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    लखनऊ में 1700 भवनों को वैध करेगा LDA:जिला पंचायत से पास नक्शों वाले मालिकों को नोटिस

    11 hours ago

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    लखनऊ में जिला पंचायत से स्वीकृत नक्शों पर बने भवनों को अब एलडीए वैध करेगा। प्राधिकरण ने नियमितीकरण अभियान की शुरुआत करते हुए पहले चरण में करीब 1700 भवन स्वामियों को नोटिस जारी किए हैं। यह ऐसे भवन हैं, जिनके नक्शे पहले जिला पंचायत से पास हुए थे, लेकिन एलडीए की सीमा बढ़ने के बाद तकनीकी रूप से अवैध श्रेणी में आ गए। अब तय प्रक्रिया के तहत आवेदन करने पर इनके नक्शों का नियमितीकरण किया जाएगा। कैबिनेट के फैसले के बाद मिली राहत जिला पंचायत और एलडीए के अलग-अलग नियमों के कारण वर्षों से हजारों भवनों पर कार्रवाई का खतरा बना हुआ था। उत्तर प्रदेश कैबिनेट के नीतिगत फैसले के बाद अब एलडीए ने नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इससे बड़ी संख्या में भवन स्वामियों को राहत मिलने के साथ प्राधिकरण के राजस्व में भी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। भारी शमन शुल्क से मिलेगी राहत जिला पंचायत के नियमों के तहत बने भवनों के मालिकों को एलडीए में नियमितीकरण के दौरान भारी शमन शुल्क या पेनाल्टी नहीं देनी होगी। यदि किसी भवन का निर्माण मास्टर प्लान के भूमि उपयोग के विपरीत है तो उसे सीधे खारिज करने के बजाय निर्धारित शुल्क लेकर कंपाउंड करने का प्रावधान रखा गया है। ये दस्तावेज होंगे जरूरी भवन स्वामी को जिला पंचायत से स्वीकृत नक्शे और स्वीकृति पत्र की प्रति, जमा शुल्क का विवरण, भूमि स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज तथा वर्तमान स्थिति के अनुसार तैयार भवन का नक्शा एलडीए में जमा करना होगा। 477 गांवों के लोगों को मिलेगा लाभ इस फैसले का सबसे अधिक फायदा एलडीए के विस्तारित क्षेत्र के 477 गांवों को मिलेगा। सरोजनीनगर, मलिहाबाद, काकोरी, बीकेटी, गोसाईंगंज और मोहनलालगंज क्षेत्र में बने हजारों मकान, अपार्टमेंट, कॉलेज और व्यावसायिक भवन नियमितीकरण के दायरे में आएंगे। नक्शा वैध होने के बाद भवन मालिकों को बैंक लोन, रजिस्ट्री, बिजली-पानी के स्थायी कनेक्शन और ध्वस्तीकरण या सीलिंग की कार्रवाई से राहत मिल सकेगी।
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