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    लखनऊ में सहारा की मालकिन खाली करा रहीं अपना शहर:ट्रकों से ले जा रहीं लग्जरी सामान, यहां नया विधानसभा भवन बनाने की तैयारी

    5 hours ago

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    लखनऊ में सहारा सिटी पूरी तरह खाली हो रहा है। पिछले 5 दिन से सहारा शहर के अंदर ट्रकों, मैक्स गाड़ियों की आवाजाही बनी हुई है। यहां सुब्रय रॉय सहारा की पत्नी स्वप्ना रॉय ने भी अपनी कोठी स्वप्ना कुटी (व्हाइट हाउस) से सभी तरह के सामान निकलवा रही हैं। गहने, फर्नीचर, घड़ी, लॉकर, अलमारी, गाड़ियां, ट्रैक्टर, ट्राली, कार सहित अन्य सामान बाहर निकाले जा रहे हैं। इसके सहारा सिटी से सहारा प्रबंधन के लोग भी नहीं आ-जा सकेंगे। अब बाहर निकाले गए सामान को परिसर में दोबारा लाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। नगर निगम ने सहारा प्रबंधन से पूरा परिसर खाली करने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने सहारा शहर की लीज खत्म करने के निर्णय को सही मानाकर इसे नगर निगम को सौंपने का फैसला सुनाया है। अब यहां नया विधानसभा भवन बनेगा। बीते दिनों चांदी का पीकदान, सिंदूरदान चोरी हुए बीते दिनों चांदी सहारा सिटी के अंदर से 0.32 बोर की दो ऑटोमैटिक पिस्टल के साथ में 5 कारतूस, राडो, पाको रैबन, गिरार्ड पैरिवाक्स, टेक्नो मारिन और टाइटन सहित कई अंतरराष्ट्रीय ब्रांड की घड़ियां, दो कैमरे, दो एलसीडी टीवी, 878 कैसिनो क्वाइन, पांच मोबाइल, एक पिकअप, एसयूवी सहित एक किलो चांदी का पीकदान, 500 ग्राम चांदी की सात सिंदूर दानी, सोने के टप्स, चेन और बालियां सहित कई कीमती सामान चोरी हो गए थे। इस पर स्वप्ना रॉय ने कर्मचारियों पर मिलीभगत कर चोरी का आरोप लगाया था। बीते सोमवार को एसटीएफ ने कार्रवाई करते हुए सहारा शहर में करोड़ों की चोरी करने वाले छह आरोपियों के गिरोह का खुलासा कर सारे सामान जब्त किए थे। एसटीफ के अधिकारी भी सहारा प्रबंधन में शामिल ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी कर रहे हैं, जिनकी निशानदेही पर चोरी हुई क्यों कि 170 एकड़ के कैंपस में किस जगह क्या है, यह बाहरी लोगों को कैसे पता चला? नगर निगम की टीम ने सहारा के लोगों को लगाई फटकार नगर निगम और एसटीफ की जांच में खुलासा हुआ है कि रात के समय में भी सील हो चुके परिसर की रेकी सहारा में काम करने वाले कर्मचारी करते रहते हैं। करीब तीन दिन पहले नगर निगम और एसटीएफ की टीम ने ऐसे लोगों को मौके पर पहुंचकर ही फटकार लगाई है। इसके बाद से रेकी करने वाले लोगों की संख्या में कमी आई है, लेकिन अंदेशा है कि ऐसे लोग अभी भी परिसर में रखे सामानों को ठिकाने लगाने की कोशिश में लगे हुए हैं। सहारा परिसर की सुरक्षा के लिए लिखा पत्र सहायक नगर आयुक्त ने अपर नगर आयुक्त को पत्र लिखकर सहारा शहर परिसर की सुरक्षा के लिए गार्डो की संख्या बढ़ाने की मांग की है। चोरी की लगातार आ रही घटनाओं के बाद जब परिसर खाली हो रहा है तो अधिकारियों को इस बात का ख्याल आया है। सुप्रीम कोर्ट से भी सहारा को नहीं मिली राहत सुप्रीम कोर्ट ने सहारा शहर की लीज खत्म करने के निर्णय को सही माना है। इसके साथ ही लीज डीड को रद्द करने के निर्णय को गैर कानूनी बताने वाली सहारा की याचिका को भी खारिज कर दिया गया है। नगर निगम ने 30 साल की लीज अवधि पूरा होने और शर्तों के उल्लंघन पर 6 अक्तूबर में सहारा शहर को अपने कब्जे में ले लिया था। इसके बाद परिसर के गेटों को सील कर वहां सुरक्षा कर्मी तैनात कर दिए थे। इस कार्रवाई के कारण सहारा प्रमुख रहे सुब्रत रॉय सहारा की पत्नी स्वप्ना रॉय को भी परिसर खाली करना पड़ा था। लीज निरस्त करने की कार्रवाई के विरोध में सहारा कंपनी पहले हाईकोर्ट गई। वहां से राहत नहीं मिली तो वह सुप्रीम कोर्ट गई। वहां भी उसे राहत नहीं मिली। कोर्ट ने 16 मार्च को अपील खारिज कर दी। दरअसल, सहारा ने देश भर में अपनी 88 संपत्तियों की लिस्टिंग करते हुए सेबी से अटैच किया था। इसमें सहारा शहर का 130 एकड़ का परिसर भी था। इसी पर मालिकाना हक को लेकर नगर निगम ने विरोध किया था। इसलिए दी गई थी जमीन नगर निगम की ओर से आवासीय योजना विकसित करने के लिए सहारा इंडिया हाउसिंग लिमिटेड कंपनी को 1994 में लाइसेंस पर शर्तों के तहत 170 एकड़ जमीन दी थी। इसमें 130 एकड़ में आवासीय प्लॉट-मकान बनाकर कॉलोनी विकसित करनी थी और 40 एकड़ का ग्रीन बेल्ट है। वहीं, अब सहारा से जमीन खाली कराने के बाद इसपर नगर निगम का कब्जा है। जबकि शासन की तरफ से इसपर नया विधानभवन बनाने की तैयारी है। इसके लिए एलडीए को नोडल एजेंसी बनाया गया है। अब इसी जमीन पर बनेगा नया विधानभवन सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब इस जमीन के इस्तेमाल को लेकर सरकार की योजना स्पष्ट होती नजर आ रही है। गोमतीनगर स्थित इस बड़े भूखंड पर नया विधानभवन बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। एलडीए ने शासन के निर्देश पर कंसल्टेंट नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जो इस परियोजना की डीपीआर और डिजाइन तैयार करेगा। शासन के निर्देश पर सहारा शहर की जमीन की पैमाइश कर रिपोर्ट पहले ही भेजी जा चुकी है। उच्च स्तर पर इस स्थान को विधानभवन निर्माण के लिए उपयुक्त मानते हुए सहमति भी बन चुकी है। एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार के अनुसार, अब आगे की प्रक्रिया के तहत कंसल्टेंट की नियुक्ति और परियोजना की विस्तृत योजना पर काम तेजी से किया जा रहा है।
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