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    Afghanistan में Pakistan की बड़ी कार्रवाई, Air Strike कर 70 TTP आतंकियों को मारने का दावा

    3 hours from now

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    पाकिस्तान ने देश मे हुए हालिया हमलों को लेकर जवाबी कार्रवाई के तहत अफगानिस्तान में कम से कम सात आतंकवादी ठिकानों पर सैन्य हमले कर 70 आतंकवादियों को मार गिराने का रविवार को दावा किया। जियो न्यूज़ के एक कार्यक्रम में पाकिस्तान के गृह राज्य मंत्री तलल चौधरी ने कहा, अफगानिस्तान लंबे समय से आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है। पाकिस्तान अपने नागरिकों के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा के लिए हरसंभव कदम उठा रहा है। चौधरी ने कहा कि मारे गए 70 आतंकवादियों में से अधिकांश पाकिस्तानी नागरिक थे। उन्होंने कहा, इस बात के पर्याप्त सबूत हैं कि मारे गए अधिकांश आतंकवादी पाकिस्तानी थे। इससे पहले, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने इस्लामाबाद, बाजौर और बन्नू में हुए हालिया आत्मघाती बम हमलों के जवाब में इन हमलों की पुष्टि की थी, वहीं काबुल ने इन हमलों के जवाब में आवश्यक और संयमित प्रतिक्रिया की चेतावनी दी थी। ताज़ा आतंकवादी घटना में, शनिवार को खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बन्नू इलाके में हुए एक आत्मघाती हमले में सेना के एक लेफ्टिनेंट कर्नल और एक सैनिक की मौत हो गई। मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, पाकिस्तान के पास इस बात के पुख्ता सबूत हैं कि इस्लामाबाद की शिया मस्जिद पर हमला और शनिवार को बन्नू में हुई घटना समेत आतंकवाद की ये घटनाएं कथित तौर पर ख्वारिज ने अफगानिस्तान स्थित अपने आकाओं और संचालकों के इशारे पर कीं।इसे भी पढ़ें: Pakistan की Afghanistan में Surgical Strike! आतंकी हमलों के बाद TTP के 7 कैंप किए ध्वस्त मंत्रालय ने कहा, ‘‘इन हमलों की जिम्मेदारी फितना-अल-ख्वारिज (एफएके) से संबंधित अफगानिस्तान आधारित पाकिस्तानी तालिबान और उनके सहयोगियों तथा इस्लामिक स्टेट ऑफ खुरसान प्रांत (आईएसकेपी) ने ली है।’’ सरकार फितना-अल-ख्वारिज शब्द का इस्तेमाल प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के लिए करती है। इसने कहा कि अफगान तालिबान शासन से बार-बार आग्रह किया गया कि वह आतंकवादी समूहों और विदेशी एजेंटों को पाकिस्तान में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए अफगान क्षेत्र का उपयोग करने से रोके, लेकिन इसके बावजूद वह उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई करने में ‘‘विफल’’ रहा। मंत्रालय ने कहा, ‘‘इस पृष्ठभूमि में, पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान-अफगान सीमा क्षेत्र में पाकिस्तानी तालिबान, एफएके और उसके सहयोगियों तथा आईएसकेपी से संबंधित सात आतंकवादी शिविरों और ठिकानों को खुफिया जानकारी के आधार पर सटीकता से निशाना बनाया है।’’इसे भी पढ़ें: Mark Chapman का बड़ा बयान, Pakistan की हर Strategy जानते हैं, उस्मान तारिक से निपटने को तैयारइसने कहा कि पाकिस्तान अंतरिम अफगान सरकार से अपने दायित्वों को पूरा करने की अपेक्षा को दोहराता है। मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान को यह भी उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय सकारात्मक एवं रचनात्मक भूमिका निभाते हुए तालिबान शासन से दोहा समझौते के तहत अपनी इन प्रतिबद्धताओं का पालन करने का आग्रह करेगा कि वह अन्य देशों के खिलाफ अपनी भूमि का उपयोग होने से रोके। इसने कहा कि यह कार्य क्षेत्रीय एवं वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसने कहा कि पाकिस्तान ने हमेशा क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने का प्रयास किया है, लेकिन ‘‘हमारे नागरिकों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।’’ इस बीच, अफगानिस्तान ने एक बयान में चेतावनी दी है कि पक्तिका और नंगरहार प्रांतों पर पाकिस्तानी हमलों का ‘‘आवश्यक और सोच-समझकर जवाब’’ दिया जाएगा। अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने कहा, ‘‘हमारी सीमाएं और हमारे लोगों की सुरक्षा हमारा पवित्र धार्मिक और राष्ट्रीय कर्तव्य है।’’ इसने कहा, ‘‘इन हमलों का उचित समय पर आवश्यक और सोच-समझकर जवाब दिया जाएगा।’’ अफगान मंत्रालय ने इन हमलों को अफगानिस्तान की राष्ट्रीय संप्रभुता, अंतरराष्ट्रीय कानून, पड़ोसियों के अच्छे संबंधों के सिद्धांतों और इस्लामी मूल्यों का ‘‘स्पष्ट उल्लंघन’’ करार देते हुए कहा कि इन हमलों में आम नागरिक और धार्मिक केंद्रों को निशाना बनाया गया और उसने इसे पाकिस्तान के भीतर खुफिया और सुरक्षा विफलताओं का ‘‘स्पष्ट प्रमाण’’ बताया। बयान में कहा गया कि अफगानिस्तान सीमा पार से हो रहे लगातार उल्लंघन के सामने चुप नहीं रहेगा और देश को अपनी क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करने का अधिकार है। पाकिस्तान और अफगान तालिबान के बीच संबंध बिगड़ गए हैं। पाकिस्तान अफगानिस्तान पर आरोप लगाता रहा है कि वह आतंकवादियों को हमलों के लिए अपनी धरती का इस्तेमाल करने से रोकने में नाकाम रहा है। पिछले साल अक्टूबर में, दोनों पक्षों के बीच संक्षिप्त रूप से सशस्त्र संघर्ष हुआ था। पाकिस्तानी सेना के अनुसार, इसमें 23 पाकिस्तानी सैनिक और 200 से अधिक अफगान तालिबान सैनिक मारे गए थे।
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