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    लखनऊ में शिक्षामित्र BLO की मौत:बेटा बोला- अधिकारी परेशान कर रहे थे, प्रशासन ने आरोप नकारे

    13 hours ago

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    मोहनलालगंज विधानसभा चुनाव की मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) कार्य में लगे निगोहां क्षेत्र के BLO रामदीन की मौत के बाद मामला गरमा गया है। मृतक के बेटे ने अधिकारियों पर अत्यधिक कार्यदबाव का आरोप लगाया है, जबकि प्रशासन ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। निगोहां के राती गांव निवासी 54 साल के रामदीन प्राथमिक विद्यालय में शिक्षामित्र के पद पर तैनात थे। इन दिनों उनकी ड्यूटी बीएलओ के रूप में विधानसभा चुनाव की मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य में लगी थी। बताया गया है कि बीमार चल रहे रामदीन मैपिंग कार्य समय से पूरा न होने के कारण काफी तनाव में थे। उनका बूथ रेड जोन में डाले जाने के बाद उनकी चिंता और बढ़ गई थी। अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई परिजनों के अनुसार, 25 फरवरी को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें तत्काल मोहनलालगंज के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां आधी रात के बाद इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। मृतक के बेटे नवनीत कुमार का आरोप है कि उनके पिता एसआईआर कार्य को लेकर बेहद परेशान रहते थे। अधिकारियों द्वारा लगातार दबाव बनाए जाने की बात कहते हुए वह कई बार भावुक हो जाते थे। SIR कार्य का दबाव बनाया उन्होंने बताया कि एसआईआर के साथ-साथ पंचायत चुनाव की मतदाता सूची में भी उनकी ड्यूटी बीएलओ के रूप में लगा दी गई थी। शिकायत के बाद पंचायत बीएलओ की ड्यूटी तो हटा दी गई, लेकिन एसआईआर कार्य का दबाव बना रहा। खराब स्वास्थ्य की जानकारी देने के बावजूद उन्हें राहत नहीं मिली। शिक्षामित्र संघ के ब्लॉक अध्यक्ष प्रदीप सिंह ने भी कहा कि रामदीन बीमारी की हालत में भी एसआईआर कार्य के तनाव से गुजर रहे थे। संघ के हस्तक्षेप के बाद पंचायत बीएलओ की जिम्मेदारी हटाई गई थी, लेकिन एसआईआर कार्य जारी रहा। उन्होंने मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता दिए जाने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिजनों को आर्थिक सहायता देने की मांग वहीं, खंड शिक्षा अधिकारी सुशील कुमार ने स्पष्ट किया कि रामदीन अनुभवी और कर्मठ शिक्षामित्र थे। एसआईआर कार्य को लेकर उन पर किसी प्रकार का दबाव नहीं था। उनकी मृत्यु बीमारी के कारण हुई है। घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। परिजन जहां निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, वहीं प्रशासन आरोपों को सिरे से खारिज कर रहा है।
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