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    काशी ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड, चीन को पछाड़ा:गिनीज बुक में 1 घंटे में सबसे अधिक पौधे रोपने का रिकॉर्ड, मोदी ने गोद लिया था गांव

    14 hours ago

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    यूपी की आध्यात्मिक नगरी वाराणसी ने अब हरियाली के क्षेत्र में विश्व रिकॉर्ड बनाया है। सुजाबाद-डोमरी में एक घंटे में 245103 पौधे लगाकर चीन के नाम दर्ज गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड को तोड़ा गया। इस ऐतिहासिक पल को दर्ज करने के लिए 'गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड' की टीम ऋषि नाथ के नेतृत्व में डोमारी में मौजूद रही। इसके पहले चीन में 2018 एक घंटा में 153981 पौधे लगाकर रिकॉर्ड बनाया था। दरअसल, नगर निगम क्षेत्र में करीब एक साल पहले शामिल डोमरी गांव में 350 बीघा क्षेत्र को आधुनिक ‘शहरी वन’ परियोजना के तहत विकसित किया है। रविवार को अभियान के तहत एक घंटे में मियावाकी टेक्निक से पौधारोपण कर रिकॉर्ड बनाने की पहल की गई। यह 2 तस्वीर देखिए… 2018 में पीएम ने गोद लिया था डोमरी वाराणसी से लगभग 12 किमी दूर स्थित डोमरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सांसद बनने के बाद 2018 में ‘आदर्श ग्राम’ के रूप में गोद लिया था। गांव में करीब 750 परिवार और लगभग 6 हजार की आबादी है। लेकिन बाद में यह गांव नगर निगम क्षेत्र में शामिल कर लिया गया था। सुरेश खन्ना ने व्यवस्था का लिया जायजा मुख्यमंत्री के आगमन से पहले प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने डोमरी पहुंचकर तैयारियों का निरीक्षण किया। उन्होंने इस शहरी वन को आने वाली पीढ़ियों के लिए ‘ऑक्सीजन बैंक’ बताया। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी वाराणसी पहुंच चुके हैं। कार्यक्रम में शामिल होने के बाद वे काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन करेंगे। क्या है मियावाकी तकनीक? मियावाकी टेक्निक, जापानी वनस्पति शास्त्री अकीरा मियावाकी द्वारा विकसित की गई एक ऐसी तकनीक है जिससे बहुत कम जगह में घने और देशी जंगल उगाए जा जाते हैं। इस विधि से लगाए गए पौधे सामान्य पौधों की तुलना में 10 गुना तेजी से बढ़ते हैं। पारंपरिक वनों के मुकाबले यह जंगल 30 गुना ज्यादा घना होता है। वहीं दो से तीन साल तक देखभाल के बाद यह जंगल 'सेल्फ-सस्टेनेबल' (स्वयं जीवित रहने वाले) हो जाते हैं। इसमें एक ही क्षेत्र में अलग-अलग परतों वाले पौधे लगाए जाते हैं, जैसे झाड़ियां, मध्यम ऊंचाई के पेड़ और ऊंचे पेड़। इससे मिट्टी में नमी बनी रहती है और जैव विविधता बढ़ती है। कार्यक्रम से जुड़े पल-पल की अपडेट के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
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