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    बरेली रामलीला में सीता जन्म का मंचन:श्रद्धालुओं ने खेली फूलों की होली, 2 मार्च को राम बारात निकलेगी

    1 hour ago

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    बरेली में ब्रह्मपुरी की ऐतिहासिक रामलीला में शुक्रवार को सीता जन्म का मंचन हुआ। एक घड़े से सीता जी के जन्म की लीला दिखाई गई। गुरु मुनेश्वर दास ने काव्य रूप में सीता जन्म का प्रसंग सुनाया। कथा के अनुसार, जब मिथिला में भयंकर अकाल पड़ा, तब ऋषियों के परामर्श पर राजा जनक ने स्वर्ण हल से धरती जोती। इसी दौरान भूमि से एक सुंदर घड़ा निकला, जिसमें साक्षात जगत जननी कन्या रूप में विराजमान थीं। चूंकि हल के अग्रभाग को 'सीत' कहा जाता है, इसीलिए इस कन्या का नाम 'सीता' रखा गया। फूलों की वर्षा और ढोल-नगाड़ों के साथ हुआ उत्सव, भक्तों ने पाया प्रसाद सीता जन्म के इस पावन अवसर पर रामलीला पंडाल उत्सव के रंग में डूब गया। रामलीला अध्यक्ष राजू मिश्रा ने स्वरूपों के साथ फूलों की होली खेलकर हर्ष व्यक्त किया। पूरे क्षेत्र में ढोल-नगाड़े गूंज उठे और श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे पर पुष्प वर्षा कर खुशियां बांटीं। महामंत्री सुनील रस्तोगी ने जानकारी दी कि शनिवार की लीला में महर्षि विश्वामित्र का आगमन, ताड़का वध और अहिल्या उद्धार जैसे महत्वपूर्ण प्रसंगों का मंचन किया जाएगा। 166 वर्षों की विरासत: यूनेस्को की धरोहर में उमड़ा जनसैलाब 1861 से चली आ रही बरेली की यह ऐतिहासिक फाल्गुनी रामलीला अपनी विशिष्टता के कारण यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है। शरद ऋतु के बजाय होली के समय होने वाली यह देश की इकलौती 'चलती-फिरती' रामलीला है। शुक्रवार को पदाधिकारियों ने स्वरूपों की आरती उतारकर प्रभु का आशीर्वाद लिया। इस दौरान संरक्षक सर्वेश रस्तोगी, कोषाध्यक्ष राज कुमार गुप्ता, लीला प्रभारी अखिलेश अग्रवाल, विवेक शर्मा, नवीन शर्मा, नीरज रस्तोगी और संजू गुप्ता सहित भारी संख्या में रामभक्त मौजूद रहे। राम बारात और आगे का कार्यक्रम: 2 मार्च को निकलेगी भव्य सवारी लीला के क्रम में 1 मार्च को भव्य धनुष यज्ञ का आयोजन होगा, जबकि 2 मार्च को सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक प्रभु राम की ऐतिहासिक 'राम बारात' निकाली जाएगी। यह बारात नृसिंह मंदिर से शुरू होकर बिहारीपुर, कुतुबखाना, घंटाघर, बरेली कॉलेज गेट, कालीबाड़ी और श्यामगंज जैसे मुख्य मार्गों से होते हुए वापस मंदिर परिसर पहुंचेगी। 13 मार्च को रावण वध और 15 मार्च को भव्य राज्याभिषेक के साथ इस 19 दिवसीय उत्सव का समापन होगा। राम​लीला का पूरा शेड्यूल: 25 फरवरी से 15 मार्च तक ​बड़ी बमनपुरी स्थित नृसिंह मंदिर इस भव्य आयोजन का मुख्य केंद्र है। कार्यक्रम की रूपरेखा इस प्रकार है: लीला का कार्यक्रम इस प्रकार है:
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