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    KGMU में नर्सिंग छात्रों का दूसरे दिन धरना समाप्त:मृत छात्रा के पिता बोले- डीन-प्रिंसिपल की वजह से जान गई, CM योगी न्याय करें

    19 hours ago

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    लखनऊ के KGMU में नर्सिंग छात्रों का प्रदर्शन मंगलवार को दूसरे दिन शाम 5 बजे समाप्त हो गया। नर्सिंग कॉलेज कैंपस में करीब 300 छात्र धरने पर बैठे थे। सोमवार सुबह 9 बजे शुरू हुआ धरना रातभर चला। कई छात्र पूरी रात धरने पर बैठे रहे। दूसरे दिन भी धरना दिनभर चला। स्टूडेंट्स अपनी डीन का इस्तीफा मांग रहे थे। शाम को कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट्स को बुलाकर बात की। उनकी एक-एक बात सुनी। इसके बाद कहा कि बुधवार से आप लोग पढ़ाई शुरू करें। अपनी पढ़ाई का नुकसान न करें। इस पर स्टूडेंट्स मान गए और धरना समाप्त कर दिया। दरअसल, 2025 बैच की नर्सिंग छात्रा दिव्यांशी यादव की डेंगू से मौत के बाद छात्र गुस्से में थे। छात्रों ने कॉलेज प्रशासन से नाराजगी जताते हुए पहले प्रिंसिपल के इस्तीफे की मांग की थी। प्रिंसिपल ने इस्तीफा भी दे दिया था। उसके बाद डीन का भी इस्तीफा मांगने पर अड़े थे। उधर, मृत छात्रा दिव्यांशी यादव के पिता विजय प्रकाश यादव ने वाराणसी में कहा है कि KGMU के नर्सिंग विभाग की डीन डॉ. अमिता पांडेय और प्रिंसिपल की लापरवाही की वजह से मेरी बेटी की जान गई। बेटी की तबीयत 11 तारीख से खराब थी। इसके बावजूद उसे 16 तारीख तक घर नहीं आने दिया गया। 17 को घर आई तो उसका इलाज शुरू कराया। वह यहां वाराणसी में इलाज के दौरान कहती थी कि उसे विश्वविद्यालय वापस जाना है, क्योंकि टेस्ट होना था और नहीं जाने पर उसकी अटेंडेंस कट जाएगी। संस्थान की कई बातें बताई थीं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मामले की जांच कराकर न्याय करें। देखिए 3 तस्वीरें… बोर्ड रूम में शाम को हुई कुलपति के साथ बातचीत छात्रों का धरना बढ़ता देख KGMU प्रशासन प्रदर्शनकारियों से मिलने पहुंचा। इसमें प्रतिकुलपति डॉ. अंजू अग्रवाल, डीन पैरामेडिकल साइंसेज डॉ. केके सिंह और नर्सिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप गंगवार शामिल थे। तीनों ने प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं से बातचीत की। कहा कि कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद वार्ता करना चाह रही हैं। इस पर 20 छात्र-छात्राओं के प्रतिनिधि मंडल को बोर्ड रूम में बुलाया गया। कुलपति ने छात्रों से धरना समाप्त कर पढ़ाई शुरू करने की अपील की। बुधवार सुबह 8 बजे से कक्षाएं शुरू होनी हैं। बैठक में मौजूद छात्र प्रतिनिधियों ने कुलपति की अपील पर सहमति जताई। बाद में डॉ. केके सिंह और प्रदीप गंगवार ने धरना स्थल पर पहुंचकर छात्रों को बैठक के फैसलों की जानकारी दी। इसके बाद शाम पांच बजे छात्रों ने धरना खत्म कर दिया। ‘365 दिन बिना मेडिकल लीव के कैसे करेंगे दूसरों की केयर’ खुशी ने बताया कि हम मेडिकल प्रोफेशन से हैं, फिर भी हमें मेडिकल लीव नहीं दी जा रही है। अगर हम ही ठीक नहीं रहेंगे तो दूसरों की सेवा कैसे करेंगे। हमें मेडिकल प्रोफेशन की बैकबोन कहा जाता है। अगर हमें 365 दिन बिना छुट्टी और बिना मेडिकल लीव के बुलाया जाएगा तो हम दूसरों की केयर कैसे करेंगे। ऐसा तो हो नहीं सकता कि 365 दिन किसी की तबीयत खराब न हो या किसी को मेडिकल इमरजेंसी न आए। हमारी मांग है कि हमें मेडिकल लीव दी जाए और डीन इस्तीफा दें। ‘हॉस्टल में गंदगी, जगह-जगह पानी जमा’ अन्य छात्रा ने बताया कि सबसे बड़ी समस्या सैनिटेशन की है। हॉस्टल में साफ-सफाई की स्थिति ठीक नहीं है। हॉस्टल और मेस के आसपास अक्सर पानी जमा रहता है। इससे मच्छर पनपते हैं और कई बार लार्वा भी दिखाई देते हैं। हमें लगता है कि इससे हमारी सेहत के साथ खिलवाड़ हो रहा है। ‘मेस के खाने-पानी से बीमारी का डर’ मेस के खाने और पानी से टाइफाइड जैसी बीमारी होने की आशंका रहती है। हमारी असिस्टेंट प्रोवोस्ट, जो हमारी प्रिंसिपल भी हैं, उन्होंने अब तक यहां की स्थिति का निरीक्षण तक नहीं किया है। कई जगह कूड़ा भरा रहता है और डस्टबिन ओवरफ्लो होते रहते हैं। समय पर सफाई नहीं होती। कभी-कभी हफ्ते में एक बार सफाई के लिए कर्मचारी आते हैं। अब इतने मामले सामने आने के बाद पेस्ट कंट्रोल वाले छिड़काव करने आ रहे हैं। हमें लगता है कि यह सिर्फ दिखावे के लिए किया जा रहा है। ‘दिव्यांशी की मौत के लिए प्रशासन जिम्मेदार’ 2019 बैच के नर्सिंग स्टूडेंट रोहित ने बताया कि हम कल से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। हमारी 2025 बैच की जूनियर छात्रा दिव्यांशी की मौत हुई है। जिस वजह से उसकी मौत हुई, उसमें पूरी प्रशासन की जिम्मेदारी थी। प्रशासन ने अपनी जिम्मेदारियां नहीं निभाईं। उन्होंने कहा कि हमारी मांग सिर्फ जिम्मेदार सदस्यों के इस्तीफे की है। प्रिंसिपल का इस्तीफा हम पहले ही ले चुके हैं। अब हमें सिर्फ डीन का इस्तीफा चाहिए। रोहित ने बताया कि आज सुबह से हम यहां बैठे हैं, लेकिन प्रशासन की तरफ से हमसे मिलने कोई नहीं आया। हमें किसी तरह की कोई मदद नहीं मिल रही है। रातभर हम परेशान रहे, लेकिन कोई हमारा हाल पूछने तक नहीं आया। ‘लड़कियों के लिए पानी और टॉयलेट तक की व्यवस्था नहीं’ अमित अवस्थी ने बताया कि हम कल से यहां बैठे हुए हैं। सुबह से प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन अभी तक हमारी मांग पूरी नहीं हुई है। रात में हमने खुद यहां की व्यवस्था की। कॉलेज के गेट हमारे फैकल्टी ने बंद करवा दिए थे। उन्होंने कहा कि यहां बैठी लड़कियों के लिए पानी की व्यवस्था तक नहीं की गई। यहां तक कि वॉशरूम और टॉयलेट की भी कोई व्यवस्था नहीं थी। हमने खुद उनके लिए बंदोबस्त किया। हमने सुबह करीब छह बजे तक प्रदर्शन किया। इसके बाद 50-50% के ग्रुप में छात्र जा रहे हैं और शिफ्ट बदलकर वापस आ रहे हैं। सुबह से हम फिर यहीं अपनी मांग को लेकर बैठे हैं। हमारी मांग है कि डीन का इस्तीफा लिया जाए। अभी तक हमारी मांग सुनने कोई नहीं आया है। हम चाहते हैं कि हमारी VC मैम से बात हो। हमने नर्सिंग स्टूडेंट कमेटी बनाई है। कमेटी के सदस्य VC मैम से बात करने जाएंगे, लेकिन अभी तक हमें इसके लिए कोई बुलावा नहीं आया है। ‘बीमार होने के बावजूद मेस में खाना बना रहे कर्मचारी’ अमित ने बताया कि मेस में खाना बनाने वाली आंटी को भी करीब 15 दिन से टाइफाइड है। उनकी हेल्पर को भी करीब एक हफ्ते से टाइफाइड है। इसके बावजूद दोनों बीमार होने के दौरान भी हमारे लिए खाना बना रही हैं। मेस का खाना खाने के बाद बहुत सारी लड़कियां बीमार पड़ी हैं। एक साथ इतने बच्चों का बीमार पड़ना भी हमारे लिए बड़ा मुद्दा है। हमारी मांग है कि इसकी जांच हो और खाने की व्यवस्था को ठीक किया जाए। ‘हॉस्टल में सफाई और पानी की सुविधा खराब’ 2019 बैच के मुकेश मौर्य ने बताया कि हमारे जितने भी जूनियर छात्र हैं, उन्हें रहने में काफी दिक्कत होती है। हॉस्टल में साफ-सफाई नहीं है। पानी की सुविधा भी ठीक नहीं है। वाटर कूलर गंदा पड़ा रहता है। इन समस्याओं को लेकर कोई सुनवाई नहीं होती। मुकेश मौर्य ने बताया कि अगर किसी की तबीयत खराब हो जाए और उसे मेडिकल लीव चाहिए, तो उससे 100% क्लीनिकल और 100% थ्योरी अटेंडेंस की बात कही जाती है। हमें बताया जाता है कि पूरी अटेंडेंस होना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि नर्सिंग काउंसिल की गाइडलाइन के मुताबिक 20% मेडिकल कैजुअल्टी लीव का प्रावधान है, लेकिन वह भी नहीं दी जाती। बच्चों को डराया और धमकाया जाता है कि अपनी अटेंडेंस पूरी करो। छात्रों ने बताया कि सुबह की अटेंडेंस के लिए भी उन्हें काफी परेशानी होती है। कई बार सुबह नाश्ता तक नहीं कर पाते। समय पर खाना नहीं मिल पाता। ‘छात्रों ने आपस में पैसे मिलाकर खाने का इंतजाम किया’ अन्य छात्र ने बताया कि हम लोगों ने खुद आपस में पैसे मिलाकर खाने का इंतजाम किया था। रातभर करीब 200 से 250 छात्र हमारे साथ धरने पर बैठे रहे। उन्होंने कहा कि आज सुबह से भी छात्र यहां बैठे हैं। कुछ बच्चे डे-स्कॉलर हैं और कुछ दूर-दूर से आते हैं। वे भी अपनी सुविधा के हिसाब से यहां पहुंच रहे हैं। जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होतीं, हम कल की तरह आज भी यहां बैठे रहेंगे। कुलपति ने छात्रों से बातचीत के बाद निरीक्षण किया कुलपति ने कॉमन रूम, मेस, डाइनिंग हॉल, रीडिंग रूम और हॉस्टल के अन्य हिस्सों का निरीक्षण किया। छात्राओं ने मेस के खाने की गुणवत्ता, पीने के पानी, वॉशरूम की सफाई, बिजली के उपकरण, वाई-फाई और सुरक्षा से जुड़ी समस्याएं बताईं। कुलपति ने कहा कि छात्राओं को मूलभूत सुविधाएं देने में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। जरूरी मरम्मत और रख-रखाव का काम 24 से 48 घंटे में शुरू कराने के निर्देश दिए। शिकायतों के लिए रजिस्टर बनेगा कुलपति ने कुलसचिव को हॉस्टल कार्यालय में शिकायत निवारण रजिस्टर रखने के निर्देश दिए। इसमें छात्राओं की शिकायत और उस पर हुई कार्रवाई दर्ज की जाएगी। मेस में खाने की गुणवत्ता, सफाई और पोषण का भी नियमित ध्यान रखने को कहा गया। वहीं, चीफ प्रॉक्टर और डीएसडब्ल्यू को हॉस्टल की सुरक्षा और अनुशासन व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए। ------------------------------ संबंधित खबर भी पढ़िए- KGMU के नर्सिंग कॉलेज की प्रिंसिपल ने रिजाइन किया : अब डीन का इस्तीफा मांगा जा रहा; छात्रा की मौत के बाद प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट लखनऊ के KGMU में सोमवार को करीब 13 घंटे से रात 10 बजे भी नर्सिंग स्टूडेंट्स प्रदर्शन चल रहा है। बीमार छात्रा की मौत होने के बाद बड़ी संख्या में नर्सिंग छात्र विभाग में जुट गए और घेरावकर धरने पर बैठ गए। स्टूडेंट्स के प्रदर्शन के चलते देर शाम नर्सिंग कॉलेज की प्रिंसिपल सूचना राय भौमिक ने रिजाइन कर दिया। (पूरी खबर पढ़िए)
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