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    ताजमहोत्सव में आई 5 लाख की तिरुपति बालाजी की प्रतिमा:हस्तशिल्पी को बनाने में लगा 1 साल, 100 साल तक की है गारंटी

    1 hour ago

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    आगरा के ताज महोत्सव में इस बार आस्था और कला का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। मेले में भगवान तिरुपति बालाजी की भव्य लकड़ी की प्रतिमा श्रद्धालुओं और पर्यटकों के बीच खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। करीब 5 लाख रुपये की लागत से तैयार इस मूर्ति की बारीक नक्काशी, शिल्पकारी और सूक्ष्म कलात्मक विवरण हर किसी को अपनी ओर खींच रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचकर दर्शन कर रहे हैं और इसकी भव्यता को कैमरे में कैद कर रहे हैं। एक साल में तैयार हुई 5 लाख की मूर्ति शिल्पकार ने बताया कि इस खास मूर्ति को तैयार करने में करीब एक साल का समय लगा है। पूरी तरह हाथ से बनाई गई इस प्रतिमा में लकड़ी पर बेहद महीन कारीगरी की गई है, जो इसे खास बनाती है। उन्होंने बताया कि मूर्ति की शुरुआती कीमत 1500 रुपये से शुरू होती है, जबकि छोटे पैनल 1 फीट से 3000 रुपये में मिलते हैं। इसके साथ ही भगवान तिरुपति के अलावा श्री कृष्णा माता लक्ष्मी, भगवान गणेश भी हैं प्रातिमाएं। नीम और सागौन की लकड़ी से तैयार शिल्प शिल्पकार के अनुसार, ये मूर्तियां और ब्रैकेट्स नीम और सागौन की लकड़ी से बनाए जाते हैं। 8 इंच से 3 फीट तक के डिजाइन उपलब्ध हैं। खास बात यह है कि इन लकड़ियों की मजबूती इतनी होती है कि यह 100 साल से भी ज्यादा समय तक सुरक्षित रह सकती हैं। पुराने लकड़ी के घरों की लकड़ी को री-डिजाइन कर नया रूप दिया जाता है, जिससे पारंपरिक कला को भी संरक्षित किया जा सके। तिरुपति से आए शिल्पकार, पहली बार आगरा में स्टॉल शिल्पकार ने बताया कि वह तिरुपति से यहां आए हैं और पहली बार आगरा में स्टॉल लगाई है। इससे पहले वे बेंगलुरु और दिल्ली के प्रगति मैदान सहित कई बड़े आयोजनों में अपनी कला का प्रदर्शन कर चुके हैं, जहां उन्हें अच्छा रिस्पॉन्स मिला। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगरा में भी उन्हें बेहतर व्यापार मिलेगा। आस्था और कला का संगम महोत्सव में जहां एक ओर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम है, वहीं यह दिव्य प्रतिमा श्रद्धा और आकर्षण का विशेष केंद्र बन गई है। धार्मिक आस्था के साथ-साथ भारतीय शिल्पकला की बारीकी को दर्शाती यह मूर्ति लोगों को खासा आकर्षित कर रही है।
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