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    लखनऊ के सिद्धबली हनुमान मंदिर में 'केले का भंडारा':जेष्ठ माह पर हुआ आयोजन, महिलाएं कर रहीं संचालन

    5 hours ago

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    लखनऊ के विकास नगर स्थित श्री सिद्धबली हनुमान मंदिर में जैष्ठ माह के अवसर पर 'केले का भंडारा' किया गया। यह आयोजन मंदिर के महंत अयोध्या शरण और मुख्य पुजारी अमित शुक्ला के सानिध्य में हुआ। इस भंडारे को पारंपरिक आयोजनों से हटकर एक नई सामाजिक और पर्यावरणीय चेतना का प्रतीक बताया गया। इस भंडारे की सबसे खास बात यह रही कि इसका संपूर्ण संचालन और प्रबंधन केवल महिला कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया। इसे पूरी तरह 'महिला भंडारा' के रूप में संयोजित किया गया था। आयोजक डॉ. रूबी राज सिंह ने इस अवसर पर सभी अतिथियों, महंत और पुजारी को 'राम नाम' अंकित अंगवस्त्र तथा 'राम परिवार' का चित्र भेंट कर सम्मानित किया। पिछले 9 वर्षों से लगातार 'केले के भंडारे' का आयोजन 'भंडारा दर्शन' कार्यक्रम के अंतर्गत लोक भारती के महानगर अध्यक्ष चैतन्य कौशिक महाराज, प्रशांत भाटिया, विवेक उपाध्याय, संजय कुमार शुक्ला, धीरज गिहार और सुरेंद्र कुमार सैनी जैसे गणमान्य व्यक्तियों ने मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता की। उन्होंने इस अनूठे आयोजन की व्यवस्थाओं की सराहना की। भंडारे की मुख्य सूत्रधार डॉ. रूबी राज सिंह ने बताया कि वह पिछले 9 वर्षों से लगातार इस 'केले के भंडारे' का आयोजन करती आ रही हैं। उन्होंने इसके बहुआयामी लाभ गिनाते हुए कहा कि इतनी प्रचंड गर्मी में फल खाना स्वास्थ्य की दृष्टि से अमृत समान है। पूरी-सब्जी की तरह इसे तुरंत खाने की विवशता नहीं होती, राहगीर या कामकाजी लोग इसे अपने बैग में रखकर घर ले जाकर भी खा सकते हैं। यह भंडारा 'जीरो वेस्ट' और पर्यावरण-अनुकूल डॉ. सिंह ने आगे बताया कि इसे बच्चा, बूढ़ा, जवान हर कोई खा सकता है और जो लोग व्रत हैं, वे भी इस प्रसाद को ग्रहण कर सकते हैं। उन्होंने इस भंडारे के 'जीरो वेस्ट' और पर्यावरण-अनुकूल पहलू पर जोर दिया। उनके अनुसार, एक केले से स्वास्थ्य, स्वच्छता, पर्यावरण और गौ-सेवा जैसे कई पुण्य कार्य सिद्ध होते हैं।
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