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    स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने शुरू किया 9 बिन्दुओं पर सर्वेक्षण:साधु-संतों को लिखा पत्र,बोले-असली और नकली हिन्दू का हो पहचान

    2 hours ago

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    ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने नौ प्रमुख बिंदुओं पर आधारित एक राष्ट्रव्यापी अभियान और सर्वेक्षण की घोषणा की है। उन्होंने कहा है कि जो व्यक्ति इन बिंदुओं से सहमत है, वह इस अभियान से जुड़ सकता है। स्वामी जी के अनुसार यह पहल “धर्म, संस्कृति और राष्ट्र के संरक्षण” के उद्देश्य से शुरू की गई है। क्या है इस सर्वेक्षण का उद्देश्य? शंकराचार्य ने कहा कि यह सर्वेक्षण समाज की सोच और प्रतिबद्धता को समझने के लिए किया जा रहा है। उनका दावा है कि बड़ी संख्या में लोग इन मुद्दों पर सहमत हैं, लेकिन उन्हें एक मंच की आवश्यकता है। अभियान के माध्यम से ऐसे लोगों को संगठित करने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह राजनीतिक दल बनाने का प्रयास नहीं है, बल्कि “धर्म आधारित राष्ट्रचिंतन” को आगे बढ़ाने की पहल है। शंकराचार्य ने कहा - मंदिर में गैर हिंदू प्रवेश लागू हो शंकराचार्य ने कहा कि सनातन धर्म अनादिकाल से भारत भूमि में स्थापित होकर विश्व कल्याण की भावना से संचालित होता रहा है। समय-समय पर अवतारी पुरुषों और शंकराचार्य पीठों ने धार्मिक व्यवस्था को दिशा दी है। उनके अनुसार बद्रीनाथ और केदारनाथ सहित समिति द्वारा संचालित मंदिरों में केवल उन्हीं लोगों को प्रवेश मिलना चाहिए, जो हिंदू धर्म को मानते और उसकी जीवन पद्धति का पालन करते हैं। उन्होंने कहा यह कोई नई प्रथा या नया नियम नहीं है। पूर्व से चली आ रही परंपरा को ही दोहराया गया है। काल के प्रभाव से जो बातें विस्मृत हो जाती हैं, उन्हें समय-समय पर स्मरण कराना आवश्यक होता है। अभियान के 9 प्रमुख बिंदु 1.गौहत्या मुक्त हो भारत 2.देश में सनातनी राजनीति होनी चाहिए 3.विकास के नाम पर मंदिर, मूर्तियों और परंपराओं को तोड़ना अनुचित है 4.धर्म के मामलों में धर्माचार्य प्रमुख हों, राजनेता नहीं 5.पर्यावरण संरक्षण हमारा मूल कर्तव्य है 6.धर्मसत्ता राज्यसत्ता से ऊपर है; शासक को आचार्यों के मार्गदर्शन में चलना चाहिए 7.भारत का भाग्योदय ‘गुरुकुल’ शिक्षा पद्धति से होगा 8.धर्मस्थलों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त किया जाए 9.असली और नकली हिंदू की पहचान सार्वजनिक हो
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