Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    लखनऊ में पशुप्रेमियों की रैली में शामिल हुए प्रतीक यादव:बोले- कुत्तों को शेल्टर होम में डालने के आदेश पर विचार करे सुप्रीम कोर्ट

    6 hours ago

    1

    0

    लखनऊ में प्रतीक यादव ने कहा है कि कुत्तों को शेल्टर होम में डालने के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट फिर विचार करे। कुत्तों को शेल्टर होम में डालने का मैं विरोध करता हूं। कुत्तों को पिंजरे में डालने से बेहतर है कि उनकी बर्थ कंट्रोल पर काम किया जाए। सरकार और संस्थाएं जो जानवरों के लिए काम कर रही हैं, उन्हें भी बर्थ पर ध्यान देना चाहिए। हमको जो भी प्लालिंग करनी चाहिए, वो लॉन्ग टर्म के लिए करनी चाहिए। जानवरों के जन्म का कंट्रोल बड़े स्तर पर होना चाहिए। प्रतीक यादव रविवार को पशुप्रेमियों की ‘पिंजरा तोड़’ रैली में पहुंचे थे। यह रैली 1090 चौराहे से शुरू होकर लोहिया पार्क तक गई। इस रैली में स्ट्रीट डॉग को शेल्टर होम में डालने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का विरोध किया गया। करीब एक हजार लोग रैली में शामिल हुए। इनके साथ देश के 10 नामी एक्टिविस्ट भी पहुंचे। रैली के जरिए कार्यकर्ता इस आदेश पर संवैधानिक और विधिक आधारों पर पुनर्विचार की मांग उठाई। रैली में हाथों में स्लोगन और कॉमेंट लिखी तख्तियां लेकर शामिल हुए। कई के टीशर्ट पर लिखा था- जीवों पर दया करना ही तीर्थ और पूजा करना है। 5 तस्वीरें देखिए… अंबिका शुक्ला बोलीं- आदेश वापस लेना चाहिए मेनका गांधी की बहन अंबिका शुक्ला ने बताया कि कोर्ट को आदेश वापस लेना चाहिए। हिंदुस्तान में हम ठीक से अनाथालय, विधवा आश्रम नहीं चला सकते हैं। वैसे क्या पशुओं के लिए शेल्टर होम चला पाएंगे? सुप्रीम कोर्ट ने जो आदेश दिया है वह बिना उन लोगों से बात किए दिया, जो इन पर काम करती है। USA में ऐसी बीमारी शुरू हुई, जो जानवरों से इंसानों में हो रही सुप्रीम कोर्ट की वकील पौलमी पवनी शुक्ला ने कहा- सरकार 54000 करोड़ रुपए देश में इन्हें शेल्टर होम में डालने के लिए खर्च कर रही है। जबकि, देश में 1.8 करोड़ बच्चे अनाथ हैं। सरकार को पहले इन्हें घर देना चाहिए। पिंजरा तोड़ यात्रा निकाली गई है। जानवर शेल्टर में नहीं होना चाहिए। जब बहुत सारे जानवर एक ही पिंजरे में रहेंगे तो वह हाईजीनिक तरीके से इंसानों को नुकसान पहुंचाएंगे। इन जानवरों को एक साथ रखने से कई डिजीज होती हैं, जो बात में इंसानों को भी हो जाती हैं। कोरोना, स्वाइन फ्लू, बर्ड फ्लू सहित कई ऐसी बीमारी है जो इन जानवरों की वजह से हो सकती हैं। USA में ऐसी एक डिजीज शुरू हो गई है जो जानवरों की वजह से इंसानों में हो रही है। ये प्रमुख हस्तियां रहीं मौजूद रैली में पशु-अधिकार कार्यकर्ता अंबिका शुक्ला, सार्वजनिक नीति विशेषज्ञ और नारी शक्ति सम्मान से सम्मानित गौरी मौलेखी, तेलंगाना में पशु-मृत्यु मामलों पर सक्रिय संक्षय चब्बर, वरिष्ठ अधिवक्ता पर्सिबल बिलिमोरिया, सामाजिक कार्यकर्ता वर्षा वर्मा, ट्रांसजेंडर अधिकार कार्यकर्ता पायल सिंह, उद्यमी और वक्ता गौरव प्रकाश, पैरालंपियन शटलर अबू हुबैदा, ‘गाइड समाज कल्याण संस्थान’ की संस्थापक डॉ. इंदु सुभाष, शिक्षाविद डॉ. मल्लिका सक्सेना, रक्तदान अभियानों से जुड़े सचिन श्रीवास्तव, नई रोशनी की संस्थापक सोनिया सिंह और मानवाधिकार विशेषज्ञ रेखा भूषण भी शामिल हुए।
    Click here to Read more
    Prev Article
    मतदाता सूची में नाम जोड़ने का विशेष अभियान:डीएम ने बूथों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का लिया जायजा
    Next Article
    अयोध्या में RSS का घोष वादन-पथ संचलन:राम पथ से रामलला दरबार तक कदमताल, हनुमानगढ़ी में जयघोष किया गया

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment