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    मिल्कीपुर में 210 पंचायत भवन वंचित:वाई-फाई सुविधा नहीं, लोग जनसेवा केंद्रों पर निर्भर, ग्राम पंचायत का ऑनलाइन कार्य प्रभावित

    2 hours ago

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    जिले मिल्कीपुर तहसील के तीनों विकासखंडों में स्थित 210 ग्राम पंचायत भवनों में अभी तक वाई-फाई सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाई है। केंद्र सरकार की भारतनेट योजना के तहत वाई-फाई कनेक्टिविटी प्रदान करने का लक्ष्य पूरा नहीं हो सका है, जिससे ग्रामीण ऑनलाइन सेवाओं के लिए जनसेवा केंद्रों पर निर्भर हैं। केंद्र सरकार ने वर्ष 2015 से 2018 के बीच भारतीय दूरसंचार निगम (बीएसएनएल) के माध्यम से ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने और पंचायत भवनों को वाई-फाई से जोड़ने के निर्देश दिए थे। योजना की अवधि समाप्त हुए पांच साल से अधिक हो गए हैं, लेकिन स्थिति में कोई खास बदलाव नहीं आया है। अमानीगंज विकासखंड की कुल 73 ग्राम सभाओं में से किसी भी पंचायत भवन में वाई-फाई की व्यवस्था नहीं की जा सकी है। इससे ऑनलाइन संबंधित कार्यों में बाधा आ रही है। खंड विकास अधिकारी सूर्य प्रकाश मिश्रा पर इस ओर ध्यान न देने का आरोप है। हैरिंग्टनगंज ब्लॉक की 60 ग्राम पंचायतों में से केवल 4-5 में ही किसी तरह वाई-फाई कनेक्शन हो पाया है। हालांकि, इन पंचायत भवनों पर भी ग्रामीणों के कार्य नहीं हो पा रहे हैं, और उन्हें जनसेवा केंद्रों का सहारा लेना पड़ रहा है। इस संबंध में खंड विकास अधिकारी से संपर्क नहीं हो सका। मिल्कीपुर ब्लॉक की 77 ग्राम सभाओं में से किसी भी पंचायत भवन में वाई-फाई इंटरनेट कनेक्शन नहीं है। कुछ ग्राम पंचायतों में ग्राम पंचायत अधिकारी और प्रधानों ने कार्यों में बाधा न आए, इसके लिए ग्राम पंचायत के खाते से वाई-फाई की अस्थायी व्यवस्था की है। मिल्कीपुर के खंड विकास अधिकारी हरिश्चंद्र सिंह ने बताया कि उनके पास वाई-फाई कनेक्शन से संबंधित कोई डेटा उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि बीएसएनएल के कर्मचारी उन्हें कनेक्शन की स्थिति के बारे में कोई जानकारी नहीं देते हैं। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि जब सरकार सभी कार्यों को डिजिटल करने पर जोर दे रही है, तो इंटरनेट के बिना ग्राम पंचायत के कार्य कैसे संभव होंगे।
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