Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    लखनऊ में रसोई के लिए आवंटित जमीन पर BJP हेडक्वार्टर:लीज डीड का फंसा पेंच, नगर निगम ने खड़े किए हाथ

    3 hours ago

    1

    0

    लखनऊ के जियामऊ स्थित 58,534 स्क्वायर फीट जमीन पर भाजपा मुख्यालय बनाने की तैयारी है, लेकिन जमीन के लीज डीड में नियमों का पेंच फंस रहा है। प्रदेश भाजपा शीर्ष नेतृत्व ने LDA और नगर निगम के अधिकारियों के साथ बैठक कर नियमों को सुलझाने की कोशिश की, लेकिन अधिकारियों ने लीज डीड से जुड़े नियमों में फेरबदल करने से हाथ खड़े कर दिए। इसके लिए बीजेपी ने बैक डोर से समस्या सुलझाने की कोशिश शुरू की है। शनिवार को नगर निगम के विशेष सदन में भाजपा मुख्यालय की जमीन से जुड़ा प्रस्ताव गुपचुप तरीके से रखकर पास करवा लिया गया। अब इसे सीधे शासन को भेजा जाएगा। ताकि मंजूरी वहीं से मिले। सदन में इससे जुड़े विषय पर चर्चा नहीं हुई। इसपर सपा-कांग्रेस के पार्षदों ने नाराजगी जाहिर की है। अब जानिए भाजपा का तिकड़म… 2020 में शर्त में जुड़ा पब्लिक इंटरेस्ट 2000 में नगर निगम और दीनदयाल सेवा न्यास के बीच में जियामऊ स्थित 58,534 स्क्वायर फीट जमीन की करीब 30 साल के लिए लीज डीड हुई थी। इस जमीन पर ही भाजपा प्रदेश मुख्यालय का निर्माण होना है। गाटा नंबर 196 पर हुई लीज डीड संस्था को हैबिटेशन,चैरिटेबल और उसके कार्यालय के लिए शर्त पर दिया गया था। इस लीज डीड में सब लीज करने की छूट थी, लेकिन नियम और शर्त नहीं बदले जा सकते। 2020 में इसी जमीन की दोबारा से लीज डीड हुई। इसमें नियम और शर्त बदलने की भी बात सामने आ रही, जिसमें प्रीमियम पेमेंट को 40 प्रतिशत से 10 फीसदी किया गया, लेकिन इसकी मंजूरी अभी तक शासन से नहीं होने की बात नगर निगम कह रहा। वहीं, शर्त भी बदली है जो कि अब पब्लिक इंटरेस्ट कर दिया गया है। जनसेवा के नाम पर भाजपा के लिए मांगी जमीन दीनदयाल सेवा न्यास के सचिव की तरफ से सामुदायिक रसोई बनाने की मांग की गई। रसोई बनने के बाद इसके संचालन का खर्च संस्था द्वारा खुद ही वहन करने का प्रस्ताव है, जिससे जनहित में काम किया जा सके और वंचित लोगों को इसका लाभ मिल सके। इस दौरान संस्था ने रसोई और कार्यालय सहयोगी संस्था ‘भारतीय जनता पार्टी’ के साथ में करने की मांग की है। इसका सीधा आशय है कि बीजेपी यहां अपना पार्टी कार्यालय बनाएगी। अब संस्था ने मेयर सुषमा खर्कवाल को पत्र लिखकर सामुदायिक रसोई, ऑफिस बनाने और अन्य सामाजिक गतिविधि के लिए जमीन की सब लीज सहयोगी संस्था भारतीय जनता पार्टी के लिए करने की मांग की है। साथ ही इसके लिए शासन से अनुमति दिलाने और भुगतान राशि की जानकारी मांगी है। साथ ही जमीन से संबंधित एनओसी भी मांगी है। जमीनों का ऑफर मिला, लेकिन यह मुफीद सूत्र बताते हैं कि लखनऊ में भाजपा का प्रदेश मुख्यालय बनाने के लिए जमीन का चयन किया जा रहा था। तो शहर में कई अन्य जमीनें भी जो नगर निगम और एलडीए से जुड़ी थीं। उनके बारे में भी प्रस्ताव दिया गया, लेकिन भाजपा संगठन को जियामऊ की जमीन सबसे मुफीद लग रही है, जो लोहिया पथ के किनारे पर है। अब पढ़िए पार्षदों से क्यों छुपाया प्रस्ताव… मेयर से लेकर अधिकारी तक बोलने से बच रहे भाजपा को जमीन दिलाने की पूरी प्रक्रिया को गोपनीय रखा गया है। इसी लिए इससे संबंधित प्रस्ताव की सूचना नगर निगम के चंद लोगों को ही पता थी। सदन बैठक में भाजपा कार्यालय से संबंधित प्रस्ताव पर मेयर से लेकर नगर आयुक्त, अपर नगर आयुक्त, संपत्ति प्रभारी सहित अन्य अधिकारी एक शब्द भी नहीं बोले। प्रस्ताव पास हो गया। अब मामले में खुले तौर पर कोई कुछ भी बोलने से बच रहा है। सदन से प्रस्ताव पास होने के बाद में भी सपा और कांग्रेस पार्षदों को इसके बारे में जानकारी नहीं हो सकी। मौके पर पार्षदों ने कहा कि कोई भी एजेंडा बैठक से पहले नहीं दिया गया। जब बैठक शुरू भी हुई तो भी भाजपा कार्यालय से जुड़ा एजेंडा नहीं मिला। अब पढ़िए पार्षदों ने क्या कहा… कांग्रेस पार्षद बोले- कानूनी लड़ाई खुली पड़ी कांग्रेस पार्षद मुकेश सिंह चौहान ने कहा- पहली बार ऐसा हो रहा है कि कोई एजेंडा नहीं मिला। भाजपा इतनी डरी और सहमी क्यों है। भाजपा कार्यालय से संबंधित प्रस्ताव सदन में नहीं आया। न ही कोई चर्चा हुई। सह सहमति नियम के खिलाफ है। अगले सदन में इसका विरोध होगा। आगे कानूनी लड़ाई खुली पड़ी है। सपा बोली- गुपचुप तरीके से क्यों पास किया सपा के पार्षद राम नरेश चौरसिया ने कहा- यह पूरी तरह से गलत है। सदन में इस तरह से कोई प्रस्ताव नहीं आया है। न ही कोई चर्चा हुई है। यह मुद्दा नगर निगम की कार्यकारिणी बैठक में भी उठाउंगा। सपा के पार्षद यायावर हुसैन रेशु ने कहा- यह गुपचुप तरीके से क्यों किया गया। यह जवाब देना चाहिए। नगर निगम के सदन की मर्यादा से खिलवाड़ किया गया है। सपा पार्षद दल के नेता कामरान बेग ने बताया- नगर निगम की जमीन जनसेवा के लिए होनी चाहिए। न की किसी भी पॉलिटिक्ल पार्टी के लिए। यह गलत परंपरा शुरू की जा रही है। ------------ संबंधित खबर भी पढ़िए… लखनऊ में भाजपा मुख्यालय बनाने पर नगर निगम ने पल्ला-झाड़ा:शासन को भेजा प्रस्ताव, विपक्ष ने कहा- सदन में बगैर चर्चा के पास किया प्रस्ताव लखनऊ नगर निगम ने शहर में भाजपा के प्रदेश मुख्यालय बनाने के मामले में जमीन देने से पल्ला झाड़ लिया है। उन्होंने इसका प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। सपा और कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा ने सदन में बगैर चर्चा किए ही, इसका प्रस्ताव गुपचुप तरीके से पास कर दिया है। पूरी खबर पढ़ें
    Click here to Read more
    Prev Article
    आड विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना प्रतापगढ़ में होंगे:स्पार्क यूनिवर्सिटी का भूमिपूजन और शिलान्यास करेंगे
    Next Article
    अमेठी में मतदाता सूची विशेष अभियान दिवस:नाम जुड़वाने और गलती सुधार का मिलेगा अवसर

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment