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    महिला कानूनों के दुरुपयोग पर चिंता:लखनऊ में संगोष्ठी, आत्मनिर्भरता पर चर्चा

    1 hour ago

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    लखनऊ के हजरतगंज स्थित उत्तर प्रदेश प्रेस क्लब में "महिला कानूनों की वर्तमान परिप्रेक्ष्य में प्रासंगिकता और समाज पर उसका प्रभाव" विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसका आयोजन गाइड समाज कल्याण संस्थान ने महिला प्रकोष्ठ केकेसी डिग्री कॉलेज के सह-संयोजन में किया। संगोष्ठी में महिला अधिकारों, कानूनों की उपयोगिता और उनके दुरुपयोग जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व पुलिस महानिदेशक डॉ. आनंद प्रकाश माहेश्वरी थे, जबकि उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजय गुप्ता ने इसकी अध्यक्षता की। वक्ताओं ने महिला अधिकारों और लैंगिक असमानता से जुड़े कानूनों की वर्तमान स्थिति पर अपने विचार व्यक्त किए। आत्मनिर्भरता समाज के विकास के लिए आवश्यक रेड ब्रिगेड की संस्थापिका ऊषा विश्वकर्मा ने महिलाओं की शिक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता को समाज के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक बताया। पूर्व अपर निदेशक अभियोजन सत्य प्रकाश राय ने महिला सशक्तिकरण आंदोलन के 115 वर्षों के इतिहास पर प्रकाश डाला और सती प्रथा के उन्मूलन जैसे सामाजिक सुधारों का उल्लेख किया। प्रोफेसर शोभा बाजपेई ने कहा कि एक संतुलित समाज के लिए लैंगिक भेदभाव से परे संवैधानिक सुरक्षा हर नागरिक का अधिकार है। उन्होंने महिला सुरक्षा के लिए बने कानूनों के दुरुपयोग पर चिंता जताई, जिससे सामाजिक संतुलन और पारिवारिक ताना-बाना प्रभावित होता है।विधि विभागाध्यक्ष प्रोफेसर मनोज पांडे ने वैदिक संस्कृति में महिलाओं के सम्मानित स्थान पर चर्चा की। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ मामलों में महिला कानूनों के दुरुपयोग के उदाहरण भी सामने आते हैं। अपराध और सुधार दोनों व्यक्ति की मानसिकता से पैदा होते हैं अपने अध्यक्षीय संबोधन में संजय गुप्ता ने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल न्याय का विषय नहीं है, बल्कि एक सामंजस्यपूर्ण समाज के निर्माण की आवश्यकता है। मुख्य अतिथि डॉ. आनंद प्रकाश माहेश्वरी ने कहा कि अपराध और सुधार दोनों व्यक्ति की मानसिकता से पैदा होते हैं। उन्होंने कानूनों के दुरुपयोग को रोकने के लिए कड़े प्रावधानों की आवश्यकता पर बल दिया, साथ ही महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की भी बात कही।कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण मातृशक्ति सम्मान 2026 रहा, जिसमें 70 वर्षीय डॉ. लक्ष्मी रस्तोगी को सम्मानित किया गया।
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