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    मोहसिन रजा बने यूपी अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष:योगी सरकार में मंत्री रह चुके रजा को मिलेगा कैबिनेट रैंक का दर्जा

    2 hours ago

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    उत्तर प्रदेश सरकार ने पूर्व मंत्री और भाजपा नेता मोहसिन रजा को राज्य अल्पसंख्यक आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया है। नई जिम्मेदारी के साथ उन्हें कैबिनेट रैंक का दर्जा भी दिया जाएगा। रजा इससे पहले योगी आदित्यनाथ सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ और हज विभाग में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। 2017 में बने थे योगी सरकार में मंत्री मोहसिन रजा लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी से जुड़े रहे हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने भाजपा की सदस्यता ली थी। इसके बाद पार्टी ने उन्हें प्रवक्ता की जिम्मेदारी भी दी। वर्ष 2017 में प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद रजा को मंत्री बनाया गया। वह उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य भी रह चुके हैं। वक्फ संपत्तियों को लेकर उठा चुके हैं सवाल अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष बनाए जाने से पहले मोहसिन रजा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर वक्फ बोर्ड से जुड़े मुद्दे उठाए थे। 12 अगस्त को हुई मुलाकात में उन्होंने प्रदेश के दोनों वक्फ बोर्डों की संपत्तियों की जिला स्तर पर एसआईटी जांच और विशेष ऑडिट कराने की मांग की थी। रजा ने दावा किया था कि प्रदेश में पहले दो लाख से अधिक पंजीकृत वक्फ संपत्तियां थीं, जबकि अब इनकी संख्या करीब 1.27 लाख रह गई है। उन्होंने पिछली सरकारों के कार्यकाल में वक्फ बोर्डों के उचित ऑडिट नहीं होने का आरोप लगाते हुए कहा था कि बड़ी संख्या में संपत्तियां रिकॉर्ड से गायब हुईं या उन पर अवैध कब्जे किए गए। हालांकि, इन दावों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। क्रिकेट से मॉडलिंग और राजनीति तक सफर मोहसिन रजा का राजनीतिक सफर शुरू होने से पहले खेल और मनोरंजन की दुनिया से भी जुड़ाव रहा है। वह रणजी ट्रॉफी में उत्तर प्रदेश की ओर से क्रिकेट खेल चुके हैं। इसके अलावा मॉडलिंग और अभिनय में भी उनकी रुचि रही है। वर्ष 1995 में उन्हें 'प्रिंस लखनऊ' चुना गया था। अल्पसंख्यक आयोग की अध्यक्षता मिलने के बाद रजा की प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर महत्वपूर्ण भूमिका सामने आई है। कैबिनेट रैंक का दर्जा मिलने के साथ यह जिम्मेदारी उनके राजनीतिक कद को भी बढ़ाने वाली मानी जा रही है।
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