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    महंगे होंगे गैजेट्स:एआई के बढ़ते क्रेज से चिप की भारी किल्लत, 50% तक महंगे हो सकते हैं फोन और टीवी

    19 hours ago

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    एआई की तेज रफ्तार अब फोन, टीवी जैसे कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स महंगे कर सकती है। एआई इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए डेटा सेंटर्स और सर्वर्स को मेमोरी चिप्स की ज्यादा जरूरत पड़ रही है। इसके चलते कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए चिप की सप्लाई कम हो गई है। इससे इनकी कीमतें 50% तक बढ़ने की संभावना है। काउंटरपॉइंट रिसर्च की एक रिपोर्ट कहती है कि ऐसे में स्मार्टफोन, टीवी, कम्प्यूटर और अन्य कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स के दाम इस साल हर महीने 7-10% बढ़ सकती है। दरअसल, मेमोरी चिप्स बनाने वाली कंपनियां हाई-बैंडविड्थ मेमोरी और सर्वर-ग्रेड डीआरएएम को प्राथमिकता दे रही हैं, क्योंकि इनमें मुनाफा ज्यादा है। काउंटरपॉइंट रिसर्च के मुताबिक, सैमसंग, एसके हाइनिक्स और माइक्रॉन जैसे प्रमुख सप्लायर्स बड़े एआई और सर्वर ग्राहकों को पहले सप्लाई कर रहे हैं। ऑर्डर कंट्रोल सख्त कर दिए हैं और स्टॉकिंग रोक रहे हैं। इससे कंज्यूमर-ग्रेड के मेमोरी चिप्स की उपलब्धता घट गई है। मेमोरी चिप्स के दाम पहले ही 400% तक बढ़ चुके ब्लॉपंक्ट और कोडक के ब्रांड लाइसेंसी सुपर प्लास्ट्रॉनिक्स के सीईओ अवनीत सिंह मारवाह ने कहा कि स्मार्ट टीवी में डीडीआर-3 और डीडीआर-4 मेमोरी इस्तेमाल होती है। लेकिन एआई डिमांड के चलते ये मेमोरी चिप्स सर्वर्स की ओर डायवर्ट हो रही हैं। नतीजतन अंतरराष्ट्रीय बाजार में मेमोरी चिप्स के दाम पहले ही 300-400 फीसदी बढ़ चुके हैं। एपल 25% चिप इस्तेमाल करती है, सप्लायर्स पर दबाव बनाएगी टीवी की कीमत इस साल 7-10% बढ़ सकती है- रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक, हालात ऐसे हैं कि इस साल मार्च तक मेमोरी चिप्स के दाम 40-50% और बढ़ सकते हैं। इससे टीवी की कीमतें 7-10% बढ़ सकती हैं। जल्द सुधार की उम्मीद भी नहीं है। भारत में जीएसटी 28% से घटकर 18% रह जाने के फायदे भी अब खत्म हो गए हैं। एपल छोड़कर अन्य ब्रांड्स के फोन महंगे हो सकते हैं- स्मार्टफोन कंपनी नथिंग ने कहा है कि इस साल फोन के दाम बढ़ाएगी। हालांकि, विश्लेषक मिंग-ची कू के मुताबिक, एपल आईफोन 18 के दाम स्थिर रखने के प्रयास करेगी। एपल ग्लोबल मेमोरी चिप सप्लाई का 20-25% इस्तेमाल करती है। सप्लायर्स पर दबाव डाल सकती है। कम्प्यूटर ब्रांड्स चीन से चिप्स लेने की सोच रहे- कुछ ग्लोबल कम्प्यूटर ब्रांड्स पारंपरिक चिप कंपनियों के विकल्प तलाश रहे हैं। एचपी, डेल, एसर और एसस जैसी कंपनियां सीएक्सएमटी जैसी चीन की कंपनियों से मेमोरी चिप्स खरीदने पर विचार कर रही हैं। यदि ऐसा हुआ तो लैपटॉप, पीसी और टैबलेट के दाम भी स्थिर रह सकते हैं। बढ़ती कीमतों के चलते बड़ी स्क्रीन का ट्रेंड पलटने की संभावना टीवी ग्राहकों का व्यवहार बदल सकता है। प्लास्ट्रॉनिक्स के मारवाह के मुताबिक, लोग 65 इंच टीवी की जगह 55 इंच लेंगे, या 55 इंच वाले 43-50 इंच पर शिफ्ट होंगे। बड़े स्क्रीन का ट्रेंड पलट सकता है। ग्राफिक्स सेगमेंट प्रभावित होंगे। मेमोरी की कमी से एनवीडिया जैसी कंपनियों ने कुछ गेमिंग चिप्स लॉन्च करने में देरी की है। ऑटो सेक्टर भी प्रभावित हुआ क्योंकि कारों में भी सेमीकंडक्टर्स और मेमोरी लगती है।
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