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    'मेरा पति जल्लाद था, बरेली पुलिस का बहुत शुक्रिया'- सायमा:पुलिस एनकाउंटर में ढेर अफसर की पत्नी बोली- ‘अगर वो जिंदा रहता तो मुझे और बच्चों को मार डालता’

    2 hours ago

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    "मेरा पति जल्लाद था, वो मुझे और मेरे बच्चों को बहुत मारता-पीटता था। वो मेरे बच्चों की गर्दन पर चाकू रखकर मुझे ब्लैकमेल करता था। दो दिन से मेरा रोजा था, मुझे कुछ खाने को भी नहीं दिया था। मेरी मां ने मुझे बुलाया था कि घर पर आकर रोजा खोल लेना, तभी मेरे पति अफसर खान उर्फ बौरा ने मेरी मां और मुझे मारा। बरेली पुलिस का बहुत-बहुत शुक्रिया, मेरे पति का एनकाउंटर हो गया। अगर पुलिस उसे नहीं मारती तो वो मुझे और मेरे बच्चों को मार देता। मैं बरेली पुलिस के पैर पकड़कर उनका शुक्रिया अदा करना चाहती हूं।" ये कहना है एनकाउंटर में ढेर हुए अफसर की पत्नी सायमा का। बरेली के खुशलोक हॉस्पिटल में भर्ती सायमा की हालत गंभीर बनी हुई है। उसे जब पता चला कि उसके पति का एनकाउंटर हो गया है, तो उसके चेहरे पर राहत के भाव थे। उसने कहा- “अल्लाह का शुक्र है, अब मेरे बच्चे और हम सब सुरक्षित रहेंगे।” सायमा की आपबीती: ‘9 साल के जुल्म का अंत हुआ, वह इंसान नहीं जानवर था’ अस्पताल के बिस्तर से सिसकते हुए सायमा ने बताया, "मेरी शादी 2017 में हुई थी, तब से आज तक मैं एक भी दिन खुश नहीं रही। मेरा पति अफसर उर्फ बौरा मुझे और बच्चों को आए दिन बेरहमी से पीटता था। वह काम तो करता था, लेकिन पैसे दबाकर रखता था, हमें कुछ नहीं देता था। मेरी मम्मी मेरा ख्याल रखती थीं तो वह उनसे भी जलता था। इससे पहले उसने मेरे पिता के सिर पर हमला किया था, उनके सिर में आज भी चोट का निशान है। रविवार को उसने मुझ पर तमंचा तान दिया था, जिसकी शिकायत मैंने इज्जतनगर थाने में की थी। 2022 में भी मैंने घरेलू हिंसा का मुकदमा दर्ज कराया था, लेकिन तब उसने पैसे खिलाकर मामला शांत करा दिया था। मुझे पता चला था कि उसने अपने मामा की भी हत्या की थी, पर मुझे लगा शायद शादी के बाद सुधर जाएगा। लेकिन वह सुधरने के बजाय जल्लाद बन गया। वह अक्सर बच्चों की गर्दन पर छुरी रख देता था। मेरे सास-ससुर नहीं हैं, जेठ-जेठानी बस दिखावे के लिए डांटते थे, लेकिन अंदर से उसी का साथ देते थे।" पंचायत में बात करने बुलाया और चाकुओं से कर दिया हमला वारदात वाले दिन को याद कर सायमा सिहर उठती है। उसने बताया, "दो दिन से घर में खाना नहीं बना था, मैं रोजे से थी। मम्मी ने इफ्तार के लिए घर बुलाया था। अगले दिन उसने फोन किया कि कुछ बात करनी है। मैंने मना कर दिया तो वह मेरे चाचा के घर पहुंच गया। चाचा-चाची ने कहा कि वह सिर्फ बात करना चाहता है, तुम आ जाओ। मैं अपने भाई और मां के साथ वहां पहुंची। वहां पहुंचते ही वह गाली-गलौज करने लगा। जब मेरा भाई उस पर हावी होने लगा, तो उसने अचानक हमला कर दिया। उसने बड़ी तरकीब से चाकू छिपा रखा था। पहले उसने मेरे भाई को मारा, फिर मुझ पर वार किया और फिर मेरी मां को गोद डाला। मेरे चाचा लोग देखते रह गए, जब मेरा खून निकला तब उन्हें समझ आया कि उसने चाकू मार दिया है। मुझे नहीं पता था कि वह कत्ल के इरादे से आया है। अब वह मर गया तो मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता, कम से कम मेरे बच्चे तो सुरक्षित हैं।" डॉक्टर का बयान: ‘सायमा की हालत नाजुक, सीने और पेट में गहरी चोट’ खुशलोक हॉस्पिटल के डॉक्टर विनोद पगरानी ने सायमा की स्थिति पर जानकारी देते हुए बताया, “मरीज (सायमा) की हालत अभी काफी गंभीर है। उसके सीने और पेट में चाकू के गहरे घाव हैं। हमारे गैस्ट्रो सर्जन और डॉक्टरों की टीम उसका लगातार इलाज कर रही है। फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती इंटरनल ब्लीडिंग को पूरी तरह नियंत्रित करना है। जब वह इस स्थिति में आ जाएगी कि ऑपरेशन किया जा सके, तब उसे ओटी (OT) में लिया जाएगा। फिलहाल उसे वेंटिलेटर पर नहीं रखा गया है, लेकिन जान का खतरा बना हुआ है।” एसएसपी का बयान: ‘डबल मर्डर के आरोपी ने घेराबंदी देख पुलिस पर की फायरिंग’ एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि सोमवार को इज्जतनगर के रहपुरा चौधरी में पंचायत के दौरान आरोपी अफसर खान ने अपनी सास आसमा और साले आदिल की चाकू गोदकर हत्या कर दी थी और पत्नी को मरणासन्न कर दिया था। वारदात के बाद आरोपी फरार हो गया था। एसएसपी के मुताबिक, “आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पांच टीमें गठित की गई थीं। मंगलवार सुबह सहारा ग्राउंड के पास पुलिस ने उसे घेरा। खुद को घिरा देख आरोपी ने पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी अफसर उर्फ बौरा को गोली लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौके से असलहा और कारतूस बरामद किए गए हैं।” सायमा को फिलहाल यह नहीं बताया गया है कि इस हमले में उसकी मां आसमा और भाई आदिल की मौत हो चुकी है। वह अस्पताल में अपनी और अपने परिवार की सलामती की दुआ कर रही है।
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