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    मुजफ्फरनगर में मुस्लिमों ने बुलडोजर मंगवाकर मदरसा ढहाया:अफसरों ने कहा था- खुद गिराओ, वरना हम गिराएंगे; दावा-50 साल पुराना

    11 hours ago

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    मुजफ्फरनगर में मदरसा दारुल उलूम रहीमिया को कमेटी के लोगों ने खुद ढहाना शुरू कर दिया है। रविवार को बुलडोजर मंगवाया गया। 1200 वर्गमीटर में बने अवैध निर्माण को एक-एक करके गिराया जा रहा है। अब तक 300 वर्गमीटर में बने 2 हॉल को ढहाया जा चुका है। 900 वर्गमीटर में बने 8 कमरे बाकी हैं। कमेटी का दावा है कि ये मदरसा करीब 50 साल पुराना है। वहीं, प्रशासन के अफसरों ने बताया, कब्रिस्तान की जमीन पर अवैध निर्माण किया गया है। 18 अगस्त को तहसीलदार (न्यायिक) अरविंद कुमार कुठार ने मदरसा संचालक हिफजुर्रहमान अंसारी को नोटिस जारी किया। उन्होंने कहा था- ‘यदि अवैध कब्जा खुद नहीं हटाया तो प्रशासन गिरा देगा। हर्जाना भी वसूला जाएगा।’ मामला जिला मुख्यालय से करीब 40 किमी दूर फुलत गांव का है। बुलडोजर एक्शन दो तस्वीरें देखें… अब विस्तार से पढ़िए… मदरसा संचालक पर अवैध धर्मांतरण के आरोप लगे जुलाई के पहले हफ्ते में थाना रतनपुरी में एक शिकायत दर्ज कराई गई थी। बताया गया था कि फुलत गांव में ग्राम समाज की जमीन पर दारूल उलूम रहीमिया मदरसा का अवैध निर्माण किया गया है। शिकायत में मौलाना हिफजुर्रहमान उर्फ हफीजुर्रहमान अंसारी, जुबैर अंसारी और जुनैद अंसारी पर मदरसे का संचालन करने और धर्मांतरण में शामिल होने का आरोप लगाया गया था। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ अवैध धर्मांतरण का मामला दर्ज किया। 15 जुलाई को पुलिस ने हिफजुर्रहमार के बेटे जुनैद अंसारी को गिरफ्तार किया। वह इस समय जेल में है। तहसीलदार कोर्ट ने 35 हजार का जुर्माना लगाया था मदरसे के अवैध निर्माण से संबंधित केस खतौली के तहसीलदार न्यायिक की कोर्ट में चल रहा था। 22 मई को कोर्ट ने 1200 वर्गमीटर भूमि पर बने निर्माण को अवैध करार दिया। इस मामले में कोर्ट ने 30 हजार रुपए का जुर्माना और 5 हजार रुपए का खर्च लगाने का आदेश दिया था। इस फैसले के खिलाफ मदरसा संचालक ने अपर जिलाधिकारी (न्यायिक), मुजफ्फरनगर की अदालत में अपील की। 17 अगस्त 2026 को अपीलीय अदालत ने पहले के आदेश को निरस्त कर दिया। निर्देश दिया है कि जमीन पर बना 1,200 वर्गमीटर का निर्माण खुद हटा लिया जाए। नोटिस में कहा गया है कि दो दिन के अंदर निर्माण हटाकर इसकी जानकारी दें। ऐसा नहीं करने पर प्रशासन खुद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करेगा। प्रशासन से नोटिस मिलने के बाद मदरसा प्रबंधन समिति ने विवादित भूमि पर बने निर्माण को खुद हटाना शुरू कर दिया। प्रधान बोले- 2021 में कब्रिस्तान की जमीन थी फुलत गांव के प्रधान वसीम अहमद ने कहा, 2021 से वो कब्रिस्तान की जगह थी। विवाद चल रहा था। मदरसा हटाने के लिए नोटिस दिया गया था। मदरसा वाले अतिक्रमण हटा रहे हैं। ---------------------------- यह खबर भी पढ़िए अखिलेश के सहयोगी दल चवन्नी से रुपया बने या नहीं, लोकसभा चुनाव में कांग्रेस 1 से 6, बसपा 0 से 10 हुई कुछ गठबंधन ऐसे किए हम लोगों ने, जाने कहां-कहां से आ गए थे गठबंधन वाले। बताओ, हमने चवन्नी का रुपया बना दिया, तब भी हमें छोड़कर चले गए। - अखिलेश यादव, 16 अगस्त सपा प्रमुख का यह बयान राष्ट्रीय लोक दल प्रमुख जयंत चौधरी पर तंज था। अब जयंत के समर्थक विरोध कर रहे हैं। बसपा प्रमुख मायावती भी इस बयान पर भड़क गई हैं। उन्होंने अखिलेश को अहंकारी बताते हुए कहा- यह उनके अमर्यादित आचरण का सबूत है। जयंत चौधरी ही नहीं, पूरे जाट समाज से माफी मांगनी चाहिए। अब सवाल है कि अखिलेश के चवन्नी वाले बयान में सच्चाई कितनी है? क्या अलग-अलग चुनाव में सपा से जुड़ने वाली पार्टियां वाकई रुपया बन गईं? पढ़िए पूरी खबर…
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