुख केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और विभिन्न कर्मचारी संगठनों के संयुक्त आह्वान पर जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। इंटक के जिलाध्यक्ष हरदेवनारायण तिवारी ने इस अवसर पर कहा कि सरकार द्वारा बनाए गए चारों श्रम संहिता (लेबर कोड) श्रमिकों के अधिकारों को कमजोर करते हैं और इन्हें तत्काल रद्द किया जाना चाहिए । उन्होंने विद्युत संशोधन विधेयक 2025 तथा अन्य जन-विरोधी संशोधन विधेयकों को भी वापस लेने की मांग की। जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष और इंटक के उपाध्यक्ष बृजेश तिवारी ने अपनी बात रखते हुए कहा कि मनरेगा को कमजोर करने, ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका की गारंटी समाप्त करने,न्यूनतम वेतन लागू न करने, तथा ठेका-संविदा-आउटसोर्स व्यवस्था को बढ़ावा देने से मजदूरों, किसानों और आम जनता का जीवन संकट में है।उन्होंने सार्वजनिक क्षेत्रों के निजीकरण पर तत्काल रोक लगाने की भी मांग की। कामरेड लालचंद,शमीम अख्तर खान और राजेंद्र प्रसाद ने हड़ताल के दौरान कई अन्य प्रमुख मांगें रखीं।इनमें चारों श्रम संहिताओं को रद्द करना, विद्युत संशोधन विधेयक 2025 और बीज बिल 2025 को वापस लेना शामिल है। उन्होंने बीवी राम जी कानून को समाप्त कर मनरेगा को मजबूत करने,न्यूनतम वेतन ₹26,000 प्रति माह से कम न रखने, तथा न्यूनतम वेतन सलाहकार बोर्ड एवं सेल्स प्रमोशन इम्प्लॉइज के लिए उप-समिति का गठन करने की मांग की।पुरानी पेंशन योजना की बहाली भी एक प्रमुख मांग थी। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा,स्वास्थ्य, बिजली, कोयला, तेल, रेल, भेल, बैंक, बीमा सहित सभी सार्वजनिक क्षेत्रों के निजीकरण पर रोक लगाने की मांग की। इसके अतिरिक्त, स्कीम वर्कर्स को राज्य कर्मचारी का दर्जा देते हुए ₹26,000 मासिक मानदेय और ₹10,000 मासिक पेंशन देने की मांग की गई। ठेका, संविदा एवं आउटसोर्स श्रमिकों को नियमित करने, घरेलू कामगारों एवं होम-बेस्ड वर्कर्स को मजदूर का दर्जा देकर कल्याण बोर्ड गठित करने की भी मांगें उठाई गईं। ई-श्रम एवं विभिन्न बोर्डों में पंजीकृत सभी श्रमिकों को आयुष्मान कार्ड एवं सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की भी अपील की गई। प्रदर्शन में मुख्य रूप से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आशुतोष दुबे, आकाश वर्मा, जयशंकर भारद्वाज, एच के उपाध्याय ,राजेश देव पांडे हरिशंकर गौड़ ,राजाराम भारती ,मुकेश चेरो ,प्रहलाद गुप्ता, जवाहर यादव ,दूधनाथ खरवार, शिवप्रसाद खरवार ,सुरेंद्र गौड़,जिब्रील खान, रामचंद्र मौर्य, स्वतंत्र श्रीवास्तव, कौशल्या देवी, मीना देवी, कुंती देवी,शांति देवी आदि रहे।
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