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    लखनऊ में दो दिवसीय राष्ट्रीय विज्ञान दिवस:आंचलिक विज्ञान नगरी में NASI चैप्टर ने किया आयोजन

    2 hours ago

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    लखनऊ में आंचलिक विज्ञान नगरी में दो दिवसीय राष्ट्रीय विज्ञान दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज, इंडिया (NASI) लखनऊ चैप्टर के सहयोग से हुआ। यह दिवस 1928 में सी.वी. रमन द्वारा रमन प्रभाव की खोज की स्मृति में मनाया जाता है। कार्यक्रम में शहर के विभिन्न विद्यालयों से आए छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। उन्होंने विज्ञान को प्रयोगों और रचनात्मकता के माध्यम से समझा। इस दौरान मॉडल मेकिंग कार्यशाला, रसायन विज्ञान प्रदर्शन, विज्ञान प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता और विज्ञान फिल्म प्रदर्शन जैसे आयोजन हुए। छात्रों ने “विकसित भारत थ्रू साइंस” विषय पर पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता में भी भाग लिया। विद्यार्थियों को जिज्ञासु तथा तार्किक बनने का संदेश कार्यक्रम की शुरुआत आंचलिक विज्ञान नगरी के परियोजना समन्वयक स्वरूप मंडल के स्वागत संबोधन से हुई। उन्होंने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला और विद्यार्थियों को जिज्ञासु तथा तार्किक बनने का संदेश दिया। मंडल ने बताया कि ऐसे कार्यक्रम देशभर में विज्ञान को आम जनता तक पहुंचाने में सहायक हैं। इस वर्ष के कार्यक्रम की थीम “विज्ञान में महिलाएँ: विकसित भारत की उत्प्रेरक” थी। डॉ. संजय बत्रा ने अपने संबोधन में विज्ञान और नवाचार में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को राष्ट्र निर्माण के लिए महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्राओं की उपस्थिति ने इस संदेश को रेखांकित किया। तथ्यों को समझने की सलाह दी सी.एस.आई.आर केंद्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान (CDRI) के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. समन हबीब ने “परजीवी संक्रमण के खतरे से निपटने के लिए आधुनिक जीवविज्ञान” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने आधुनिक विज्ञान की संक्रामक रोगों से लड़ने में भूमिका पर प्रकाश डाला और विद्यार्थियों को शोध में रुचि लेने तथा तथ्यों को समझने की सलाह दी। इस अवसर पर सी.एस.आई.आर राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान (NBRI) के पूर्व वैज्ञानिक डॉ. आर.डी. त्रिपाठी भी उपस्थित थे।
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