Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    काशीविश्वनाथ में रंगभरी-एकादशी पर पुलिसकर्मियों ने खींची बटुक की चोटी:दरोगा ने बाल नोचे तो सिपाही ने जड़े थप्पड़, पत्रकार-श्रद्धालुओं से हाथापाई

    3 hours ago

    1

    0

    काशी विश्वनाथ मंदिर में रंगभरी एकादशी पर बटुकों, श्रद्धालुओं, पत्रकारों और महिलाओं को दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा। अराजकता में डूबे पुलिस कर्मियों ने मंदिर गेट पर श्रद्धालुओं से हाथापाई की, उन्हें गाली गलौज किया और मंदिर में प्रवेश के लिए रोका। इसके अलावा परिसर के गंगा द्वार पर बटुक वेशधारी को खुलेआम बेज्जत किया। गंगाद्वार पर पालकी जाने के बाद लाइन में खड़े बटुक की चोटी पकड़कर दरोगा ने अपनी ओर खींचा, उसकी चोटी के बालों को उखाड़ने की कोशिश की। उसके बाल नोंचते हुए धक्का दिया, इसके बाद सिपाही को इशारा किया। गंगाद्वार ड्यूटी में तैनात दरोगा का इशारा मिलते ही सिपाही ने पहले बटुक का मुंह नोंचा और फिर थप्पड़ जड़ना शुरू कर दिए। सिपाही ने ताबड़तोड़ 3 थप्पड़ मारे और फिर दरोगा ने उसे प्रवेश कतार से खींचकर भीड़ की ओर रोक लिया। इसके बाद घंटों कतार में लगने के बाद भी उसे प्रवेश नहीं मिल सका। मारपीट के दौरान उसकी धोती भी खुल गई। प्रयागराज में शंकराचार्य के शिष्य से अभद्रता के बाद काशी में रंगभरी एकादशी पर बटुक की चोटी खींचने का मामला सामने आया है। यह चोटी खींचने का मामला किसी विरोध या प्रदर्शन के दौरान नहीं बल्कि काशी विश्वनाथ के दर्शन करने पहुंचे बटुक से अभद्रता के दौरान हुई। वेशभूषा से शर्ट और धोती पहनकर बाबा के दर्शन करने पहुंचे बटुक को सिपाही और दरोगा ने उसके साथियों के सामने अपमानित किया। उसकी चोटी खींचते हुए गाली गलौज भी किया। मंदिर परिसर में गालियां और धमकाने वाले इन दरोगा-सिपाही ने दहशत का माहौल बना दिया और दर्शनार्थी पीछे हट गए। पुलिस कमिश्नर के आदेश को इंस्पेक्टर, दरोगा और सिपाही ने दिखाया ठेंगा वाराणसी कमिश्नरेट के काशी विश्वनाथ मंदिर में तैनात सुरक्षा दस्ते के सिपाही-दरोगा अब पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल की नहीं सुनते। पुलिसकर्मियों के लिए पुलिस कमिश्नर का आदेश अब औपचारिकता बन गया है। रंगभरी एकादशी पर मंदिर न्यास और पुलिस-प्रशासन ने जमकर अराजकता की। सीपी ने काशी विश्वनाथ मंदिर में तैनात पुलिस अफसरों और दरोगा-सिपाहियों को शालीन व्यवहार का निर्देश दिया था, एसीपी और एडीसीपी समेत डीसीपी को निगरानी का जिम्मा दिया लेकिन मंदिर गेट नंबर4, गंगा द्वार, सरस्वती फाटक से लेकर अंदर तक पुलिसकर्मियों ने सीपी के आदेश को पलीता लगा दिया। रंगभरी पर सुरक्षा और बेहतर इंतजाम के दावे कागजी और खोखले निकले। पुलिस कर्मियों और न्यास कर्मचारियों में जिसको जहां कोई मिला, व्यवस्था बनाने के बहाने उस पर हाथ छोड़ दिया। पुलिस की अराजकता के चलते पालकी में सवार विश्वनाथ का दर्शन करने आए कई श्रद्धालु दर्शन से महरूम रह गए। महिला पत्रकार से बदसलूकी, साथी से हाथापाई वाराणसी पुलिस अपनी अराजक और बेलगाम कार्यशैली के चलते फिर सवालों के घेरे में है। रंगभरी एकादशी पर कवरेज के दौरान इंस्पेक्टर समेत पुलिसकर्मियों द्वारा महिला पत्रकार के साथ कथित अभद्रता का मामला सामने आया है। आरोप है कि काशी विश्वनाथ मंदिर के गेट नंबर 4 पर ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों ने पत्रकार स्मिता के साथ बदसलूकी की। बीच-बचाव करने पहुंचे एक अन्य पत्रकार को भी मौजूद पुलिसकर्मियों द्वारा थप्पड़ मारकर भगा दिया, उसे गालियां भी दी। उधर, तमाम राजनेता, हिंदूवादी संगठन से जुड़े लोग मोबाइल लेकर अंदर तक पहुंच गए। मंदिर न्यास और पुलिस-प्रशासन का दावा धराशायी काशी विश्वनाथ मंदिर में क्राउड मैनेजमेंट का दावा करने वाले मंदिर न्यास के इंतजाम भी खोखले नजर आए। मंदिर की ओर से प्रवेश द्वार समेत चंद प्वाइंट पर मौजूद कर्मचारियों को छोड़कर पूरे परिसर में कोई सुदृढ़ व्यवस्था नहीं की गई। प्रवेश स्थलों पर खड़े गार्ड भी कुछ देर बार प्वाइंट से अलग नजर आए। मंदिर के जिम्मेदार अधिकारी अधीनस्थों के भरोसे इंतजाम छोड़कर फोटो खिंचाने और चेहरा चमकाने में व्यस्त रहे। दरोगा-सिपाही कतार में आने वालों को प्रवेश से पहले धक्का मुक्की करते नजर आए। आरोप है कि भीड़ नियंत्रण में नाकाम पुलिस ने अपना गुस्सा मीडिया पर निकाला। बता दें कि पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने एडिशन सीपी, डीएम और मंडलायुक्त समेत अफसरों के साथ मंदिर का भ्रमण कर प्वाइंट तय किए थे। बैठक में भारी भरकम गाइडलाइन जारी की थी लेकिन ऐन वक्त पर सब धराशायी नजर आया। निरंकुश पुलिसकर्मियों ने अफसरों के आदेश को पलीता लगा दिया।
    Click here to Read more
    Prev Article
    पापा की प्रिंसेस हूं…ससुराल के टार्चर से मर रही हूं:सुसाइड नोट में लिखा-पिता ने लाड़प्यार में पाला, 80 लाख की शादी फिर भी 15 महीने पिटाई
    Next Article
    पापा की प्रिंसेस हूं…ससुराल के टार्चर से मर रही हूं:सुसाइड नोट में लिखा-पिता ने दुलार से पाला, 80 लाख की शादी में 15 महीने झेली पिटाई

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment