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    लखनऊ में कलर फॉग-सतरंगी पटाखे की बढ़ी मांग:हर्बल भगवा रंग बड़ों की पसंद, डॉक्टर बोले- केमिकल वाले रंगों से बचें

    2 hours ago

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    लखनऊ में होली जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, बाजार में रौनक भी बढ़ती जा रही है। इस बार बच्चों की पहली पसंद ‘कलर फॉग’, ‘होली पॉप-अप’ और सात रंग छोड़ने वाले पटाखे हैं। जिसे खरीद कर बच्चे खुद को सुपरमैन से कम नहीं समझ रहे। बड़ों में भगवा रंग का क्रेज है। सबसे अधिक अरारोट से बने रंग पसंद किए जा रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि इस बार हर्बल रंगों की मांग ज्यादा है, वहीं ग्राहक भी सेहत और सौहार्द दोनों का ध्यान रखने की बात कर रहे हैं, क्योंकि रमजान का महीना भी साथ चल रहा है। वहीं डॉक्टरों ने साफ चेतावनी दी है कि केमिकल रंग त्वचा और आंखों के लिए खतरनाक हो सकते हैं। ‘कलर फॉग’ से लेकर सात रंग वाले पटाखों तक नई रेंज दुकानदार तुषार सोनकर ने बताया-इस बार बाजार में कई नए प्रोडक्ट आए हैं। यह ‘राधा रमन’ का कलर फॉग है, इसे हाथ में पकड़कर जलाने पर रंगीन धुआं निकलता है। होली पॉप-अप भी आया है, जैसे बर्थडे में होता है, उसी तरह इसमें से रंग निकलता है। नया कलर स्प्रे लॉन्च हुआ है, पहले सिर्फ फॉग आता था, अब इसमें गुलाल भी निकलता है। अलग-अलग तरह के रंग स्प्रे, हर्बल गुलाल के पैकेट और लेटेस्ट डिजाइन की रंगों के ब्रांड शामिल है। दिवाली जैसे पटाखे भी हैं, जिन्हें नीचे रखकर जलाते हैं और उनमें से सात रंग निकलते हैं। नौ तरह के रंग, भगवा की सबसे ज्यादा डिमांड दुकानदार बबलू निषाद कहते हैं कि बाजार में नौ तरह के रंग उपलब्ध हैं। रेट अभी पिछले साल जैसा ही है, आखिर में थोड़ा-बहुत बढ़ता है। हर्बल और नॉर्मल दोनों तरह के रंग हैं। सबसे ज्यादा डिमांड भगवा रंग की है। सौरभ बोले- गुलाल और हल्के रंगों से खेलेंगे होली रंग खरीदने आए सौरभ कहते हैं कि होली का त्योहार हम हमेशा की तरह खुशी से मनाते हैं। इस बार रमजान भी चल रहा है, इसलिए कोशिश है कि किसी को दिक्कत न हो। हम गुलाल और हल्के पानी वाले रंग से होली खेलेंगे। हर्बल रंग ज्यादा सुरक्षित होते हैं। जानवरों पर रंग न डालें और स्वच्छ तरीके से त्योहार मनाएं। डॉक्टरों की चेतावनी-केमिकल रंग से स्किन रिएक्शन का खतरा वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. राजेश श्रीवास्तव के अनुसार बाजार में मिलने वाले अधिकांश केमिकल रंग त्वचा के लिए हानिकारक होते हैं। केमिकल रंग त्वचा की ऊपरी परत को नुकसान पहुंचाते हैं। अधिक मात्रा में रंग लगाने या लंबे समय तक त्वचा पर रंग लगे रहने से खुजली, जलन और लाल चकत्ते (रैशेज) हो सकते हैं। जिन लोगों को पहले से एलर्जी या संवेदनशील त्वचा की समस्या है, उनमें रिएक्शन का खतरा अधिक रहता है। एलर्जी के लक्षणों को न करें नजरअंदाज… होली खेलने से पहले त्वचा की सुरक्षा… बच्चों की त्वचा का रखें खास ध्यान.... डॉक्टरों की सलाह… ------------------------- ये खबर भी पढ़िए… लखनऊ में मोदी-योगी छाप पिचकारी की धूम : फ्लेवर आइसक्रीम पटाखा सबकी पसंद; ‘हिंदुस्तान की बोली-घर-घर होली’ वाली टी-शर्ट आईं 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से करीब 1 साल पहले होली से माहौल बन रहा है। लखनऊ की दुकानों में पिचकारियां आ गई हैं। इनमें मोदी-योगी छाप और धनुष-बाण छाप पिचकारी की धूम है। गुलाल वाले पटाखे भी आ गए हैं। बच्चों को ये सभी पिचकारियां भा रही हैं। होली की पिचकारी पर पीएम मोदी की तस्वीर के साथ ‘हिंदुस्तान की बोली - घर-घर होली’ जैसे स्लोगन प्रिंट हैं। पिचकारी में पीएम नरेंद्र मोदी, ब्रह्मोस, कुल्हाड़ी, हथौड़ा और म्यूजिकल ट्रेंड में हैं। इसके अलावा ऐसी सफेद टीशर्ट आई है जो पानी पड़ते ही रंगीन हो जाएगी। (पूरी खबर पढ़िए)
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