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    लखनऊ में आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट अभ्यर्थियों का प्रदर्शन:राज्यमंत्री का आवास घेरा; बोले- योगी बाबा न्याय दो, परीक्षा तिथि घोषित हो

    18 hours ago

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    लखनऊ में आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट अभ्यर्थियों ने गुरुवार को आयुष राज्यमंत्री दयाशंकर मिश्र के आवास के बाहर प्रदर्शन किया। आवास का घेराव करते हुए नारेबाजी की। इस दौरान उन्होंने योगी बाबा न्याय दो, परीक्षा तिथि घोषित हो जैसे नारे लगाए। करीब 50 की संख्या में अभ्यर्थी हजरतगंज स्थित डालीबाग में आयुष राज्यमंत्री के बाहर इकट्ठा हो गए थे। सूचना पर पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने अभ्यर्थियों को हिरासत में लेकर इको गार्डन भेज दिया। अभ्यर्थियों का कहना था कि कोर्ट से न्याय मिलने के बाद भी परीक्षा में देरी हो रही है। साल 2024 में आई भर्ती, 2 साल कोर्ट में लड़े प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना था कि साल 2024 की में भर्ती आई थी। वैकेंसी का फॉर्म भरवाने के बाद मामला कोर्ट में चला गया। 2 साल तक कोर्ट में लड़ाई लड़ी, जिसके बाद फैसला उनके हक में आया। अब सरकार से हमारी मांग है कि तत्काल परीक्षा की तारीख और सिलेबस घोषित कर दिया जाए। कोर्ट से न्याय मिलने के बाद किसी भी तरीके की देरी अभ्यर्थियों के लिए नुकसान वाली होगी। परिवार चलाने के लिए नौकरी जरूरी प्रदर्शन कर रहे मयंक राय ने कहा कि हम लोग बेहद गरीब परिवार से आते हैं। पूरे परिवार की जिम्मेदारी हमारे कंधों पर है। माता-पिता को हमसे बहुत उम्मीदें हैं और हमें इस नौकरी से अगर नौकरी नहीं मिली तो स्थिति दयनीय हो जाएगी। इसलिए आज हम लोग मंत्री दयाशंकर मिश्र के आवास पर यह गुहार लगाने आए हैं कि हम सभी आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट के साथ न्याय करते हुए भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाई जाए और एग्जाम की तारीख घोषित हो। आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट के 60% पद खाली एक अभ्यर्थी ने बताया कि पूरे प्रदेश में आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट के लगभग 60 प्रतिशत पद खाली हैं। सरकार की ओर से 1002 पदों पर भर्ती निकाली गई थी, जबकि कुल स्वीकृत पद करीब 2100 हैं। इनमें से लगभग 1200 पद अब भी रिक्त पड़े हैं। 2024 वाली वैकेंसी में भी अप्लाई किया, उसके बाद वैकेंसी कोर्ट चली गई। इतने बड़े पैमाने पर पद खाली होने से आयुष और स्वास्थ्य सेवाओं पर सीधा असर पड़ रहा है। ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में दवाओं के वितरण और फार्मेसी संचालन की व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
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