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    मैंने अनुष्का से कहा था- चाऊमीन वाले से दूर रहना:मेरठ में कबड्‌डी प्लेयर की सहेली बोली- वह साइको लगता था, उसके घर बुलडोजर चले

    2 hours ago

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    'मैं एक बार उस चाऊमीन वाले से मिली थी। तब मुझे उसका बिहेवियर अजीब लगा। तब मैंने अनुष्का से कहा था कि ये चाऊमीन वाला साइको टाइप है। इससे दूर ही रहा कर। तब अनुष्का ने कहा था कि वो कभी इससे खाने का सामान ले लेती है। उस हत्यारोपी को सख्त सजा मिले। उसके घर बुलडोजर चले। ' यह कहना है नेशनल कबड्डी खिलाड़ी अनुष्का की सहेली सोना का। दैनिक भास्कर की टीम सोमवार को मेरठ से 30 किमी. दूर चिरौड़ी गांव में अनुष्का के घर पहुंची। यहां उसके घरवालों और उसकी सहेलियों से बात की। अनुष्का की सहेली सोना ने बताया कि अक्सर वो मेरे घर आ जाती थी। हम साथ पढ़ते, एग्जाम की तैयारी करते। अनुष्का को इंटरनेशनल लेवल की कबड्‌डी प्लेयर बनना था। अनुष्का से सोना कब मिली? कैसे दोस्ती हुई? क्या वह अनुष्का से मिलने उसके रूम गई? अनुष्का ने उसे और क्या-क्या बताया था? पढ़िए रिपोर्ट… सहेली बोली- पांच साल पहले हम लोग मिले थे सोना ने बताया कि मेरी और अनुष्का की दोस्ती कृष्णा पब्लिक स्कूल में हुई थी। वो परफेक्ट प्लेयर थी। ब्वॉयकट हेयर्स, लड़कों जैसे कपड़े पहनना, वैसा ही सॉलिड प्लेयर वाला एटीट्यूड। हम दोनों सेम क्लास में थे, इसलिए हमारी दोस्ती हो गई। मैं अनुष्का को रिया बोलती थी, मैंने उसको निकनेम दिया था। बातचीत में पता चला वो चिरौड़ी गांव की रहने वाली है। गेम के कारण यहां कंकरखेड़ा में रेंट पर रुम लेकर रहती है। मैंने अनुष्का को अपने घर मोदीपुरम बुलाया। मेरी फैमिली से उसे मिलवाया। अनुष्का फिर कभी-कभी मेरे घर आ जाती थी। 11वीं में हम दोनों ने सेम हयूमेनिटीज स्ट्रीम भी ली। ताकि साथ पढ़ाई कर लेंगे। 10वीं के बोर्ड और 12वीं दोनों ही बोर्ड एग्जाम में हमने साथ बैठकर दिन, रात पढ़ाई की है। अनुष्का मेरे घर आती, यहीं रुकती हम मिलकर बोर्ड्स की तैयारी करते। अनुष्का और मैं 12वीं बोर्ड एग्जाम के हमारे लास्ट प्रैक्टिकल वाले दिन मिले थे। मार्च या अप्रैल की बात होगी। लास्ट प्रैक्टिकल पर हम मिले, तब उसने कहा था कि सोना कुछ अच्छा करना है। अब देख हम कब मिलेंगे। इसके बाद हमारी बात नहीं हुई। इसके बाद मैंने उसे कॉल की लेकिन उसका फोन नहीं मिला। रिजल्ट वाले दिन भी उससे बात नहीं हो पाई। हमने सोचा था कि रिजल्ट के दिन मिलेंगे और सेलिब्रेट करेंगे। कुछ आगे की प्लानिंग करेंगे। इसलिए मैं उसे फोन करती रही, लेकिन बात नहीं हुई। सोमवार को पता चला कि अनुष्का का मर्डर हो गया रिजल्ट के बाद जब मैंने किसी तरह उसके घर में कॉल करके पूछा कि अनुष्का कहां हैं तो मुझे पता चला कि वो मिसिंग है। सोमवार को सुबह न्यूजपेपर देखने के बाद पता चला कि अनुष्का का मर्डर हो गया है। हत्यारा वो चाऊमीन ठेले वाला है। सोना ने बताया ये चाऊमीन वाला अनुष्का के किराये के कमरे से करीब आधा किमी. की दूरी पर ठेला लगाता था। मैं उस चाऊमीन वाले से एक बार मिली। एक बार हम तीन-चार दोस्त थे। हम अनुष्का के रूम की साइड गए थे। हमें वहां उससे कुछ काम था। तब उसने कहा था कि चाऊमीन के ठेले के पास रुको मैं आती हूं। हम वहां खड़े थे, तभी ठेला वाला खुद ही बोला आप लोग अनुष्का के दोस्त हो। वह हमसे दोस्तों की तरह बातें करने लगा। उसने हमें खाना ऑफर किया। मगर हम लोगों ने मना कर दिया। उसका बर्ताव अच्छा नहीं था। वह साइको जैसा लगा। तब हम लोगों ने अनुष्का को इससे अलर्ट रहने के लिए कहा था। अनुष्का ने अग्निवीर का भी फार्म भरा था सोना ने बताया कि मुझसे अनुष्का कहती थी कि मुझे मेरी मम्मी, पापा को अच्छी लाइफ देना है। इसलिए मैं अच्छे मुकाम पर पहुंचना चाहती हूं। वह कहती थी कि मेरे लिए स्पोर्ट्स ही सबकुछ है। वह देश के लिए कुछ करना चाहती थी। इसलिए उसने अग्निवीर का भी फार्म भरा था। वो भर्ती की तैयारी कर रही थी। सुबह 5 बजे उठकर रेस करती। दिनभर एक्सरसाइज करती। मगर हत्या करने वाले ने न सिर्फ उसके ख्वाबों की हत्या की, बल्कि उसके मां-बाप के सपनों को भी मार दिया। पुलिस आरोपी पर सख्त कार्रवाई करे पुलिस ने इस मामले में पूरी लापरवाही की है। आरोपी चाऊमीन ठेले वाला है। वो पहले भी एक हत्या कर चुका था। उस पर मुकदमा है, वो जेल से जमानत पर बाहर आया है। जब खिलाड़ी ही सुरक्षित नहीं है, तो आम लड़कियों की सुरक्षा किसके भरोसे है। मां, बाप ये माहौल देखकर अपनी लड़की को बाहर पढ़ने कैसे भेज पाएंगे? लड़कियां तो घरों में कैद रह जाएंगी। मैं चाहती हूं कि आरोपी पर सख्त कार्रवाई हो। एसएसपी मेरठ अविनाश पांडेय का कहना है कि परिवार ने मृतका की शिनाख्त कर ली है, बॉडी को पोस्टमार्टम के बाद परिवार को सौंप दिया गया है। आरोपी ने ईंट मारकर हत्या करने के बाद शव को बोरे में भरकर नाले में फेंककर छिपा दिया था। पुलिस ने सीसीटीवी और कॉलडिटेल के आधार पर आरोपी को अरेस्ट किया तो उसने हत्या की बात कुबूली है। कारण 3600 रुपए की उधारी के अलावा गलत मुकदमे में फंसा देने की बात सामने आई है। हर बिंदु पर पुलिस जांच कर रही है। आरोपी को अरेस्ट कर जेल भेज दिया गया है, उसकी क्राइम हिस्ट्री भी खंगाली जा रही है। अब सिलसिलेवार तरीके से पूरा मामला समझ लीजिए- बोरे में भरकर फेंका शव, आधा गलकर कंकाल बना पुलिस का कहना है कि शव को बोरे में भरकर फेंका गया था। कीचड़ में धसने के कारण बोरा ऊपर नहीं आ सका। इससे किसी को भी शव का पता नहीं चला। डेढ़ महीने बीत जाने की वजह से शव करीब 50% तक गलकर कंकाल में बदल गया था। पिता नेमपाल ने बताया कि पुलिस ने उन्हें मोबाइल में फोटो दिखाकर कहा कि यह अनुष्का का शव है। लाश की हालत देखकर कुछ भी स्पष्ट समझ नहीं आ रहा था। सोमवार को चार ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर परिजन और ग्रामीण पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे। इसके बाद अनुष्का की मां ने शव देखा और कहा कि यह उनकी बेटी नहीं है। परिवार ने डेडबॉडी लेने से इनकार कर दिया। सभी एसएसपी ऑफिस पर पहुंच गए। यहां करीब 1 घंटे तक पुलिस और परिजनों के बीच बातचीत होती रही है। एसएसपी के समझाने के बाद घरवाले शांत हुए। वह शव ले जाने के लिए राजी हो गए। एसएसपी ने भरोसा दिलाया है कि जल्द डीएनए रिपोर्ट मंगा ली जाएगी। गाजियाबाद में टू खेलने गई थी अनुष्का अनुष्का की हत्या की जानकारी मिलते ही परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता नेमपाल ने बताया- आखिरी बार अनुष्का गाजियाबाद में कबड्डी प्रतियोगिता खेलने गई थी। वहां उसने 60 हजार रुपए पुरस्कार के रूप में भी जीते थे। उस समय अनुष्का ने बताया था कि उसकी सहेली की मां की तबीयत खराब थी, जिसके कारण उसने वह पैसे उसे दे दिए थे। उन्होंने बताया- अनुष्का जब भी मेडल जीतकर घर लौटती थी तो पूरा गांव झूम उठता था। परिवार में खुशी का माहौल रहता था। सभी को उम्मीद थी कि उनकी बेटी आगे चलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करेगी। लेकिन, आरोपी ने सिर्फ 3600 रुपए के लिए उसकी जान ले ली। 2024 में जमानत पर आया था आरोपी पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी फास्टफूड संचालक श्याम पर पहले भी एक महिला की हत्या का आरोप लग चुका है। वह साल 2024 में जमानत पर जेल से बाहर आया था। पिछले दो साल से रोहटा रोड पर फास्टफूड की दुकान चला रहा था। अनुष्का की हत्या के बाद से उसकी दुकान बंद पड़ी है। सपा नेता ने खिलाड़ी के परिवार को मदद दी अनुष्का के अंतिम संस्कार में सपा नेता सरधना विधायक अतुल प्रधान भी पहुंचे। अतुल प्रधान ने पहले अंतिम संस्कार में भाग लिया। इसके बाद उन्होंने एक लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। लगभग एक घंटे बाद अतुल प्रधान दोबारा पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने परिवार को एक लाख रुपए की सहायता दी है। अतुल प्रधान ने पीड़ित परिवार को एक लाख रुपए दिए हैं।
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