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    तो DM-SP इस्तीफा दें…केस में हाईकोर्ट में सुनवाई:संभल मस्जिद में नमाज का मामला, कोर्ट ने कहा- नमाजियों की संख्या सीमित नहीं

    1 hour ago

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    इलाहाबाद हाईकोर्ट में सोमवार को संभल की मस्जिद में नमाजियों की संख्या सीमित करने के मामले में सुनवाई होगी। हाईकोर्ट ने इस मामले पर प्रशासन को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा था कि मस्जिद में नमाजियों की संख्या सीमित नहीं कर सकते हैं। अफसर क़ानून-व्यवस्था नहीं संभाल सकते तो इस्तीफ़ा दे दें या फिर तबादला करा लें। मामले में कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा था। सोमवार को जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस सिद्धार्थ नंदन की डिवीज़न बेंच इस अहम मामले पर सुनवाई करेगी। जानिये हाईकोर्ट क्या कहा था इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि मस्जिद में नमाजियों की संख्या सीमित नहीं कर सके। कोर्ट ने संभल प्रभासन पर तल्ख टिप्प्णी करते हुए उन्हें अपनी ड्यूटी का एहसास कराया। कोर्ट ने एक मस्जिद में नमाज़ियों की संख्या सीमित करने के स्थानीय प्रशासन के फैसले पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि नमाज़ियों की संख्या कैसे तय की जा सकती है। अगर अधिकारी क़ानून-व्यवस्था सुनिश्चित नहीं कर सकते तो इस्तीफ़ा दे दें या फिर तबादला करवा लें। राज्य सरकार को भी आड़े हाथों लिया था हाईकोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार का कर्तव्य है कि वो यह सुनिश्चित करे कि हर हाल में कानून का राज कायम रहे। कोर्ट ने कहा कि अगर वे अधिकारी उन्हें लगता है कि वे कानून का राज लागू करने में सक्षम नहीं हैं, तो इस्तीफा देकर चले जाएं। या फिर कहीं और जाकर ड्यूटी करें। कोर्ट ने कहा कि राज्य का कर्तव्य है कि वो यह सुनिश्चित करे कि हर समुदाय निर्धारित पूजा स्थल पर शांतिपूर्वक पूजा-अर्चना कर सके। महज 20 नमाजियों को दी थी इजाज मामले में मुनाज़िर खान ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर इस मामले केा उठाया था। कोर्ट को बताया गया कि उस जगह पर केवल बीस नमाज़ियों को ही अनुमति दी गई है जो वहां नमाज़ अदा कर सकते हैं। जबकि याचिकाकर्ता की तरफ से कहा गया कि परिसर के अंदर नमाज़ अदा करने के लिए इससे कहीं ज़्यादा लोग आ सकते है क्योंकि अभी रमज़ान का महीना चल रहा है और काफी संख्या में रोजेदार नमाज अदाक करते आते हैं। जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस सिद्धार्थ नंदन की डिवीज़न बेंच ने यह आदेश दिया था।
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