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    कौशांबी में नव भारत साक्षरता परीक्षा आयोजित:4700 प्रौढ़ों ने लिया हिस्सा, 400 स्कूलों में बने केंद्र

    14 hours ago

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    रविवार को कौशांबी जनपद में उल्लास नव भारत साक्षरता परीक्षा का आयोजन किया गया। शिक्षा विभाग द्वारा साक्षरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित इस परीक्षा में 4700 लोगों ने पंजीकरण कराया था। परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए जिले के 400 विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया गया था, ताकि वे अपने नजदीकी स्थान पर ही परीक्षा दे सकें। इस परीक्षा में प्रतिभागियों की पढ़ने, लिखने और बुनियादी गणना (न्यूमरेसी) से जुड़ी क्षमताओं का आकलन किया गया। परीक्षा समाप्त होने के तुरंत बाद रविवार को ही परीक्षा केंद्रों पर मूल्यांकन कार्य भी संपन्न कर लिया गया, जिससे परिणामों को शीघ्र तैयार किया जा सके। सफल अभ्यर्थियों को राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) द्वारा बेसिक साक्षरता प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। इस साक्षरता अभियान का मुख्य उद्देश्य उन व्यक्तियों को आत्मनिर्भर बनाना है जो किसी कारणवश औपचारिक शिक्षा प्राप्त नहीं कर सके थे। विशेष रूप से, यह कार्यक्रम महिलाओं को उनके दैनिक कार्यों, बैंक लेनदेन और डिजिटल जानकारी के लिए दूसरों पर निर्भरता कम करने में सहायक होगा। बीएसए डॉ. कमलेंद्र कुशवाहा ने बताया कि उल्लास - नव भारत साक्षरता कार्यक्रम, जिसे न्यू इंडिया लिटरेसी प्रोग्राम के नाम से भी जाना जाता है, केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित एक महत्वपूर्ण पहल है। यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप है और इसका लक्ष्य 15 वर्ष तथा उससे अधिक आयु के उन वयस्कों को सशक्त बनाना है जिन्होंने औपचारिक स्कूली शिक्षा नहीं ली है, ताकि वे समाज में बेहतर ढंग से एकीकृत हो सकें और राष्ट्र के विकास में योगदान दे सकें। यह कार्यक्रम पढ़ने, लिखने और अंकगणित कौशल सहित कार्यात्मक साक्षरता प्रदान करने पर केंद्रित है। साथ ही, यह शिक्षार्थियों को महत्वपूर्ण जीवन कौशल से समृद्ध करता है, जिससे आजीवन सीखने की प्रक्रिया को बढ़ावा मिलता है। स्वयंसेवा के माध्यम से कार्यान्वित यह पहल सामाजिक जिम्मेदारी और 'कर्तव्य बोध' की भावना को प्रोत्साहित करती है। शिक्षार्थियों को दीक्षा पोर्टल और उल्लास मोबाइल ऐप/पोर्टल के माध्यम से क्षेत्रीय भाषाओं में शैक्षिक सामग्री तक पहुंच प्रदान की जाती है। कार्यक्रम के तहत शिक्षार्थियों और स्वयंसेवी शिक्षकों को दिए जाने वाले प्रमाण पत्र उनके आत्मविश्वास और प्रेरणा को बढ़ाते हैं, जिससे निरंतर प्रगति सुनिश्चित होती है।
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