Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    लीग क्रिकेट: पाक से रिश्तों का असर विश्व ​क्रिकेट पर:दुनियाभर की लीग में भारतीय फ्रेंचाइजी PAK खिलाड़ी नहीं लेंगी

    3 hours ago

    1

    0

    इंग्लैंड में 11-12 मार्च को ‘द हंड्रेड’ लीग की नीलामी होने जा रही है। 18 देशों के 711 क्रिकेटर्स ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इनमें 63 पाकिस्तान के हैं। हालांकि बताया जा रहा है कि जिन टीमों में भारतीय कंपनियों का निवेश है, वे पाकिस्तानी क्रिकेटरों को न लेने पर विचार नहीं कर रही हैं। ये हालात दोनों देशों के बीच चल रहे तनाव का परिणाम हैं। 2009 के बाद से कोई भी पाकिस्तानी इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का हिस्सा नहीं रहा है। यही असर इंग्लैंड में भी दिख रहा है। द हंड्रेड की 8 में से 4 फ्रेंचाइजी मैनचेस्टर सुपर जायंट्स, एमआई लंदन, सदर्न ब्रेव और सनराइजर्स लीड्स में आईपीएल टीमों का आंशिक या पूर्ण मालिकाना हक है। एक एजेंट ने बताया कि भारतीय निवेश वाली टी20 लीग्स में पाक खिलाड़ियों को न चुनना ‘अघोषित नियम’ बन गया है। इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) के वरिष्ठ अधिकारी ने एक एजेंट को संकेत दिया है कि पाकिस्तानी क्रिकेटर्स को लेकर केवल उन टीमों की ही दिलचस्पी होगी, जिनका सीधा संबंध आईपीएल मालिकों से नहीं है। जब पिछले सीजन में नए निवेशकों ने कंट्रोल नहीं लिया था, तब मोहम्मद आमिर और इमाद वसीम जैसे इंटरनेशनल स्टार्स खेले थे, जबकि शाहीन अफरीदी, शादाब खान और हारिस रऊफ भी पहले इस टूर्नामेंट का हिस्सा रह चुके हैं। स्थानीय प्रशंसकों की निराशा का डर भी; बड़े शहरों में 4-12% आबादी पाक मूल की साल 2018 में ईसीबी ने विक्रम बनर्जी के नेतृत्व में ‘साउथ एशियन एक्शन प्लान’ पेश किया था। इसका उद्देश्य 10 प्रमुख शहरों में दक्षिण एशियाई समुदायों की भागीदारी को बढ़ाना था। जनगणना के आंकड़ों के अनुसार, ग्रेटर मैनचेस्टर की 12 प्रतिशत और लीड्स की 4 प्रतिशत आबादी खुद को पाकिस्तानी मूल का मानती है। अब जिन टीमों पर भारतीय मालिकाना हक है, वे इन्हीं शहरों (मैनचेस्टर, लीड्स और लंदन) का प्रतिनिधित्व करती हैं। ऐसे में इन फैंस को अपनी स्थानीय टीम में पाकिस्तान का कोई प्रतिनिधित्व देखने को नहीं मिलेगा। काउंटी क्रिकेट मेंबर्स ग्रुप ने स्पष्ट किया है कि यदि राष्ट्रीयता के आधार पर खिलाड़ियों को न चुनने का कोई सामूहिक फैसला होता है, तो संबंधित बोर्डों और ईसीबी को निजी भागीदारों की जवाबदेही तय करनी चाहिए। पहले से असमानता के आरोप झेल रहा इंग्लिश क्रिकेट, इससे विवाद गहराएगा 2023 की ‘इक्विटी इन क्रिकेट’ रिपोर्ट में इंग्लिश क्रिकेट में भेदभाव को ‘व्यापक’ पाया गया था। ग्लोबल प्लेयर्स यूनियन ‘वर्ल्ड क्रिकेटर्स एसोसिएशन’ के मुख्य कार्यकारी टॉम मोफैट का कहना है कि हर खिलाड़ी को समान अवसर का अधिकार होना चाहिए और भर्ती के फैसले सम्मान के सिद्धांतों पर आधारित होने चाहिए। विदेशी टी20 लीग्स में ये ट्रेंड, पाक प्लेयर्स को मौके नहीं - दुनियाभर की फ्रेंचाइजी क्रिकेट में भारतीय निवेश बढ़ने के साथ ही नया पैटर्न उभर रहा है। दक्षिण अफ्रीका की ‘एसए20’ लीग 2023 में शुरू हुई थी। इसकी सभी छह टीमें आईपीएल ग्रुप्स के पास हैं; वहां अब तक किसी पाकिस्तानी को मौका नहीं मिला है। - संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की ‘आईएलटी20’ में भी एमआई ग्रुप और जीएमआर ने चार सीजन में 15 अलग-अलग देशों के क्रिकेटरों को खरीदा, लेकिन पाक के किसी खिलाड़ी को शामिल नहीं किया। - इसके उलट, इसी लीग में अमेरिकी स्वामित्व वाली डेजर्ट वाइपर्स ने आठ पाकिस्तानी खिलाड़ियों को साइन किया। हाल ही में बीसीसीआई के निर्देश पर केकेआर ने बांग्लादेशी गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को भी रिलीज कर दिया था।
    Click here to Read more
    Prev Article
    दौड़ का नया दौर:देश में 30% मैराथन बढ़े, अब हर तीसरा रनर जेन-जी
    Next Article
    कौन हैं ट्रंप का टैरिफ रद्द करवाने में अहम भूमिका निभाने वाले नील कात्याल? भारत से बहुत खास है इनका रिश्ता

    Related स्पोर्ट्स Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment