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    लाखों के RRC सेंटर बना शोपीस, कूड़ा प्रबंधन योजना विफल:कानपुर देहात में सफाईकर्मी गांवों का कचरा बाहर फेंक रहे

    4 hours ago

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    कानपुर देहात जिले की कई ग्राम पंचायतों में लाखों रुपये की लागत से बने रिसोर्स रिकवरी सेंटर (आरआरसी) अब शोपीस बनकर रह गए हैं। सफाई कर्मचारियों की लापरवाही और योजना की खामियों के कारण ये केंद्र बेकार साबित हो रहे हैं। मैथा ब्लॉक के हथिका, प्रतापपुर, नेवादा देवराय, नुनारी बहादुरपुर और रसूलाबाद ब्लॉक के औरंगपुर गहदेवा, कंहिजरी, जिनई सहित दर्जनों गांवों में बने आरआरसी सेंटर भी इसी स्थिति में हैं। स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों को ओडीएफ प्लस और कचरा मुक्त बनाने के उद्देश्य से इन आरआरसी सेंटरों का निर्माण किया गया था। इन केंद्रों में जैविक कचरे से खाद बनाने के लिए वर्मी कंपोस्ट पिट भी बनाए गए थे। हालांकि, जमीनी हकीकत इससे काफी अलग है। सफाईकर्मी गांवों से निकलने वाले कूड़े को इन सेंटरों तक पहुंचाने के बजाय सड़कों और गांवों के किनारों पर फेंक रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप गांवों के आसपास गंदगी का अंबार लगा हुआ है। झींझक ब्लॉक की ग्राम पंचायत बचीतपुरवा, डगरहा, जिनई, बनीपारा महाराज और जजमुइया सहित कई गांवों में बने आरआरसी सेंटर भी वर्षों से संचालन का इंतजार कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि यही स्थिति बनी रही, तो सरकार का स्वच्छ भारत का सपना पूरा नहीं हो पाएगा और गांव गंदगी मुक्त नहीं हो सकेंगे। यह योजना विभागीय अधिकारियों की अनदेखी के कारण विफल साबित हो रही है। जिम्मेदार अधिकारी इन केंद्रों के संचालन में कोई रुचि नहीं ले रहे हैं, जिसके चलते अब तक इनके लिए आवश्यक मैनपावर की व्यवस्था नहीं हो पाई है। जिन पंचायतों में कूड़ा-कचरा और हर घर कूड़ा कलेक्शन के लिए ई-रिक्शा खरीदे गए हैं, वहां चालकों की कमी है। इसके अतिरिक्त, स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से वर्मी कंपोस्ट और आरआरसी भवनों को संचालित करने की योजना पर भी कोई काम नहीं हो सका है। लेकिन ब्लॉक से लेकर जिले स्तर के अधिकारी तक रिसोर्स रिकवरी सेंटर के संचालन कराने के प्रति संवेदनहीन दिखाई दे रहे हैं इससे लाखों रुपए की लागत से गांव में बने आरआरसी भवन अपराधियों को शराबियों के अड्डा बन रहे हैं। डीपीआरओ विकास पटेल ने बताया कि सभी ग्राम सचिवों को रिसोर्स रिकवरी सेंटर के संचालित करने के आदेश दिए गए हैं। समूह के चयन के साथ इनके संचालन के लिए मैनपावर की व्यवस्था पंचायत को ही करनी है जल्द ही इस पर प्रभावी कदम उठाकर बहुत शीघ्र रिसोर्स रिकवरी सेंटर का संचालन कराया जाएगा।
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