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    महाशिवरात्रि के बाद काकादेव में भगवान शिव का 'रिसेप्शन':हिंदू सम्मेलन में एकजुटता की हुंकार, 45 यूनिट रक्तदान कर दिया सेवा का संदेश

    19 hours ago

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    शहर के काकादेव में महाशिवरात्रि के अगले दिन एक अनोखा और भव्य नजारा देखने को मिला। भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह के उपलक्ष्य में यहां ठीक वैसे ही 'प्रीति भोज' का आयोजन किया गया, जैसा हमारे समाज में शादियों के बाद रिसेप्शन या 'एट होम' की परंपरा है। शिव भक्तों ने इसे महादेव के परिवार का मिलन समारोह मानते हुए बड़े उत्साह के साथ मनाया। आयोजन में न केवल धार्मिक आस्था की झलक दिखी, बल्कि सकल हिंदू सम्मेलन के जरिए समाज को एकजुट करने और रक्तदान शिविर के माध्यम से मानवता की सेवा का बड़ा संकल्प भी लिया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा-अर्चना, स्तुति और भव्य आरती के साथ हुई। आयोजक आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि, जिस तरह हिंदू धर्म में विवाह के अगले दिन दोनों पक्षों के रिश्तेदारों के लिए प्रीति भोज होता है, उसी तर्ज पर भगवान के अंश स्वरूप हम सभी भक्तों के लिए यह आयोजन किया गया है। उन्होंने समाज में बढ़ती दूरियों पर चिंता जताते हुए कहा कि हिंदू धर्म अपनी सहिष्णुता और धर्मनिरपेक्षता के लिए जाना जाता है, लेकिन अक्सर इसी का गलत फायदा उठाया जाता है। आज जरूरत इस बात की है कि 80 प्रतिशत हिंदू आबादी अपनी ताकत पहचाने और जातियों में बंटने के बजाय एक साथ खड़ी हो। सम्मेलन में देवी-देवताओं के सम्मान की रक्षा और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण का आह्वान किया गया। इस आध्यात्मिक समागम के साथ ही सामाजिक सरोकार की मिसाल भी पेश की गई। परिसर में लगे रक्तदान शिविर में युवाओं और स्थानीय नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। जहां कुल 45 यूनिट रक्त एकत्रित हुआ। आयोजकों ने 'रक्तदान-महादान' का संदेश देते हुए कहा कि यहां से कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति निःशुल्क रक्त प्राप्त कर सकता है। वहीं, गंगा संरक्षण के लिए समर्पित सामाजिक कार्यकर्ता श्री राम त्रिपाठी ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने गौ, गंगा, गरीब और गुरुकुल के संरक्षण पर जोर देते हुए कानपुर की जीवनदायिनी गंगा को निर्मल बनाने के लिए कड़े कदम उठाने और शोधन इकाइयों को प्रभावी बनाने की बात कही।
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