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    मझिया जाफरपुर प्रधान के वित्तीय अधिकार सीज:वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में डीएम ने की कार्रवाई, जांच समिति गठित

    9 hours ago

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    हरदोई में मल्लावां विकास खंड की ग्राम पंचायत मझिया जाफरपुर में वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की शिकायतों पर जिलाधिकारी अनुनय झा ने तत्काल कार्रवाई की है। उन्होंने ग्राम प्रधान के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों को प्रतिबंधित कर दिया है। साथ ही, पूरे मामले की अंतिम जांच के लिए एक समिति का गठन किया गया है, जिसे 30 दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। यह कार्रवाई ग्राम निवासी महेंद्र सिंह द्वारा वर्ष 2022-23 और 2023-24 के दौरान ग्राम पंचायत में हुए विभिन्न कार्यों में अनियमितता और फर्जी भुगतान की शिकायत के बाद की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि हैंडपंप मरम्मत, पंचायत भवन में इन्वर्टर, सोलर पैनल, बैटरी, पंखा आदि की खरीद तथा निर्माण कार्यों में वित्तीय नियमों का पालन नहीं किया गया। इसके अतिरिक्त, बिना टेंडर के मनचाही फर्मों को सामग्री आपूर्ति देने और आंगनबाड़ी केंद्र की मरम्मत व टाइल्स के नाम पर लगभग 6.50 लाख रुपये निकालने का भी आरोप लगाया गया था। जिलाधिकारी के निर्देश पर सहायक श्रमायुक्त और लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता ने संयुक्त रूप से स्थलीय जांच की। जांच में पाया गया कि वर्ष 2022-23 में 19 हैंडपंपों की मरम्मत पर लगभग 1.20 लाख रुपये और वर्ष 2023-24 में 19 हैंडपंपों पर लगभग 84 हजार रुपये खर्च दर्शाया गया था। हालांकि, रिबोरिंग के बाद निकली पुरानी पाइप और मशीनरी जैसी स्क्रैप सामग्री जांच के दौरान प्रस्तुत नहीं की जा सकी। साथ ही, पंचायत भवन में टाइल्स का कार्य भी अधूरा पाया गया। प्रारंभिक जांच के आधार पर प्रधान और सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन निर्धारित समय में कोई स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया गया। इसे गंभीर मानते हुए जिलाधिकारी ने उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम की धारा 95 के तहत ग्राम प्रधान नरेंद्र सिंह के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकारों पर रोक लगा दी है। ग्राम पंचायत के कार्यों के संचालन के लिए अब एक तीन सदस्यीय समिति गठित की जाएगी। मामले की अंतिम जांच के लिए उपायुक्त स्वतः रोजगार और अधिशासी अभियंता राष्ट्रीय जल प्रबंधन योजना को समिति में शामिल किया गया है। यह समिति अपनी जांच रिपोर्ट 30 दिनों के भीतर प्रस्तुत करेगी।
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